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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 71556 (ALL)
CHANDRESH SINGH v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/5647/2025 · 2025-07-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 71556 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:128667 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5647 of 2025 Applicant :- Chandresh Singh Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Ashish Kumar Mishra,Praveen Kumar,Vijay Kumar Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Lajpat Lal Srivastava,Sachin Srivastava Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक चन्दवेश सससिंह ककी ओर सवे पररवमाद ससिं० 7501 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 406/ 376/ 511/ 506 भमा०दसिं०गव०, रमानमा बमारवमालमा, सजलमा एटमा मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा एवसिं गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा कको ससुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसिं मम दवेषवश रसिंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसिंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भरी करन हहै गक आववेदक कमा ककोई आपरमासधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभरी रक ककोई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसिं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भरी आवश्यकरमा हकोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खसुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोसिं कको सवरीकमार करनवे कवे सलए भरी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोगपर करवेररी।
4. गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा दमारमा अगभयसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसिंभरीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसिं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयसुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयसुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह
अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकक गर और रसिंभरीररमा, आरकोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससिंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मनूल्यमासिंकन करनमा चमागहए और आरकोपरी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भरी गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकर्दोसिं एवसिं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससिंबसिंधरी गवसध कवे सरमागपर ससद्धमासिंरयों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान असधवकमाओसिं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्ययों एवसिं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रसुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नसुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरकोक मसुकदममा अपरमाध ससिंख्यमा मम सणममसलर आववेदक ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम , उसवे ससिंबसिंसधर रमानवे कवे भमारसमाधक असधकमाररी ककी ससिंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसिंध पत एवसिं उसरी धनरमागश कवे दको प्रगरभनू प्रसरसुर करनवे पर, सत पररीक्षिर कवे गनसरमारर रक गनमन शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्षि अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसरी व्यगक यमा पसुसलस असधकमाररययों कको प्रत्यक्षि यमा परकोक्षि रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभन नहहीं दवेरमा सजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसरी पसुसलस असधकमाररी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवचमारर कवे ददौरमान सहयकोर करवेरमा और जममानर ककी सवरसिंतरमा कमा दसुरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दो कवे उलसिंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमासधकमाररी /अगभयकोजन पक्षि कको, आववेदक कको प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसररीकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरसिंतरमा हकोरमा।
8.
रद्नसुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकोक गटप्पगरययों कवे समार असिंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 31.7.2025/S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad