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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 70963 (ALL)

MAYANK MANI TRIPATHI v. STATE OF U.P.

BAIL/23854/2025 · 2025-07-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:122202 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23854 of 2025 Applicant :- Mayank Mani Tripathi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Satish Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित। 2. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक मयवंक मकर कतपद्वाठची ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 06/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 409 भद्वा.दवं.सवं. सपकठत धिद्वारद्वा 120-बची., 420, 467, 468, 471 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा धसदद्वाथर नरर, धजलद्वा धसदद्वाथर नरर मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा रयद्वा हहै। 4. आववेदक पर आक्षिवेप हहै कक सरकद्वारची धिद्वान /रवेहहवं ककी खरचीद मम अकनयकमततद्वा करकवे आववेदक एववं अन्य सह-अकभयपुकरर दद्वारद्वा करकोडड़ों रुपए कद्वा रबन करक अनपुकचत लद्वाभ लवेनद्वा बतद्वायद्वा रयद्वा हहै , धजसकवे सवंबवंधि मम आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा रयद्वा हहै , जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दकशरत ककयद्वा रयद्वा हहै। आववेदक प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नद्वाकमत नहहीं हहै, ददौरद्वान कवववेचनद्वा आववेदक कद्वा नद्वाम प्रकद्वाश मम आयद्वा हहै। आववेदक वतरमद्वान वद्वाद मम ककसची भची प्रकद्वार सवे लद्वाभद्वाथर नहहीं हहै। उपरकोक रबन और अकनयकमततद्वा मम आववेदक ककसची भची प्रकद्वार सवे सवंधलप्त नहहीं हहै, न हची ककसची प्रकद्वार सवे सरकद्वारची धिन कद्वा रबन ककयद्वा हहै तथद्वा वतरमद्वान घरनद्वा कको कद्वाररत करनवे मम आववेदक ककी ककसची प्रकद्वार सवे भसूकमकद्वा नहहीं दकशरत ककी रयची हहै। इसची घरनद्वा सवे सवंबवंधधित मपु०अ०सवं० 162/2024, कद्वा वद्वाद आववेदक कवे कवरुद दजर करद्वा कदयद्वा रयद्वा हहै , धजसमम आववेदक दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत सवं० 23272/2025, आदवेश कदनद्वावंककत 21.07.2025 कको जमद्वानत पर अवमपुक ककयद्वा जद्वा चपुकद्वा हहै। उक कवे अकतररक आववेदक कद्वा ककोई आपरद्वाधधिक इकतहद्वास नहहीं हहै। पपुननः उनकद्वा यह भची कथन हहै कक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन कदयद्वा रयद्वा हहै कक वह कद्वानसून ककी प्रकक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भची आवश्यकतद्वा हकोरची वह ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोकपत करवेरची। आववेदक कनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम कद० 02.05.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम कनरुद हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। 5. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै, इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोडद्वा जद्वाय। 6. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्यड़ों एववं पररणस्थकतयड़ों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतड़ों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेडछद्वाड ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरची रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हहै। 7. अतनः वद्वाद कवे रपुर-दकोष पर कबनद्वा ककोई करप्परची ककए हहए आववेदक कको उपरकोक वकररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष्टि पर व्यककरत बवंधि -पत एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिर कवे ददौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्यड़ों कवे सद्वाथ छवेडछद्वाड नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अकभयकोजन सद्वाकक्षियड़ों व पचीकडतद्वा / कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशड़ों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परचीक्षिर कवे ददौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परचीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दपुरूपयकोर नहची करवेरद्वा और ककसची भची अपरद्वाधधिक रकतकवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्यड़ों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररयड़ों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा, धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यड़ों कको उजद्वारर करनवे सवे कवरत रहनद्वा पण्डिवेडे़। 8. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 24.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad