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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 22738 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 0017/2025 अन्तगर्त धारा 191(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 329(3), 361(2), 351(3) भारतीय न्याय संिहता, थाना बारादरी, िजला बरेली में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा अनुपालन आख्या, िदनांिकत 22.09.2025 एवं प्रितशपथ पत्र, िदनािकत 22.09.2025 दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
4.
आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है। प्रथम सूचना िरपोटर् में आवेदक के िवरूद्ध िविशष्ट भूिमका विणत नहीं है। इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक सह-अिभयुक्त अिमत िसह ने गाटा संख्या 298 से 132 वगर् गज का भूखंड खरीदा, जबिक तथ्य यह है िक सूचनाकतार्, गाटा संख्या 299 का स्वामी है। इस प्रकार, सूचनाकतार् की भूिम पर न तो िकसी ने अितक्रमण िकया है और न ही आवेदक ने प्रश्नगत भूिम पर कब्जा िकया है। िजस िवक्रय िवलेख के आधार पर आवेदक ने भूिम पर कब्जा िलया है, उसके िसिवल पिरणाम होंगे और िशकायतकतार् को आवेदक के पक्ष में िवक्रय िवलेख को िनरस्त करने और भूिम पर कब्जा लेने के िलए िसिवल वाद दायर करने की स्वतंत्रता थी, परन्तु िशकायतकतार् ने ही आवेदक के िवरुद्ध प्रथम सूचना िरपोटर् दजर् करके िसिवल मामले को Versus Counsel for Applicant(s) : Archana Singh, Satya Prakash Rai, Yogesh Kumar Singh Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sawan Kumar Jaiswal .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अवैध रूप से आपरािधक मामले में पिरवितत कर िदया। जो िविध के तहत संधायर् नहीं है। आवेदक एक सरकारी कमर्चारी है, आवेदक ने न तो कोई फजीर् िवक्रय पत्र तैयार िकया है और न ही उसने संबंिधत भूिम पर जबरन कब्जा िकया है। बिल्क, उसने भूिम के मािलक से पंजीकृ त िवक्रय पत्र के आधार पर कब्जा िलया है। आगे यह कहा गया िक िवद्वान अपर िजला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायालय 12, बरेली ने अपने आदेश िदनांक 19, 2025 द्वारा सह-अिभयुक्त अिमत को 29.03.2020 को जमानत प्रदान कर दी है। यहां उल्लेखनीय तथ्य यह है िक इस मामलें के जाँच के दौरान, जाँच अिधकारी ने किथत रूप से िदनांक 06.01.2025 को पचार् संख्या 29 दािखल िकया, िजसमें उन्होंने भगवती प्रसाद कु रील (खरीदार प्लाट) नामक व्यिक्त का किथत बयान दजर् िकया है, जबिक उक्त साक्षी भगवती प्रसाद कु रील की मृत्यु िदनांक 27.05.2020 को पूवर् में ही हो चुकी है, िजसकी पिरपुिष्ट िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा प्रस्तुत िकये अनुपालन आख्या के अनुसार भी हो रही है। भगवती प्रसाद कु रील का मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रितिलिप इस पूरकशपथ-पत्र, िदनांिकत 06.09.2025 में संलग्न है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक संपूणर् अिभयोजन कथानक िमथ्या तथ्यों पर आधािरत है। इसिलए, आवेदक जमानत पर मुक्त िकये जाने योग्य है। आवेदक के आपरािधत इितहास का वणर्न आवेदन पत्र के प्रस्तर 25 में
िकया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 06.01.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय। आगे यह भी कहा गया िक उक्त उल्लेिखत साक्षी भगवती प्रसाद कु रील, िजसका बयान िववेचना अिधकारी द्वारा अंिकत गया है, जबिक उसकी पूवर् में ही मृत्यु हो चुकी है। इसके संबंध में िववेचक के िवरूद्ध संबंिधत पुिलस अधीक्षक द्वारा अपने पयर्वेक्षण में जांच करायी गयी तथा िववेचक के िवरूद्ध लापरवाही पाते हुए यथािविधक कायर्वाही अमल में लायी गयी है।
6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। BAIL No. 22738 of 2025 2
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1.
आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 23, 2025 CP.sahani BAIL No. 22738 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad