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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 74330 (ALL)

ASHISH SHUKLA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/5558/2025 · 2025-07-15

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:114946 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5558 of 2025 Applicant :- Ashish Shukla Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Gaurav Kumar Singh,Sarwam Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा शदी सदी .पदी. वतिववारिदी ककी तिरिफ सके आज वकवालतिनवामवा प्रस्तितुति वकयवा गयवा, धजसके पतवावलदी परि रिखवा जवाए। 2. यह आवकेदक कवा वदतिदीय अवग्रिम जमवानति प्रवाररनवापत हहै। आवकेदक कवा प्ररम दवाणणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमवानति प्रवाररनवापत ससं० 12920/2023, आदकेश वदनवासंवकति 27.05.2025 कको आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा ककी अनतुपणस्रवति कके कवारिर वनरिस्ति वकयवा जवा चतुकवा हहै। 3. वतिरमवान दवाणणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमवानति प्रवाररनवा पत आवकेदक आशदीष शतुक्लवा ककी ओरि सके मतु०अ०स० 241/2023, अन्तिगरति धिवारिवा 419, 420, 467 भवा.दसं.ससं., रवानवा कतु लपहवाड, धजलवा महकोबवा मम अवग्रिम जमवानति परि मतुक करिनके हकेतितु प्रस्तितुति वकयवा गयवा हहै। 4. आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा, पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा एवसं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा शदी चसंदन धससंह कको सतुनवा तिरवा पतवावलदी कवा पररिशदीलन वकयवा। 5. आवकेदक कके ववदवान अधधिवकवा नके तिकर प्रस्तितुति वकयवा वक आवकेदक वनदर्दोष हहै , उसके उपरिकोक धिवारिवाओसं मम दकेषवश तिसंग व परिकेशवान करिनके ककी वनयति सके आधलप वकयवा गयवा हहै, उसके आशसंकवा हहै वक उसके उपरिकोक ववररति मवामलके मम वगरिफ्तिवारि वकयवा जवा सकतिवा हहै, जबवक उसकके ववरूद्ध ककोई ववश्वसनदीय सवाक्ष्य नहहीं हहै। आवकेदक दवारिवा प्रवारवमककी मम दवशरति उपरिकोक धिवारिवाओसं कवा अपरिवाधि कवाररिति नहहीं वकयवा गयवा हहै। आवकेदक दवारिवा ककोई कक टरिवचति दस्तिवावकेज तिहैयवारि नहहीं वकयके गयके हह। ववदवालय कके प्रवाचवायर उससके दकेष रिखतिके रके औरि इस कवारिर उनकके दवारिवा आवकेदक कके मकेवण्डिकल प्रपत कहहीं गवायब करिवा वदयके गयके औरि एक गलति व फजर्जी मकेवण्डिकल प्रमवार पत कवा सत्यवापन करिवातिके हहयके उसदी आधिवारि परि कधरति झकठवा मतुकदमवा दजर करिवाकरि उसकको झकठवा फसं सवा वदयवा गयवा हहै। उसककी वनयतुवक कवा ववधधिक प्रवाधधिकवारिदी सम्पकरवारनन्द ससंस्कक ति ववश्वववदवालय ववारिवारसदी कवा कतु लपवति हकोतिवा हहै धजसकके दवारिवा नवावमति दको ववषय ववशकेषजज्ञों ककी उपणस्रवति मम गवठति चयन सवमवति नके उसकको चयवनति वकयवा रवा। उसककी वनयतुवक कवा अनतुमकोदन कतु लपवति महकोदय कके आदकेश वदनवासंक 01.08.2016 दवारिवा प्रदवान वकयवा गयवा रवा धजसककी पतुवष ववश्वववदवालय कके आदकेश वदनवासंक 23.08.2016 सके ककी जवा सकतिदी हहै। ववाददी मतुकदमवा नके अपनके पद कवा दतुरूपयकोग करितिके हहयके ववदकेष ककी भवावनवा सके उत्प्रकेररिति झकठके तिथ्यज्ञों कके आधिवारि परि प्रवारवमककी दजर करिवा ददी गयदी हहै। आवकेदक ककी ओरि सके यह भदी आश्ववासन वदयवा गयवा हहै वक वह कवानकन ककी प्रवक्रियवा मम सहयकोग करिनके कके धलए तिहैयवारि हहै औरि जब भदी आवश्यकतिवा हकोगदी वह ईमवानदवारिदी सके न्यवायवालय कके समक्ष खतुद कको उपलब्धि करिवाएगवा औरि उन सभदी शतिर्दोसं कको स्वदीकवारि करिनके कके धलए भदी तिहैयवारि हहै जको न्यवायवालय उस परि अधधिरिकोवपति करिकेगदी। 6. ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा दवारिवा यह तिकर प्रस्तितुति वकयवा गयवा वक अवभयतुक दवारिवा कवाररिति अपरिवाधि गसंभदीरि प्रकक वति कवा हहै तिरवा पतवावलदी परि उपलब्धि अवभलकेखदीय सवाक्ष्य सके यह स्पष हहै वक आवकेदक ववदवालय सके अनतुपणस्रति हकोनके कके कवारिर वनलणम्बति चल रिहके रके औरि वनलम्बन अवधधि कके ददौरिवान कवायरभवारि ग्रिहर करिनके हकेतितु आवकेदक दवारिवा मकेवण्डिकल प्रमवार पत तिहैयवारि करि वदनवासंक 21.06.2023 कको प्रस्तितुति वकयवा गयवा। मकेवण्डिकल प्रमवार पत कवा सत्यवापन करिवायके जवानके परि फजर्जी पवायवा गयवा, धजससके आवकेदक कके ववरुद्ध उक आरिकोवपति अपरिवाधि बनतिवा पररिलवक्षति हकोतिवा हहै तिरवा आवकेदक कके ववरुद्ध आरिकोपपत ससंबसंधधिति ववचवारिर न्यवायवालय मम दवाधखल वकयवा जवा चतुकवा हहै, इसधलए आवकेदक कको अवग्रिम जमवानति परि मतुक वकयके जवानके कवा ककोई औवचत्य प्रतिदीति नहहीं हकोतिवा हहै। अतितः अवभयतुक कवा अवग्रिम जमवानति आवकेदन पत वनरिस्ति वकयवा जवाय। 7. यह कहवा जवा सकतिवा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कके मवामलके मम मवाननदीय उच्चतिम न्यवायवालय नके मवानवा हहै वक अवग्रिम जमवानति परि वनररय करितिके समय न्यवायवालय कको आरिकोप ककी प्रकक वति औरि गसंभदीरितिवा, अवभयतुक कवा पकवरवकत, अवभयतुक कके न्यवाय सके भवागनके ककी ससंभवावनवा परि ववचवारि करिनवा चवावहए तिरवा न्यवायवालय कको अवभयतुक कके ववरुद्ध उपलब्धि ससंपकरर सवामग्रिदी कवा सवावधिवानदीपकवरक मकल्यवासंकन करिनवा चवावहए तिरवा अवभयतुक ककी सटदीक भकवमकवा कको भदी ध्यवान मम रिखनवा चवावहए। 8. वतिरमवान मवामलके मम अवग्रिम जमवानति ससंबसंधिदी ववधधि कके स्रवावपति धसद्धवासंतिज्ञों कको ध्यवान मम रिखतिके हहए औरि पक्षकवारिज्ञों कके ववदवान अधधिवकवाओसं कके करनज्ञों , आरिकोपज्ञों ककी प्रकक वति, आवकेदक ककी भकवमकवा औरि मवामलके कके सभदी तिथ्यज्ञों एवसं पररिणस्रवतियज्ञों कको ध्यवान मम रिखतिके हहए तिरवा मवामलके कके गतुर -दकोष परि वबनवा ककोई ववचवारि व्यक वकए यह अवग्रिम जमवानति आवकेदन पत स्वदीकवारि वकए जवानके यकोग्य नहहीं हहै , तिद्नतुसवारि आवकेदक कवा अवग्रिम जमवानति आवकेदन पत अस्वदीकवारि वकयवा जवातिवा हहै। 9. उपरिकोकवानतुसवारि ववाद कके गतुर-दकोष परि वटप्परदी वकयके बगहैरि यह अवग्रिम जमवानति प्रवाररनवापत वनरिस्ति वकयवा जवातिवा हहै। 10. इस ववाद मम यवद ककोई असंतिररिम आदकेश हको , तिको वह स्वतितः समवाप समझवा जवाए। 11. कवायवारलय कको वनदरवशति वकयवा जवातिवा हहै वक इस आदकेश ककी एक प्रवतिधलवप अववलम्ब ससंबसंधधिति ववचवारिर न्यवायवालय कके भकेजनवा सतुवनणश्चति करिम। Order Date :- 16.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad