Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 70786 (ALL)

SACHIN KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/23171/2025 · 2025-08-03

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:130894 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23171 of 2025 Applicant :- Sachin Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Mohammad Waseem Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वविदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिविकद्वा ककी तरफ ससे आज प्रवत शपथपत्र दद्वाधखिल वकयद्वा गयद्वा, धजससे पत्रद्वाविलली पर रखिद्वा जद्वाय। 2. आविसेदक कसे वविदद्वान अधधिविकद्वा एविवं रद्वाज्य ककी तरफ ससे वविदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिविकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पत्रद्वाविलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा। 3. वितरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र आविसेदक सवचिन कसु मद्वार ककी ओर ससे मसु०अ०सवं० 74/2022, अवंतगरत धिद्वारद्वा 419, 420, 467, 468, 471 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा धसवविल लद्वाइन्स, धजलद्वा मसुरद्वादद्वाबद्वाद मम जमद्वानत पर मसुक करनसे हसेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा गयद्वा हहै। 4. आविसेदक कसे वविदद्वान अधधिविकद्वा नसे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आविसेदक कको इस प्रकरर मम गलत एविवं फजर्जी ढवंग ससे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा गयद्वा हहै , उसनसे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। आविसेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भली कक त्य कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै, जहैसद्वावक प्रद्वाथवमककी मम दवशरत वकयद्वा गयद्वा हहै। आविसेदक सकोनझू पद्वाल कको नहहीं जद्वानतद्वा और न हली सकोनझू पद्वाल कसे सद्वाथ वमलकर ककोई फजर्जी दस्तद्वाविसेज तहैयद्वार वकयद्वा और न हली ककोई फजर्जी दस्तद्वाविसेज प्रस्तसुत वकयद्वा हहै। उसकसे पद्वास ससे फजर्जी दस्तद्वाविसेजजों ककी बरद्वामदगली नहहीं दशद्वारयली गयली हहै। विह सकोनझू पद्वाल कसे गगग कद्वा सदस्य नहहीं हहै और न परलीकद्वा मम ससॉल्विर बहैठद्वाकर फजर्जी कद्वाम करद्वातद्वा हहै और न हली आविसेदक नसे वकसली कसे स्थद्वान पर ककोई परलीकद्वा दली हहै। सकोनझू पद्वाल कसे पद्वास ससे आविसेदक कद्वा जको प्रविसेश पत्र वदखिद्वायद्वा गयद्वा हहै , उससे सकोनझू पद्वाल दद्वारद्वा हली फजर्जी तरलीकसे ससे बनविद्वायद्वा गयद्वा हहै और उसली ससे बरद्वामदगली दशद्वारयली हहै। प्रद्वाथर्जी कसे दद्वारद्वा न हली ककोई फजर्जी दस्तद्वाविसेज बनद्वायद्वा गयद्वा हहै और न हली ककोई फजर्जी दस्तद्वाविसेज बरद्वामद हहयसे हग। सकोनझू पद्वाल दद्वारद्वा पसुधलस कसे समक वदयसे बयद्वानजों मम आविसेदक कद्वा नद्वाम आयद्वा हहै। यहद्वावं प्रद्वासवंवगक तथ्य हहै वक वितरमद्वान विद्वाद मम अन्य सह -अवभयसुक सकोनझू पद्वाल, धजसकसे पद्वास ससे बरद्वामदगली दवशरत ककी गयली हहै , उसककी जमद्वानत , जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र सवं० 15578/2022 मम वभन्न न्यद्वायपलीठ दद्वारद्वा वभन्न वतधथ कको स्विलीकक त ककी जद्वा चिसुककी हहै। अततः जमद्वानत प्रद्वाप्त सह-अवभयसुक ससे समद्वान भझूवमकद्वा कसे आधिद्वार पर आविसेदक भली जमद्वानत पद्वानसे कद्वा अधधिकद्वारली हहै। पसुनतः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आविसेदक ककी तरफ ससे यह आश्विद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक विह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोग करनसे कसे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आविश्यकतद्वा हकोगली विह ईमद्वानदद्वारली ससे अदद्वालत कसे समक खिसुद कको उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभली शतरवं कको स्विलीकद्वार करनसे कसे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करसेगली। आविसेदक वनदरष हहै तथद्वा विह इस प्रकरर मम वद० 19.05.2025 ससे कद्वारद्वागद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आविसेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। 5. वविदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिविकद्वा नसे आविसेदक कसे जमद्वानत कद्वा प्रबल वविरकोधि करतसे हहए तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आविसेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजसेय एविवं गवंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै, इसधलए आविसेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय। 6. आविसेदक कसे वविदद्वान अधधिविकद्वा कसे तकरवं कसे पररप्रसेक्ष्य मम पत्रद्वाविलली पर उपलब्धि सद्वारविद्वान तथ्यजों एविवं पररणस्थवतयजों कद्वा समग्र रूप ससे अविलकोकन करनसे कसे बद्वाद , सबझूतजों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस वविरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रली ककी अनसुपणस्थवत एविवं उपलब्धि सद्वामग्रली ससे छसेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वाविनद्वा न हकोनसे कसे तथ्य कको दसेखितसे हहए मसेरली रद्वाय मम आविसेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनसे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै। 7. अततः विद्वाद कसे गसुर-दकोष पर वबनद्वा ककोई वटिप्परली वकए हहए आविसेदक कको उपरकोक विवररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्टि पर व्यवकगत बवंधि -पत्र एविवं अधधिक धिनरद्वावश कसे ककोई भली दको प्रवतभझू प्रस्तसुत करनसे पर वनम्नधलधखित शतरवं कसे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आविसेदक वविविसेचिनद्वा यद्वा परलीकर कसे ददौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्यजों कसे सद्वाथ छसेड़छद्वाड़ नहहीं करसेगद्वा। ii. आविसेदक अवभयकोजन सद्वावकयजों वि पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायसेगद्वा/धिमकद्वायसेगद्वा नहहीं। iii. आविसेदक न्यद्वायद्वालय कसे आदसेशजों कद्वा पद्वालन करसेगद्वा , विह परलीकर कसे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वाविश्यक स्थगन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोगद्वा तथद्वा परलीकर मम ईमद्वानदद्वारली ससे सहयकोग करसेगद्वा। iv. आविसेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनसे कसे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वितवंत्रतद्वा कद्वा दसुरूपयकोग नहली करसेगद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक गवतवविधधि मम धलप्त नहहीं हकोगद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करसेगद्वा। v. आविसेदक प्रत्यक यद्वा अप्रत्यक रूप ससे मद्वामलसे कसे तथ्यजों ससे पररवचित वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररयजों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दसेगद्वा न हली उनससे ककोई विद्वायदद्वा करसेगद्वा, धजसकसे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्यजों कको उजद्वागर करनसे ससे वविरत रहनद्वा पण्डिसेडे़। 8. उपरकोक शतरवं मम ससे वकसली कसे उलवंघन कसे मद्वामलसे मम , परलीकर न्यद्वायद्वालय आविसेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनसे कको स्वितवंत्र हहै। Order Date :- 4.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad