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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 72230 (ALL)
UGRASEN CHAUHAN v. STATE OF U.P.
BAIL/23734/2025 · 2025-07-23
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 72230 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:121751 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23734 of 2025 Applicant :- Ugrasen Chauhan Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Jitendra Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. ससूचची पपुनरचीकक्षित।
2. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे आज पसूरक शपथपत्र प्रस्तपुत ककयद्वा गयद्वा, धजसवे पत्रद्वावलची पर रखद्वा जद्वाय।
3. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पत्रद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा।
4. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र आववेदक उग्रसवेन चचौहद्वान ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 654/2024, अवंतगरत धिद्वारद्वा 303(2), 317(2), 317(4), 317(5), 338, 336(3), 340(2), 112(2) बची.एन.एस., थद्वानद्वा ककोतवद्वालची, धजलद्वा आजमगढ़ मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा गयद्वा हहै।
5.
आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम गलत एववं फजर्जी ढवंग सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा गयद्वा हहै, जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दकशरत ककयद्वा गयद्वा हहै। आववेदक प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नद्वाकमत नहहीं हहै, दचौरद्वान कवववेचनद्वा आववेदक कद्वा नद्वाम प्रकद्वाश मम आयद्वा हहै। वतरमद्वान घरनद्वा सवे सवंबवंधधित ककसची भची सवंकदग्धि वस्तपु ककी बरद्वामदगची आववेदक कवे पद्वास सवे नहहीं हहई हहै, जको भची बरद्वामदगची दकशरत ककी गयची हहै, वह पसूररतयद्वा फजर्जी एववं बनद्वावरची हहै। आववेदक दद्वारद्वा अपनवे पसूवर कवे आपरद्वाधधिक इकतहद्वास कको शपथपत्र कवे
प्रस्तर सवं० 17 एववं आज दद्वाधखल पसूरक शपथपत्र कवे प्रस्तर सवं० 2 मम स्पष ककयद्वा गयद्वा हहै। वतरमद्वान वद्वाद मम सह -अकभयपुकगर क्रमशशः मकोनसू चचौहद्वान, अवधिवेश चचौहद्वान, अजपुरन चचौहद्वान उफर सणचचदद्वानवंद चचौहद्वान, बबलसू चचौहद्वान एववं कमलवेश चचौहद्वान ककी जमद्वानत दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र सवं० 11695/2025, 13344/2025, 18048/2025, 16981/2025 एववं 11512/2025, आदवेश कदनद्वावंककत 02.05.2025, 08.05.2025, 23.06.2025, 26.05.2025 एववं 08.04.2025 कको कभन -कभन न्यद्वायपचीठठों दद्वारद्वा स्वचीकक त हको चपुककी हहै। अतशः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह -अकभयपुकगर सवे समद्वानतद्वा कवे आधिद्वार पर आववेदक भची जमद्वानत पद्वानवे कद्वा अधधिकद्वारची हहै। पपुनशः उनकद्वा यह भची कथन हहै कक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन कदयद्वा गयद्वा हहै कक वह कद्वानसून ककी प्रकक्रयद्वा मम सहयकोग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भची आवश्यकतद्वा हकोगची वह ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोकपत करवेगची। आववेदक कनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम कद० 26.05.2025 सवे कद्वारद्वागद्वार मम कनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय।
6. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं गवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय।
7.
आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पत्रद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यठों एववं पररणस्थकतयठों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतठों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरची रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हहै।
8. अतशः वद्वाद कवे गपुर-दकोष पर कबनद्वा ककोई करप्परची ककए हहए आववेदक कको उपरकोक वकररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष पर व्यककगत बवंधि -पत्र एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनम्नधलधखत शतरवं कवे
सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिर कवे दचौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्यठों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेगद्वा। ii. आववेदक अकभयकोजन सद्वाकक्षियठों व पचीकड़तद्वा / कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेगद्वा/धिमकद्वायवेगद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशठों कद्वा पद्वालन करवेगद्वा , वह परचीक्षिर कवे दचौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थगन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोगद्वा तथद्वा परचीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहयकोग करवेगद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंत्रतद्वा कद्वा दपुरूपयकोग नहची करवेगद्वा और ककसची भची अपरद्वाधधिक गकतकवधधि मम धलप्त नहहीं हकोगद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेगद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यठों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररयठों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेगद्वा न हची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेगद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यठों कको उजद्वागर करनवे सवे कवरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
9. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत्र हहै। Order Date :- 24.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad