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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 24507 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक पंकज कु मार की ओर से मु०अ०स० 63/2021, अन्तगर्त धारा 420/ 467/ 468/ 471/ 504/ 506 भा.दं.सं., थाना इज्जत नगर, िजला बरेली में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक ्षारा सूचनाकतार् के साथ िकसी ्ऺकार की कोई धोखाधड़ी नहीं की गयी। ्ऺश्नगत ्ऺकरण के सुसंगत तथ्य यह है िक सूचनाकतार् अपने प्ष में भूखंड संख्या 56 ्षे्ऴफल लगभग 162.66 वगर् मीटर आवंिटत करवाया था, िजसका िव्वय िवलेख तत्कालीन सिचव ्षारा 01.06.1992 को सूचनाकतार् के प्ष में िनष्पािदत िकया गया था। जन कल्याण सहकारी आवास सिमित िल.
बरेली ्शी गोवधर्न चतुवरॏदी िवलेख पंजीकृ त होने के बाद, सूचनाकतार् ने कब्जा ले िलया। सूचनाकतार् ्षारा भूखण्ड ्वय करने के प्ाात् सोसायटी अिधिनयम के ्ऺािवधानों का अनुपालन न िकये जाने के कारण िनधार्िरत अविध में भूखण्ड पर िनमार्ण नहीं कराया गया, तब आवेदक ने जन कल्याण सहकारी आवास सिमित िल0, बरेली के सिचव रहते हुए वषर् 2013 में सूचनाकतार् के प्ष में भूखण्ड का आवंटन िनरस्त करने हेतु न्यायालय मध्यस्थ/उप आवास आयु्व/उप िनबंधक उ्तर ्ऺदेश आवास एवं िवकास पिरषद, लखनऊ के सम्ष वाद संख्या 159 डब्ल्यू/2013 जन कल्याण सहकारी आवास सिमित िल0, बरेली बनाम ्शी राम औतार खण्डेलवाल दायर िकया। िजसमें न्यायालय ने िदनांक 22.05.2014 को िनणर्य पािरत करते हुए ्ऺथम सूचक को िनदरॏश िदया िक वह दो वषर् के अन्दर अपने भूखण्ड पर भवन िनमार्ण Versus Counsel for Applicant(s) : Ajay Kumar Kashyap, Subhash Chandra Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pankaj Kumar Mishra .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
कराना सुिनि्ात करें। आदेश िदनांक 22.05.2014 की सत्य ्ऺितिलिप इस शपथ प्ऴ के साथ संलग्न कर अनुलग्नक संख्या 5 अंिकत की जा रही है। आवेदक ्षारा िववािदत भूखण्ड को मनमाने ा़ंग से या जाली दस्तावेज तैयार करके नहीं बेचा गया है, बिल्क उसने न्यायालय के आदेश िदनांक 22.05.2014 के अनुपालन में सोसायटी अिधिनयम के िनयमों और िविनयमों के अनुसार इसे पुनः आवंिटत िकया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 08.11.2022 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
5.
आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
6. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा
5. BAIL No. 24507 of 2024 2
, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 6, 2025 S.Mishra BAIL No. 24507 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad