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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 68713 (ALL)

PIYUSH KASHYAP v. STATE OF U.P.

NABAIL/5021/2025 · 2025-07-02

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:103433 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5021 of 2025 Applicant :- Piyush Kashyap Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Madan Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक पपीययष कश्यप ककी ओर सवे ममु०अ०स० 218/2025, अन्रररर धमारमा 69, 352, 351(3) बपी.एन.एस., रमानमा चचंददौसपी, जजलमा सम्भल मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवचं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शपी चचंदन जसचंह कक समुनमा ररमा पत्रमावलपी कमा पररशपीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकक्त धमारमाओचं मम दवेषवश रचंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशचंकमा हहै गक उसवे उपरकक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककई गवश्वसनपीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपरकक्त धमारमाओचं कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। आववेदक दमारमा पपीगड़िरमा कक शमादपी कमा झमाचंसमा दवेकर शमारपीररक सचंबचंध नहहीं बनमायमा रयमा हहै, हपी पपीगड़िरमा कक जमान सवे ममारनवे ककी धमककी दपी हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह भपी आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानयन ककी प्रगक्रियमा मम सहयकर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भपी आवश्यकरमा हकरपी वह ईममानदमारपी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कक उपलब्ध करमाएरमा और उन सभपी शरर्दोचं कक स्वपीकमार करनवे कवे जलए भपी रहैयमार हहै जक न्यमायमालय उस पर अजधरकगपर करवेरपी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रचंभपीर प्रकक गर कमा हहै ररमा आववेदक दमारमा पपीगड़िरमा कक शमादपी कमा झमाचंसमा दवेकर उसकवे समार चमार वषर रक शमारपीररक सचंबचंध बनमायमा ररमा बमाद मम शमादपी सवे मनमा कर गदयमा। पमुनन उनकवे दमारमा करन गकयमा रयमा गक पपीगड़िरमा नवे अपनवे बयमान अचंरररर धमारमा 183 बपी.एन.एस.एस. मम करन गकयमा हहै गक "मम ममुरमादमाबमाद मम प्रमाइववेट कम्पनपी मम जजॉब कररपी हहह , 4 वषर पहलवे मवेरपी ममुलमाकमार पपीययष कश्यप सवे हहई रपी, हम दकननों टटवेन सवे अप-ण्डिमाउन कररवे रवे। प्यमार हक रयमा, शमादपी कमा झमाचंसमा दवेकर ममुझसवे चमार वषर रक शमारपीररक सचंबचंध बनमायवे व अब शमादपी करनवे सवे मनमा कर गदयमा ररमा जमान सवे ममारनवे ककी धमककी दवेरवे हम। " पपीगड़िरमा कवे उपरकक्त करन सवे भपी अगभयकजन करमानक कमा समररन हक रहमा हहै, इसजलए आववेदक कक अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककई औगचत्य प्ररपीर नहहीं हकरमा हहै। अरन अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननपीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कक आरकप ककी प्रकक गर और रचंभपीररमा, अगभयमुक्त कमा पयवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सचंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कक अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सचंपयरर समामग्रिपी कमा समावधमानपीपयवरक मयल्यमाचंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटपीक भयगमकमा कक भपी ध्यमान मम रखनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सचंबचंधपी गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमाचंरनों कक ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारनों कवे गवदमान अजधवक्तमाओचं कवे करननों , आरकपनों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भयगमकमा और ममामलवे कवे सभपी रथ्यनों एवचं पररणस्रगरयनों कक ध्यमान मम रखरवे हहए ररमा पपीगड़िरमा कवे बयमान अचंरररर धमारमा 183 बपी.एन.एस.एस. कवे अवलककन सवे प्ररपीर हकरमा हहै गक आववेदक दमारमा उपरकक्त अपरमाध कमाररर गकयमा रयमा हहै, अरन ममामलवे कवे रमुर-दकष पर गबनमा ककई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वपीकमार गकए जमानवे यकग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वपीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकष पर गटप्परपी गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मम यगद ककई अचंरररम आदवेश हक, रक वह स्वरन सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कक गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब सचंबचंजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चर करम। Order Date :- 3.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad