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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 72946 (ALL)

ROHIT v. STATE OF U.P.

BAIL/24473/2025 · 2025-07-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:121510 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 24473 of 2025 Applicant :- Rohit Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Atul Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित। 2. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक रकोकहित ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 11/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 316(2), 316(3), 61(2) बची.एन.एस., थद्वानद्वा इककदल, धजलद्वा इटद्वावद्वा मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हिवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा रयद्वा हिहै। 4. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हिहै, उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहिहीं ककयद्वा हिहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची कक त्य कद्वाररत नहिहीं ककयद्वा रयद्वा हिहै, जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दकशरत ककयद्वा रयद्वा हिहै। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोटर कवलम्ब सवे दजर करद्वायची रयची हिहै तथद्वा उक कवलम्ब कद्वा ककोई समपुकचत स्पषचीकरर नहिहीं कदयद्वा रयद्वा हिहै। आववेदक प्रथम ससूचनद्वा ररपकोटर मम नद्वाकमत नहिहीं हिहै, सहि-अकभयपुक मकोकहित कवे बयद्वान कवे आधिद्वार आववेदक कद्वा नद्वाम प्रकद्वाश मम आयद्वा। वतरमद्वान घटनद्वा सवे सवंबवंधधित ककसची भची सवंकदग्धि वस्तपु ककी आववेदक कवे पद्वास सवे बरद्वामदरची नहिहीं पद्वायची रयची हिहै , जको भची बरद्वामदरची दकशरत ककी रयची हिहै, वहि पसूररतयद्वा फजर्जी एववं बनद्वावटची हिहै। आववेदक प्रश्नरत घटनद्वा मम उक रद्वाडची कद्वा ण्डिडद्वाइवर नहिहीं हिहै। प्रश्नरत घटनद्वा एववं बरद्वामदरची कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाक्षिची नहिहीं हिहै। वतरमद्वान वद्वाद मम सहि-अकभयपुक मकोकहित, धजसकवे बयद्वान कवे आधिद्वार पर आववेदक कको अकभयपुक बनद्वायद्वा रयद्वा हिहै, ककी जमद्वानत दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 12129/2025, आदवेश कदनद्वावंककत 15.04.2025 कको स्वचीकक त हिको चपुककी हिहै। पपुननः उनकद्वा यहि भची कथन हिहै कक आववेदक ककी तरफ सवे यहि आश्वद्वासन कदयद्वा रयद्वा हिहै कक वहि कद्वानसून ककी प्रकक्रियद्वा मम सहियकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हिहै और जब भची आवश्यकतद्वा हिकोरची वहि ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हिहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोकपत करवेरची। आववेदक कनदरष हिहै तथद्वा वहि इस प्रकरर मम कद० 15.01.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम कनरुद्ध हिहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। 5. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हिहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभचीर प्रकक कत कद्वा हिहै , इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोडद्वा जद्वाय। 6. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थकतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतयों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हिकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हिहए मवेरची रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हिहै। 7. अतनः वद्वाद कवे रपुर -दकोष पर कबनद्वा ककोई कटप्परची ककए हिहए आववेदक कको उपरकोक वकररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष पर व्यककरत बवंधि-पत एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिर कवे ददौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहिहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अकभयकोजन सद्वाकक्षिययों व पचीकडतद्वा/ कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहिहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वहि परचीक्षिर कवे ददौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हिकोरद्वा तथद्वा परचीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहियकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहिद्वा हिकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दपुरूपयकोर नहिची करवेरद्वा और ककसची भची अपरद्वाधधिक रकतकवधधि मम धलप्त नहिहीं हिकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहिहीं दवेरद्वा न हिची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा , धजसकवे कद्वारर उन्हिम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे कवरत रहिनद्वा पण्डिवेडे़। 8. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हिहै। Order Date :- 24.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad