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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 71938 (ALL)
DEEPAK TIWARI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/6305/2024 · 2025-07-08
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 71938 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:108775 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 6305 of 2024 Applicant :- Deepak Tiwari Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Shrish Chandra,Suraj Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A.,Lalit Kumar Gond Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ददीपक गरवमारदी ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 75 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 147/ 148/ 149/ 452/ 323/ 324/ 325 भमा.दसं.ससं., रमानमा बमारमा , जजलमा प्रयमाररमाज मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारदी ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा कवे सहयकोरदी अजधवकमा समुन्दरम जससंह एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलदी कमा पररशदीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनदीय समाक्ष्य नहहीं हहै। ररमाकजरर घटनमा सवे ससंबसंजधर आववेदक कवे पमास सवे न ककोई कटमा न हदी ककोई धमारदमार हजरयमार ककी बरमामदरदी हहई हहै। आववेदक गकसदी दमुष्प्रवेरर कवे षण्डियसंत मम गकसदी व्यगक कवे समार सणममजलर नहहीं हहआ हहै। उनकमा यह भदी करन हहै गक आववेदक कमा ककोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभदी रक ककोई भदी बमाध्यकमारदी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयदी हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जजॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जजॉच एजमसदी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम
सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भदी आवश्यकरमा हकोरदी वह ईममानदमारदी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभदी शरर्दोसं कको सवदीकमार करनवे कवे जलए भदी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरदी।
4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभदीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननदीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसंभदीररमा , आरकोपदी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपदी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभदी समामग्रिदी कमा समावधमानदी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपदी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भदी गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधदी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों, आरकोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभदी रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रमुर -दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवदीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै।
7. रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवदीकमार गकयवे जमानवे यकोग्य हहै।
8. उपरकोक ममुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमारदी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर रमानवे कवे भमारसमाधक अजधकमारदी ककी ससंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसदी धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे
पर, पमुजलस दमारमा आरकोप पत दमाजखल हकोनवे रक गनमन शरर्दोसं कवे अधदीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको पमुजलस अजधकमारदी दमारमा जजॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसदी व्यगक यमा पमुजलस अजधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसदी पमुजलस अजधकमारदी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा कवे ददौरमान सहयकोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दोसं कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमारदी /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेदक कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरदीकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोरमा।
9.
रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 9.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad