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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 68763 (ALL)
VIVEK AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/5030/2025 · 2025-08-11
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 68763 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:137197 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5030 of 2025 Applicant :- Vivek And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Abhilasha Singh,Ashutosh Yadav,Shyam Lal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदकगर शश्रीमरश्री गवववेक,समाधनमा एववं ममुकवे श ककी ओर सवे ममु०अ०स० 91/2025 अन्रगरर धमारमा 105 बश्री.एन.एस, रमानमा गनधधौलश्री कलल, जजलमा एटमा मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा गयमा हहै।
2. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवक्तमा एववं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पत्रमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा।
3. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा प्रगरशपर पत्र दमाजखिल गकयमा गयमा जजसवे पत्रमावलश्री पर रखिमा जमाए।
4. आववेदकगर कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदकगर गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओवं मम दवेषवश रवंग व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा गयमा हहै , उन्हम आशवंकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गगरफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उनकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदकगर दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपरकोक्त धमारमाओवं कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा गयमा हहै। आववेदकगर ककी ओर सवे यह भश्री आश्वमासन गदयमा गयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोगश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएगमा और उन सभश्री शरर्दोवं कको स्वश्रीकमार करनवे कवे जलए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेगश्री।
5.
गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा अगग्रिम जममानर कमा प्रबल गवरकोध कररवे हहए यह रकर प्रस्रमुर गकयमा गयमा गक आववेदकगर कको इस न्यमायमालय ककी अन्य न्यमायपश्रीठ दमारमा गदनमानाँक 26.06.2025 कको अन्रररम अगग्रिम जममानर कमु छ शरर्दोवं कवे समार प्रदमान ककी गयश्री रश्री , जजसकमा आववेदकगर दमारमा अनमुपमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै। गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा न्यमायमालय कको अवगर करमायमा गयमा गक आववेदकगर दमारमा गवववेचनमा मम सहयकोग नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै। " इस प्रकमार आववेदकगर दमारमा पनूवर मम गदयवे गयवे अन्रररम अगग्रिम
जममानर एववं अगग्रिम जममानर कवे समार लगमायश्री गयश्री शरर्दोवं कमा लगमारमार उलवंघन गकयमा जमा रहमा हहै। जजससवे यह पररलगक्षर हको रहमा हहै गक आववेदकगर दमारमा गवववेचनमा मम अनमावश्यक गवलम्ब गकयमा जमा रहमा हहै। अगभयमुक्तगर दमारमा कमाररर अपरमाध गवंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै इसजलए आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररश्रीर नहहीं हकोरमा हहै अरतः अगभयमुक्तगर कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। अगभयमुक्तगर दमारमा कमाररर अपरमाध गवंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै इसजलए आववेदकगर कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररश्रीर नहहीं हकोरमा हहै अरतः अगभयमुक्तगर कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
6. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और गवंभश्रीररमा , अगभयमुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमागनवे ककी सवंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सवंपनूरर समामग्रिश्री कमा समावधमानश्रीपनूवरक मनूल्यमावंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटश्रीक भनूगमकमा कको भश्री ध्यमान मम रखिनमा चमागहए।
7. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सवंबवंधश्री गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमावंरतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओवं कवे करनतों , आरकोपतों ककी प्रकक गर, आववेदकगर ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्यतों एववं पररणस्रगरयतों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए एववं सम्पनूरर दस्रमाववेजतों कवे अवलकोकन सवे यह गवगदर हकोरमा हहै गक आववेदकगर दमारमा पनूवर मम गदयवे गयवे अवंरररम आदवेश कमा दमुपरयकोग गकयमा जमा रहमा हहै। अरतः ममामलवे कवे गमुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रदमुसमार आववेदकगर कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै।
8. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे गमुर-दकोष पर गटप्परश्री गकयवे बगहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
9. इस वमाद सवे सवंबवंजधर पनूवर मम अवंरररम आदवेश स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
10.
आववेदकगर गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र दमाजखिल करनवे हवेरमु स्वरवंत्र हहै। कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब सवंबवंजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चर करम। Order Date :- 12.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad