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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 73478 (ALL)

SMT. RAMSAKHI v. STATE OF U.P.

BAIL/23997/2025 · 2025-08-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:130772 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23997 of 2025 Applicant :- Smt. Ramsakhi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Keshari Nath Tripathi,Noor Mohammad Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका एववं रकाज्य ककी तरफ सवे दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका कको ससुनका तथका पतकावलली कका पररशलीलन दकयका। 2. वतरमकान दिकाणणण्डिक प्रककीरर जमकानत प्रकाथरनका पत आववेददिकका शलीमतली रकामसखली ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 257/2004 सवे उददत वकादि सवं० 358/2005, अवंतररत धिकारका 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506, 452 भका.दिवं.सवं., थकानका ससैनली, धजलका ककौशकाम्बली मम जमकानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत दकयका रयका हसै। 3. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका नवे तकर प्रस्तसुत दकयका दक आववेददिकका कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झदठका फवं सकायका रयका हसै , उसनवे कधथत अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका हसै। आववेददिकका दकारका ऐसका ककोई भली अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका रयका हसै, जसैसकादक प्रकाथदमककी मम दिदशरत दकयका रयका हसै। आववेददिकका दकारका वतरमकान घटनका सवे सवंबवंधधित दकसली भली प्रककार ककी कद टरचनका नहहीं ककी रयली हसै , न हली ककोई धिकोखकाधिडली ककी रयली हसै। आववेददिकका दकारका दकसली भली प्रककार सवे सरककारली धिन कका रबन नहहीं दकयका रयका हसै। यहकावं प्रकासवंदरक तथ्य हसै दक वतरमकान वकादि मम अन्य सह- अदभयसुक श्यकाम लकाल ककी जमकानत, जमकानत प्रकाथरनकापत सवं० 18126/2025 मम दभन्न न्यकायपलीठ दकारका दभन्न दतधथ कको स्वलीकक त ककी जका चसुककी हसै। अततः जमकानत प्रकाप्त सह-अदभयसुक सवे समकान भददमकका कवे आधिकार पर आववेददिकका भली जमकानत पकानवे कका अधधिककारली हसै। आववेददिकका कका ककोई पदवर आपरकाधधिक इदतहकास नहहीं हसै। पसुनतः उनकका यह भली कथन हसै दक आववेददिकका ककी तरफ सवे यह आश्वकासन ददियका रयका हसै दक वह ककानदन ककी प्रदक्रियका मम सहयकोर करनवे कवे धलए तसैयकार हसै और जब भली आवश्यकतका हकोरली वह ईमकानदिकारली सवे अदिकालत कवे समक्ष खसुदि कको उपलब्धि करकाएरली और उन सभली शतरवं कको स्वलीककार करनवे कवे धलए भली तसैयकार हसै जको न्यकायकालय उस पर अधधिरकोदपत करवेरली। आववेददिकका दनदिरष हसै तथका वह इस प्रकरर मम ददि० 28.04.2025 सवे ककारकारकार मम दनरुद्ध हसै। इसधलए आववेददिकका कको जमकानत पर छकोड ददियका जकाय। 4. दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका नवे आववेददिकका कवे जमकानत कका प्रबल दवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तसुत दकयका दक आववेददिकका दकारका ककाररत अपरकाधि सवंवंजवेय एववं रवंभलीर प्रकक दत कका हसै, इसधलए आववेददिकका कको जमकानत पर न छकोडका जकाय। 5. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतकावलली पर उपलब्धि सकारवकान तथ्ययों एववं पररणस्थदतययों कका समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बकादि, सबदतयों ककी प्रकक दत और दकसली भली ठकोस दवरकोधिकात्मक सकामग्रली ककी अनसुपणस्थदत एववं उपलब्धि सकामग्रली सवे छवेडछकाड ककी सवंभकावनका न हकोनवे कवे तथ्य कको दिवेखतवे हहए मवेरली रकाय मम आववेददिकका कको जमकानत पर मसुक करनवे कका उपयसुक आधिकार हसै। 6. अततः वकादि कवे रसुर -दिकोष पर दबनका ककोई दटप्परली दकए हहए आववेददिकका कको उपरकोक वदररत अपरकाधि मम सवंबवंधधित न्यकायकालय ककी सवंतसुदष्टि पर व्यदकरत बवंधि-पत एववं अधधिक धिनरकादश कवे ककोई भली दिको प्रदतभद प्रस्तसुत करनवे पर दनम्नधलधखत शतरवं कवे सकाथ जमकानत पर छकोड ददियका जकाय। i. आववेददिकका दवववेचनका यका परलीक्षर कवे दिकौरकान अदभयकोजन सकाक्ष्ययों कवे सकाथ छवेडछकाड नहहीं करवेरली। ii. आववेददिकका अदभयकोजन सकादक्षययों व पलीदडतका / दशककायतकतकार कको ण्डिरकायवेरली/धिमककायवेरली नहहीं। iii. आववेददिकका न्यकायकालय कवे आदिवेशयों कका पकालन करवेरली , वह परलीक्षर कवे दिकौरकान दबनका ककोई अनकावश्यक स्थरन धलए दनयत दतधथ पर न्यकायकालय मम उपणस्थत हकोरली तथका परलीक्षर मम ईमकानदिकारली सवे सहयकोर करवेरली। iv. आववेददिकका जमकानत पर ररहका हकोनवे कवे बकादि जमकानत ककी स्वतवंततका कका दिसुरूपयकोर नहली करवेरली और दकसली भली अपरकाधधिक रदतदवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरली न ककोई अपरकाधधिक कक त्य करवेरली। v. आववेददिकका प्रत्यक्ष यका अप्रत्यक्ष रूप सवे मकामलवे कवे तथ्ययों सवे पररदचत दकसली भली व्यदक यका पसुधलस अधधिककाररययों कको ककोई प्रलकोभन यका धिमककी नहहीं दिवेरली न हली उनसवे ककोई वकायदिका करवेरली, धजसकवे ककारर उन्हम न्यकायकालय मम तथ्ययों कको उजकारर करनवे सवे दवरत रहनका पण्डिवेडे़। 7. उपरकोक शतरवं मम सवे दकसली कवे उलवंघन कवे मकामलवे मम , परलीक्षर न्यकायकालय आववेददिकका ककी जमकानत दनयमकानसुसकार रद्द करनवे कको स्वतवंत हसै। Order Date :- 4.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad