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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 74581 (ALL)

RAKESH KUMAR PATEL @ BANTI PATEL v. State of U.P.

BAIL/25594/2024 · 2025-04-28

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:66527 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25594 of 2024 Applicant :- Rakesh Kumar Patel @ Banti Patel Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Lalit Kumar Tripathi,Om Prakash Prajapati,Ranjeet Verma,Vindeshwari Prasad Counsel for Opposite Party :- Bal Ram Bind,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक रमाकवे श कक ममार पटवेल उरर बबंटट पटवेल ककी ओर सवे मक०अ०स० 88/2024 अन्रररर धमारमा 436/ 336/ 427 भमा०दबं०वव० रमानमा सकजमानरबंज, जजलमा जजौनपकर मम जममानर पर मकक्त करनवे हवेरक प्रस्रकर वकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा एवबं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको सकनमा ररमा पतमावलट कमा पररशटलन वकयमा। 3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे पपूरकशपर पत दमाजखिल वकयमा उसवे पतमावलट पर रखिमा जमाए। 4. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रकर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवबं रजर्जी ढबंर सवे झपूठमा रबं समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै , ररमाकजरर घटनमा कमा ककोई स्वरबंत रवमाह नहहीं हहै। ममामलवे कवे अवभयकोजन समाकट सबं. 01 सबंरकोष कक ममार पटवेल नवे अवर न्यमायमालय मम यह बयमान वदयमा वक मवेरवे दककमान मम जलनवे सवे जको सममान नष हहआ रमा उसककी रसटद व वबल आज न्यमायमालय मम दवे दपूबंरमा लवेवकन मम आज उपरकोक्त वबल व रसटद नहहीं लमायमा हहबं। लवेवकन मम जरूरर पड़नवे पर न्यमायमालय कको दवे सकरमा हहबं। मवेरवे पमास सट.सट.टटवट. रक टवेज कवे अलमावमा अन्य वकसट प्रमाकमार कवे समाक्ष्य नहहीं हहै। जजसकवे आधमार पर रमाकवे श उरर बन्टट कको इस कजरर घटनमा मम अवभयकक्त बरमायमा जमा सकवे । 5. अरतः ररमाकजरर घटनमा कमा ककोई स्वरबंत रवमाह नहहीं हहै ररमा सट.सट.टट.वट रक टवेज कमा 65/1 प्रमाममारपत सवे समजररर नहहीं हहै। इस प्रमाकर आववेदक कवे ववरूद्ध ककोई भट प्रत्यक यमा परकोक समाक्ष्य पतमावलट मम मजौजपूद नहहीं हहै। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 03.05.2024 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 6. पररवमादट कवे ववदमान अजधवक्तमा एवबं ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रकर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सबंजवेय एवबं रबंम्भटर प्रकक वर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 7. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोबं कवे पररप्रवेक्ष्य प्रश्नरर प्रकरर मम पतमावलट पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एवबं पररणस्रवरययों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद, सबपूरयों ककी प्रकक वर और वकसट भट ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रट ककी अनकपणस्रवर एवबं उपलब्ध समामग्रट सवे छवेड़छमाड़ ककी सबंभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरट रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मकक्त करनवे कमा उपयकक्त आधमार हहै। 8. अरतः वमाद कवे रकर दकोष पर वबनमा ककोई वटप्परट वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम सबंबबंजधर न्यमायमालय ककी सन्रकवष पर व्यवक्तरर बबंध -पत एवबं उसट धनरमावश कवे दको प्रवरभपू प्रस्रकर करनवे पर वनम्नजलजखिर शरर्दोबं कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचनमा यमा परटकर कवे दजौरमान अवभयकोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अवभयकोजन समावकययों व पटवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा , वह परटकर कवे दजौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परटकर मम ईममानदमारट सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरबंतरमा कमा दकरूपयकोर नहट करवेरमा और वकसट भट अपरमाजधक रवरववजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररवचर वकसट भट व्यवक्त यमा पकजलस अजधकमाररययों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हट उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़ उपरकोक्त शरर्दोबं मम सवे वकसट कवे उलबंघन कवे ममामलवे मम , परटकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानकसमार रद्द करनवे कको स्वरबंत हहै। Order Date :- 29.4.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad