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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 72169 (ALL)

SHIVAM MISHRA v. State of U.P.

ABAIL/6328/2024 · 2025-07-08

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:108817 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 6328 of 2024 Applicant :- Shivam Mishra Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Dinesh Chandra,Kundan Rai Counsel for Opposite Party :- G.A.,Gopal Krishna Dwivedi,Pramod Kumar Mishra,Suneel Kumar Mishra,Surya Pratap Singh Parmar Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा। 2. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 78/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 504/ 506/ 509/ 354 ख/ 354 घ/ 120 बली भद्वा.दवं.सवं. व धिद्वारद्वा 67 आई.टली. एक्ट, स्थिद्वानद्वा सरद्वाय ममरवेज, धजलद्वा प्रयद्वाररद्वाज मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंर करतवे हहए इस प्रद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै वक वररफ्तद्वारली ककी ससस्थिवत मम आववेदक कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए। 3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा रयद्वा हहै वक आववेदक वनदर्दोष हहै तस्थिद्वा उसवे आशवंकद्वा हहै वक उसवे उपयसुरक मद्वामलवे मम वररफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबवक उसकवे ववरुद ककोई ववश्वसनलीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक कको उक प्रकरण मम पद्वाटर्टीबवंदली कवे कद्वारण झझवंठद्वा अवभयसुक बनद्वा वदयद्वा रयद्वा। आववेदक कवे ववरुद अब तक ककोई बलपझवरक प्रवक्रियद्वा जद्वारली नहहीं ककी रई हहै। यह भली प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक जद्वावंच तस्थिद्वा परलीक्षण कवे ददौरद्वान सहयकोर करनवे कद्वा वचन दवेतद्वा हहै तस्थिद्वा वह जद्वावंच एजमसली /पसुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवक्षत हकोनवे पर उपससस्थित हकोरद्वा। यह कहद्वा रयद्वा हहै वक यवद आववेदक कको अवग्रिम जमद्वानत दली जद्वातली हहै , तको वह जमद्वानत ककी सवतवंततद्वा कद्वा दसुरुपयकोर नहहीं करवेरद्वा और जद्वावंच मम सहयकोर करवेरद्वा और जमद्वानत ककी सभली शतर्दोवं कद्वा पद्वालन करवेरद्वा। 4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदक कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि वकयद्वा वकयद्वा तस्थिद्वा आरवे यह तकर प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा वक आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै। 5. यह प्रद्वासवंवरक तथ्य यह भली हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत वकयद्वा रयद्वा हहै वक अवग्रिम जमद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय -वनणरयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपपों ककी प्रकक वत और रवंभलीरतद्वा, आरकोपली ककी न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा सवे भद्वारनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपली कवे ववरूद उपलब्धि सभली सद्वामग्रिली कद्वा सद्वावधिद्वानली सवे मझल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वावहए और आरकोपली ककी वद्वासतववक भझवमकद्वा पर भली ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए। 6. उभय पक्षपों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वारण कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए रए कस्थिनपों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत, यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै वक आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं प्रसतसुत वकयद्वा रयद्वा हहै। 7. तदनसुसद्वार, आववेदक वशवम वमशद्वा कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत असवलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। 8. इस वद्वाद मम यवद ककोई अवंतररम आदवेश हको तको, उसवे वनरसत समझद्वा जद्वाय। 9. हद्वालद्वावंवक, आववेदक कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत प्रसतसुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै , यवद जमद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष पवेश वकयद्वा जद्वातद्वा हहै , तको यह उम्मलीद ककी जद्वातली हहै वक सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय, न्यद्वायद्वालय कवे ववववेक और जमद्वानत दवेनवे मम ववचद्वार कको वनयवंवतत करनवे वद्वालवे वहैधिद्वावनक प्रद्वावधिद्वानपों कको बद्वाधधित वकयवे वबनद्वा , मद्वा० उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) मम प्रवतपद्वावदत यद्वा वनधिद्वारररत जमद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक वदशद्वा -वनदरशपों कको ध्यद्वान मम रखतवे हहए उस पर ववचद्वार करवेरली और फहै सलद्वा करवेरली। 10. उपयसुरक वटप्पवणयपों/वनदरशपों कवे सद्वास्थि, यह वतरमद्वान आववेदन पत कद्वा वनसतद्वाररत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै। Order Date :- 9.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad