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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 72933 (ALL)
MANISH KUMAR AND ANOTHER v. STATE OF U.P.
BAIL/23748/2025 · 2025-07-23
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 72933 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:121739 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23748 of 2025 Applicant :- Manish Kumar And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Bipin Kumar,Pavanesh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. ससूचची पपुनरचीकक्षित।
2. आववेदकगण कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा।
3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीणर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदकगण मनचीष कपु मद्वार एववं आशचीष ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 205/2025, अवंतगरत धिद्वारद्वा 109(1), 308(5) बची.एन.एस., थद्वानद्वा खपुजद्वार नगर, धजलद्वा बपुलवंदशहर मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा गयद्वा हहै।
4. आववेदकगण कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदकगण कको इस प्रकरण मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , उन्हहोंनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। आववेदकगण दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची कक त्य कद्वाररत नहहीं ककयद्वा गयद्वा हहै , जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दशद्वारयद्वा गयद्वा हहै। प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर कवलणमबत हहै तथद्वा उक कवलमब कद्वा ककोई स्पषचीकरण नहहीं कदयद्वा गयद्वा हहै। आववेदकगण प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नद्वाकमत नहहीं हह , ददौरद्वान कवववेचनद्वा आववेदकगण कद्वा नद्वाम प्रकद्वाश मम आयद्वा हहै। आववेदकगण कवे पद्वास सवे वतरमद्वान घरनद्वा सवे सवंबवंधधित ककसची भची सवंकदग्धि वस्तपु ककी बरद्वामदगची नहहीं पद्वायची गयची हहै। कधथत घरनद्वा कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाक्षिची नहहीं हहै। आववेदकगण घरनद्वा -स्थल सवे कगरफ्तद्वार नहहीं ककयवे गयवे हह। वतरमद्वान कधथत घरनद्वा मम ससूचनद्वाकतद्वार कवे बवेरवे पर असलहवे सवे फद्वायर करनवे ककी बद्वात कहची गयची हहै , ककन्तपु ऐसची ककोई चकोर नहहीं पद्वायची गयची हहै, धजससवे अकभयकोजन कथद्वानक कद्वा समथरन हकोतद्वा हको। पपुननः उनकद्वा यह भची कथन हहै कक आववेदकगण ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन कदयद्वा गयद्वा हहै कक ववे कद्वानसून ककी प्रकक्रियद्वा मम सहयकोग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हह और जब भची आवश्यकतद्वा हकोगची ववे ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएवंगवे और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हह जको न्यद्वायद्वालय उन पर अधधिरकोकपत करवेगची। आववेदकगण कनदरष हह तथद्वा ववे इस प्रकरण मम कद० 21.03.2025 सवे कद्वारद्वागद्वार मम कनरुद्ध हह। इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय।
5. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदकगण कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै, इसधलए आववेदकगण कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
6.
आववेदकगण कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यहों एववं पररणस्थकतयहों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतहों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरची रद्वाय मम आववेदकगण कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हहै।
7. अतनः वद्वाद कवे गपुण-दकोष पर कबनद्वा ककोई करप्पणची ककए हहए आववेदकगण कको उपरकोक वकणरत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष पर व्यककगत बवंधि-पत एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको-दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनमनधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदकगण कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिण कवे ददौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्यहों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करमगवे। ii. आववेदकगण अकभयकोजन सद्वाकक्षियहों व पचीकड़तद्वा/ कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायमगवे/धिमकद्वायमगवे नहहीं। iii. आववेदकगण न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशहों कद्वा पद्वालन करमगवे , ववे परचीक्षिण कवे ददौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हहोंगवे तथद्वा परचीक्षिण मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहयकोग करमगवे। iv. आववेदकगण जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दपुरूपयकोग नहची करमगवे और ककसची भची अपरद्वाधधिक गकतकवधधि मम धलप्त नहहीं हहोंगवे न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करमगवे। v. आववेदकगण प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यहों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररयहों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दमगवे न हची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करमगवे , धजसकवे कद्वारण उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यहों कको उजद्वागर करनवे सवे कवरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
8. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिण न्यद्वायद्वालय आववेदकगण ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 24.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad