Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 7403 (ALL)
SUNEEL DUBEY ALIAS LALLU v. STATE OF U.P.
BAIL/1318/2025 · 2025-07-24
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 7403 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 7403 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:123462 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 1318 of 2025 Applicant :- Suneel Dubey Alias Lallu Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ram Chandra Uttam,Vikas Kumar Chaubey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ससुननील दसुबवे उरर ललल ककी ओर सवे मसु०अ०स० 31/2024, अन्रररर धमारमा 379/ 427/ 420/ 411/ 120 बनी भमा.दद.सद., रमानमा हरबदश, जजलमा कमानपसुर नरर मम जममानर पर मसुक्त करनवे हवेरसु प्रस्रसुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवद कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको ससुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रसुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद रजर्जी ढदर सवे झलठमा रद समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। प्ररम सलचनमा ररपकोरर अजमार मम हहै। वमादनी मसुकदममा दमारमा जजस प्रकमार ककी कहमाननी प्ररम सलचनमा ररपकोरर मम अदककर करमायनी हहै उस ररह ककी घरनमा कवश्वसननीय नहहीं हहै। अकभयसुक्त कवे कब्जवे सवे ककोई ममाल बरमामद नहहीं हहआ हहै। अकभयसुक्त कको रजर्जी रफॅ समायमा रयमा हहै। उसवे जनपद कमजमारपसुर सवे रमाकत मम सकोरवे समय पसुजलस दमारमा कररफ्रमार ककयमा हहै। वह खवेरनी कमा कमायर करकवे अपनमा जनीवनयमापन कररमा हहै। पसुननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानलन ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हकोरनी वह ईममानदमारनी सवे अदमालर कवे समक्ष खसुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरतों कको स्वनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरनी। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 07.07.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
4. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रसुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भनीर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
5. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलनी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवद पररणस्रकरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबलरतों ककी प्रकक कर और
ककसनी भनी ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रनी ककी अनसुपणस्रकर एवद उपलब्ध समामग्रनी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरनी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मसुक्त करनवे कमा उपयसुक्त आधमार हहै।
6.
अरनः वमाद कवे रसुर दकोष पर कबनमा ककोई करप्परनी ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रसुकष्टि पर व्यकक्तरर बदध -पत एवद उसनी धनरमाकश कवे दको प्रकरभल प्रस्रसुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परनीक्षर कवे ददौरमान अकभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षयतों व पनीकड़रमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरनी, वह परनीक्षर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परनीक्षर मम ईममानदमारनी सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दसुरूपयकोर नहनी करवेरमा और ककसनी भनी अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररकचर ककसनी भनी व्यकक्त यमा पसुजलस अजधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हनी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे ककसनी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परनीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानसुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 25.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad