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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 68563 (ALL)

FURKAN v. STATE OF U.P.

BAIL/22162/2025 · 2025-07-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:121762 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 22162 of 2025 Applicant :- Furkan Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ved Prakash Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित। 2. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको सपुनद्वा तथद्वा पतद्वावलची कद्वा पररशचीलन ककयद्वा। 3. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक फपु रकद्वान ककी ओर सवे मपु०अ०सवं० 26/2025, अवंतररत धिद्वारद्वा 309(4), 317(2) बची.एन.एस., थद्वानद्वा अफजलरढ, धजलद्वा कबजननौर मम जमद्वानत पर मपुक करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयद्वा रयद्वा हहै। 4. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झसूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै, उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भची अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं ककयद्वा रयद्वा हहै , जहैसद्वाकक प्रद्वाथकमककी मम दकशरत ककयद्वा रयद्वा हहै। आववेदक प्रथम ससूचनद्वा ररपकोरर मम नद्वाकमत नहहीं हहै , दनौरद्वान कवववेचनद्वा आववेदक कद्वा नद्वाम प्रकद्वाश मम आयद्वा हहै। आववेदक कवे पद्वास सवे वतरमद्वान घरनद्वा सवे सवंबवंधधित ककसची भची सवंकदग्धि वस्तपु ककी बरद्वामदरची नहहीं पद्वायची रयची हहै , जको भची बरद्वामदरची दकशरत ककी रयची हहै , वह पसूररतयद्वा फजर्जी एववं बनद्वावरची हहै। वद्वादची दद्वारद्वा वतरमद्वान वद्वाद सवे सवंबवंधधित ककसची भची प्रकद्वार ककी कशनद्वाख्त नहहीं करद्वायची रयची हहै। कधथत घरनद्वा कद्वा ककोई स्वतवंत सद्वाक्षिची नहहीं हहै। पपुननः उनकद्वा यह भची कथन हहै कक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन कदयद्वा रयद्वा हहै कक वह कद्वानसून ककी प्रकक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भची आवश्यकतद्वा हकोरची वह ईमद्वानदद्वारची सवे अदद्वालत कवे समक्षि खपुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभची शतरवं कको स्वचीकद्वार करनवे कवे धलए भची तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोकपत करवेरची। आववेदक कनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम कद० 15.02.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम कनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय। 5. कवदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा नवे आववेदक कवे जमद्वानत कद्वा प्रबल कवरकोधि करतवे हहए तकर प्रस्तपुत ककयद्वा कक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि सवंवंजवेय एववं रवंभचीर प्रकक कत कद्वा हहै , इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर न छकोड़द्वा जद्वाय। 6. आववेदक कवे कवदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलची पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थकतययों कद्वा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद , सबसूतयों ककी प्रकक कत और ककसची भची ठकोस कवरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रची ककी अनपुपणस्थकत एववं उपलब्धि सद्वामग्रची सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखतवे हहए मवेरची रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मपुक करनवे कद्वा उपयपुक आधिद्वार हहै। 7. अतनः वद्वाद कवे रपुर -दकोष पर कबनद्वा ककोई करप्परची ककए हहए आववेदक कको उपरकोक वकररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतपुकष्टि पर व्यककरत बवंधि-पत एववं अधधिक धिनरद्वाकश कवे ककोई भची दको प्रकतभसू प्रस्तपुत करनवे पर कनम्नधलधखत शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ कदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक कवववेचनद्वा यद्वा परचीक्षिर कवे दनौरद्वान अकभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अकभयकोजन सद्वाकक्षिययों व पचीकड़तद्वा/ कशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा , वह परचीक्षिर कवे दनौरद्वान कबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए कनयत कतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परचीक्षिर मम ईमद्वानदद्वारची सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दपुरूपयकोर नहची करवेरद्वा और ककसची भची अपरद्वाधधिक रकतकवधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा। v. आववेदक प्रत्यक्षि यद्वा अप्रत्यक्षि रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररकचत ककसची भची व्यकक यद्वा पपुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हची उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा , धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे कवरत रहनद्वा पण्डिवेडे़। 8. उपरकोक शतरवं मम सवे ककसची कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परचीक्षिर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत कनयमद्वानपुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 24.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad