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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 69399 (ALL)

SAWAN KUMAR v. STATE OF U.P.

BAIL/22600/2025 · 2025-09-22

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 22600 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 24 /2025 अन्तगर्त धारा 351(3), 318(4), 329 भारतीय न्याय संिहता, थाना कैं ट, िजला बरेली में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है। प्रथम सूचना िरपोटर् में आवेदक के िवरूद्ध िविशष्ट भूिमका विणत नहीं है। इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक प्रथम सूचना िरपोटर् में दजर् सूचनाकतार् के बयान के अनुसार भी, आवेदक और अन्य सह-अिभयुक्त उनकी ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने की कोिशश और धमकी भी देने का आक्षेप उल्लेिखत है, िकतु इसका अथर् यह है िक कोई भी किथत घटना घिटत नहीं हुई है। प्रथम सूचना िरपोटर् के आरोप और गवाहों के बयान के अनुसार भी, आवेदक के िवरुद्ध आरोप यह है िक अिभयुक्तगण उसकी भूिम पर बलपूवर्क अवैध कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं और यिद सूचनाकतार् भूिम पर अपनी उपिस्थित दजर् कराता है तो सूचनाकतार् की हत्या कर दी जाएगी। इस प्रकार, आवेदक पर के वल धारा 506 भारतीय दंड संिहता के तहत ही मुकदमा चलाया जा सकता है और यह अपराध भी आवेदक द्वारा नहीं िकया गया है क्योंिक आवेदक घटना की ितिथ को जेल में था। आवेदक एक सरकारी कमर्चारी है िजसके िवरुद्ध प्राथिमकी दजर् की गई है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक ने न तो कोई फजीर् िवक्रय पत्र तैयार िकया और न ही उसने प्रश्नगत भूिम पर जबरन कब्जा िकया, बिल्क उसने मािलक से पंजीकृ त िवक्रय पत्र के आधार पर कब्जा िलया। सूचनाकतार् द्वारा हरेंद्र िसह पुत्र श्याम पाल िसह के पक्ष में िवक्रय अनुबंध िनष्पािदत िकया गया था और सूचनाकतार् द्वारा आवेदक के नाम से कोई िवक्रय अनुबंध िनष्पािदत नहीं िकया गया है। Versus Counsel for Applicant(s) : Archana Singh, Satya Prakash Rai, Yogesh Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sawan Kumar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) इस मामलें में आवेदक पर यह भूिमका सौंपी गई िक वह किथत घटना के मौके पर मौजूद था, उसे हिथयार की नोक पर िलया गया और गंभीर पिरणाम भुगतने की धमकी दी गई, लेिकन िशकायतकतार् ने आवेदक के हाथ में मौजूद िकसी िवशेष हिथयार को नहीं सौंपा। वास्तव में, आवेदक का उपरोक्त लेनदेन से कोई संबंध नहीं था और वह मौके पर मौजूद भी नहीं था। इसके अलावा, आवेदक के कब्जे से कोई हिथयार बरामद नहीं हुआ। पुनः यह कथन िकया गया िक िवद्वान अपर िजला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या 12, बरेली ने अपने आदेश िदनांक 25.03.2025 द्वारा सह-अिभयुक्त अिमत िसह को जमानत प्रदान की है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। आवेदक के आपरािधक इितहास का वणर्न आवेदन पत्र के प्रस्तर 14 में िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 06.01.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है । इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 2. BAIL No. 22600 of 2025 2 आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 23, 2025 CP.sahani BAIL No. 22600 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad