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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 73888 (ALL)

SATYAM UMAR VAISHYA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/5522/2025 · 2025-07-20

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:118183 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5522 of 2025 Applicant :- Satyam Umar Vaishya Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Dharmendra Kumar Chaubey,Dipalee Sahu,Sunil Kumar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक सत्यम उमर ववैश्य ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 0125 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 376/ 506 भमा०दसं०गव०, रमानमा ममुररमा बमादशमाहपमुर , जजलमा जजौनपमुर मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हवै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हवै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हवै, प्ररम ससूचनमा ररपकोरर अत्यजधक गवलम्ब सवे करमायरी रयरी। परीगड़िरमा पसूरररतः बमाजलर हवै उसमम सहरी रलर समझनवे ककी क्षमरमा हकोनरी चमागहए। परीगण्डिरमा कवे धमारमा 164 दसं.प्र.ससं. कवे बयमान अवलकोकन सवे यह दगशरर हकोरमा हवै गक आववेगदकमा एक सहमर पक्षकमार हवै। आववेदक कको आशसंकमा हवै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हवै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हवै। उनकमा यह भरी करन हवै गक आववेदक कमा ककोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हवै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभरी रक ककोई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हवै। पमुनतः उनकमा करन हवै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे दजौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हवै गक वह जमॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हवै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रवैयमार हवै और जब भरी आवश्यकरमा हकोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोसं कको सवरीकमार करनवे कवे जलए भरी रवैयमार हवै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेररी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभरीर प्रकक गर कमा हवै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हवै। अरतः अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोड़िमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकरमा हवै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हवै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभरीररमा, आरकोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपरी ककी वमासरगवक भसूगमकमा पर भरी गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्ष कवे रकर्दोसं एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधरी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों, आरकोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर -दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे यकोग्य हवै। रद्नमुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हवै। 7. उपरकोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणम्मजलर आववेदक ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमाररी ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसरी धनरमागश कवे दको प्रगरभसू प्रसरमुर करनवे पर, सत पररीक्षर कवे गनसरमारर रक गनम्न शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्ष अपवेगक्षर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसरी व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको प्रत्यक्ष यमा परकोक्ष रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्ष यमा गकसरी पमुजलस अजधकमाररी कवे समक्ष प्रकर न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवचमारर कवे दजौरमान सहयकोर करवेरमा और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमाररी /अगभयकोजन पक्ष कको, आववेदक कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसररीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोरमा। 8. रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकोक गरप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हवै। Order Date :- 21.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad