SMT. RUKSAR AND ANOTHER v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS
WRIC/22401/2025 · 2025-07-14
Gautam Chowdhary
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[ 2025 DAILYLAW 74231 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:114913 Court No. - 70 Case :- WRIT - C No. - 22401 of 2025 Petitioner :- Smt. Ruksar And Another Respondent :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Petitioner :- Vidya Shanker Pandey Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble Dr.
Gautam Chowdhary,J. 1- ययचचगण कक ववदयन अधधवकय एवव ववदयन सथययच अधधवकय शच पभयस कक मयर वतवयरच कक सकनय तथय पतयवलच कय पररशचलन वकयय। 2- ययचचगण कक ओर सक इस ययवचकय कक मयधयम सक, ययचचगण एक परमयदकश ररट जयरच करनक कक मयमग कर रहक हह, धजसमम पतयकतरदयतयगण कक, ययचचगण कक पवत और पतनच कक रप मम शयननतपपणर वहवयवहक जचवन मम हसतककप न करनक कय वनदरश वदयय जयय तथय सवबवधधत अधधकयररयय कक यह वनदरश दकनक कक मयवग कक गयच हह वक वक ययतचगण कक सकरकय पदयन करम। 3- ययचचगण कक ववदयन अधधवकय नक तकर पसतकत वकयय वक ययचचगण वयसक हह और उनहयनक अपनच मजर और सहमवत सक वबनय वकसच दबयव कक एक दपसरक कक सयथ वववयह कर धलयय हह और दकनय पवत- पतनच कक रप मम दयमपतय जचवन वयतचत कर रह रहक हह, ययचचगण नक अपनक उम कक समथरन मम अपनक- अपनक आधयर कयरर कक पवतधलवप, ययवचकय कक सयथ सवलग वकयय हह, धजनकक अवलककन सक यह सपष हह वक दकनय ययचचगण बयधलग हह ययवचकय मम वदए गए कथन ययचचगण कक सवयकक हलफनयमय दयरय समधथरत हह। इसकक अलयवय यह भच अनकरकध वकयय गयय हह वक वनजच पतयकतरदयतय और पररवयर कक अनय सदसय ययचचगण दयरय वकए गए इस वववयह सक नयरयज हक गए हह और उनकक दयरय ययचचगण कक धमकक दच जय रहच हह और उनहम परकशयन वकयय जय रहय हह धजसकक कयरण ययचचगण कक जचवन कक गवभचर खतरय हह। 4- ययचचगण कक ववदयन अधधवकय कय यह भच कथन हह वक ययचचगण नक अपनक वववयह कय पवजचकरण भच करय धलयय हह, जक ययवचकय कक सयथ सवलग हह। 5- ययचचगण नक ययवचकय मम कहय हह वक वक पवत- पतनच कक रप मम रह रहक हह तथय उनहम आशवकय हह वक वनजच पतयकतरदयतय अपनक पररवयर कक सममयन कक धलए घकर उपहवत कयररत अथवय उनहम खतम कर सकतक हह, यवद यह नययययलय उनहम सकरकय पदयन नहह करतय हह तक उनकय जचवन खतरक मम पड सकतय हह। 6- पसतयववत आदकश पयररत वकए जयनक कक दवषगत वनजच पतयकतरदयतय कक नकवटस जयरच करनक कक ककई आवशयकतय नहह हह, पककयरय कक ओर सक उपनसथत ववदयन अधधवकयओव कक सहमवत सक इस ररट ययवचकय कक नययययलय कक वनयमय कक अनकसयर इस सतर पर अननतम रप सक वनसतयरण वकयय जय रहय हह। 7- मयननचय उचचतम नययययलय नक कई वनणरयय मम यह कयनपन तय वकयय हह वक जहयम एक लडकय और लडकक बयधलग हह और वक अपनच सवतवत इचछय सक एक सयथ रह रहक हह तक उनकक मयतय- वपतय सवहत वकसच कक भच उनकक सयथ
रहनक मम हसतककप करनक कय अधधकयर नहह हह। मयननचय उचचतम नययययलय दयरय इस सवबवध मम Gian Devi v. The Superintendent, Nari Niketan, Delhi and others, (1976) 3 SCC 234; Lata Singh v. State of U.P. and another, (2006) 5 SCC 475; and Bhagwan Dass v. State (NCT of Delhi), (2011) 6 SCC 396, which have consistently been followed by the Supreme Court and this court, as well as of this Court in Deepika and another v. State of U.P. And others, 2013 (9) ADJ 534. The Supreme Court in Gian Devi (supra) has held as under:
"Whatever may be the date of birth of the petitioner, the fact remains that she is at present more than 18 years of age. As the petitioner is sui juris no fetters can be placed upon her choice of the person with whom she is to stay, nor can any restriction be imposed regarding the place where she should stay.
The court or the relatives of the petitioner can also not substitute their opinion or preference for that of the petitioner in such a matter." 8-
मयमलक कक तथयय एवव पररनसथवतयय कक दवषगत इस नययययलय कय मत हह वक
ययचचगण एक सयथ रहनक कक धलए सवतवत हह तथय वकसच भच वयवक कक उनकक
शयननतपपणर जचवन वनवयरह करनक मम हसतककप करनक कक अनकमवत नहह दच जयएगच।
यवद ययचचगण कक शयननतपपणर जचवन वनवयरह मम ककई वयवधयन उतपन हकतय हह तक
ययचचगण सवबवधधत वररष पकधलस अधचकक/
पकधलस अधचकक (
पतयकतरदयतय सव० 2)
सक इस आदकश कक पमयवणत पवतधलवप कक सयथ सवपकर करमगक,
और उक
पतयकतरदयतय सव० 2
कक वनदरवशत वकयय जयतय हह वक वक ययचचगण कक ततकयल
सकरकय पदयन करमगक। 9-
वनजच पतयकतरदयतय कक यह सवतवततय पदयन कक जयतच हह वक यवद ययचचगण
दयरय अवभलकख पर लयए गए दसतयवकज मनगढनत यय फजर हह तक वक इस आदकश
कक वयपस लकनक कक धलए ररककल आवकदन दययर करनक कक धलए सवतवत हयगक। 10-
यह सपष वकयय जयतय हह वक इस नययययलय नक ययचचगण कक कधथत वववयह
पर ककई वनणरय नहह वदयय हह और यह आदकश वकसच भच तरह सक ययचचगण कक
वववयह कक वहधतय कक बयरक मम ककई रयय नहह वयक करतय हह। 11-
उपरकक वटपपवणयय कक सयथ यह ररट ययवचकय आववशक रप सक वनसतयररत
कक जयतच हह। मपलय कक बयरक मम ककई आदकश नहह पयररत वकयय जय रहय हह। Order Date :- 15.7.2025 CP.sahani Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad