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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 21968 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 76/2025 अन्तगर्त धारा 109, 191(2), 191(3), 190, 308(2), 115(2), 351(2), 352 भारतीय न्याय संिहता, थाना एअरपोटर्, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की ओर से िवद्वान अिधवक्ता श्री रघुवंशी िमश्रा, पिरवादी की ओर से िवद्वान अिधवक्ता श्री आनन्द सागर शुक्ला एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अधइवक्ता द्वारा पूरकशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा प्रितशपथ-पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
5. अिभयोजन पक्ष की कहानी के अनुसार, सूचनाकतार् मुकदमा अपराध संख्या 1276/2017, 1244/2017, 498/2017 और 295/2023 का गवाह है, िजसके कारण उसकी कई लोगों से दुश्मनी है और उसे राज्य सरकार से सुरक्षा िमली हुई है और सह- अिभयुक्त व्यिक्त वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज िनयिमत रूप से सूचनाकतार् से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग करते हैं और उपरोक्त मामलों में गवाही न देने के िलए दबाव डालते हैं, और रंगदारी न देने पर वे उसे और उसके पिरवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, िकतु िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच िवपक्षीगण अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर Versus Counsel for Applicant(s) : Puneet Srivastava, Raghuvansh Misra Counsel for Opposite Party(s) : Anand Sagar Shukla, G.A. Nasar .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतीर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल प्रयागराज पहुंचा। पूरी कहानी प्रथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है।
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आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक प्रश्नगत प्रकरण में सूचनाकतार् ने अपनी प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा िक िदनांक 16-05-2025 को शाम लगभग 6.00 बजे उसका छोटा भाई अतहर अपने दो बहनोई/साला मोहम्मद अमजद और मोहम्मद के साथ अफजल कटहौला गौसपुर िस्थत अपनी जमीन देखने गया था, इसी बीच प्राथीर् व अन्य व्यिक्त अपनी स्कािपयो व थार गाड़ी से घातक हिथयारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और उसके भाई अतहर को घेर िलया तथा उन पर हमला कर िदया तथा उन पर गोिलयां भी चलाईं। इस घटना में उसके भाई अतहर व उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद व मोहम्मद अफजल के शरीर पर चोटें आईं, इसी बीच कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें एसआरएन अस्पताल में भतीर् कराया। सूचना िमलने पर सूचक एसआरएन अस्पताल प्रयागराज पहुंचा। पूरी कहानी प्रथम सूचना िरपोटर् िदनांक 17.05.2025 में विणत है, िकतु यहां यह उल्लेख करना प्रासंिगक है िक प्रथम सूचना िरपोटर् के मात्र अवलोकन से पता चलता है िक सूचनाकतार् किथत घटना का प्रत्यक्षदशीर् नहीं है और सूचनाकतार् ने किथत घटना को देखने वाले घायलों के अलावा िकसी अन्य व्यिक्त का नाम भी नहीं बताया है तथा आवेदक के िवरुद्ध कोई िविशष्ट आरोप नहीं लगाया गया है, आवेदक और अन्य सह-अिभयुक्तों के िवरुद्ध सामान्य आरोप लगाया गया है। इस घटना में किथत घायल अतहर की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें 08 चोटें पाई गईं और कु छ चोटों के संबंध में डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी। घायल मोहम्मद अमजद की िदनांक 16-05-2025 को िचिकत्सकीय जाँच की गई, िजसमें उसके शरीर पर कोई स्पष्ट चोट नहीं पाई गई तथा किथत रंगदारी मांगने का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। आगे यह भी प्रस्तुत िकया गया िक अिभयोजन पक्ष के अनुसार, 22 व्यिक्तयों ने सूचनाकतार् के भाई और उसके िरश्तेदार मोहम्मद अमजद और मोहम्मद अफजल के साथ मारपीट की, जबिक मोहम्मद अमजद के शरीर पर चोट का कोई िनशान नहीं है और घायल अतहर के शरीर पर के वल 08 चोटें है तथा कोई भी चोट शरीर के महत्वपूणर् िहस्से पर नहीं है और न ही िकसी अिभयोजन साक्षीगण द्वारा इस घटना में आवेदक की िविशष्ट भूिमका अिभकिथत की गयी। इससे यह पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयोगी द्वारा दुराशय के तहत आवेदक को इस मामलें में नािमत िकया गया है। आगे यह भी कहा गया िक आवेदक िनदोर्ष व्यिक्त है, उसने कोई अपराध नहीं िकया है और आवेदक के िवरुद्ध लगाया गया आरोप पूणर्तः झूठा है। आवेदक
पर रंगदारी का कोई BAIL No. 21968 of 2025 2 आक्षेप नहीं है, अिपतु किथत रंगदारी का आरोप सहअिभयुक्तगण वदूद अहमद, आिबद, मािजद, अली, आिदल, जैद और फै ज पर आक्षेिपत िकया गया है। आवेदक को वतर्मान मामले में दुभार्वना से उत्पीड़न के कारण झूठा फं साया गया है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 18.05.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 7. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त द्वारा अन्य सहअिभयुक्तगण के साथ िमलकर उक्त घटना कािरत की गयी, िजसमें चुटैल अतहर को गंभीर चोटें आयी, िजसकी पिरपुिष्ट मेदांत अस्पताल के िचिकत्सीय आख्या के अनुसार भी हो रही है। अिभयुक्त एक िवशेष गैंग से जुड़ा अभ्यस्थ अपराधी है। अिभयुक्त द्वारा अन्य सहअिभयुक्तगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
8. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
9.
अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
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आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 10. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 10, 2025 CP.sahani BAIL No. 21968 of 2025 4 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad