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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 68526 (ALL)

DR PRIYA RANJAN ANSHU DIWAKAR v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/5053/2025 · 2025-07-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:106045 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5053 of 2025 Applicant :- Dr Priya Ranjan Anshu Diwakar Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Akhilesh Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. यह आववेदक कका दद्विततीय अदग्रिम जमकानत पकाररनकापत्र हह, आववेदक कका परम अदग्रिम जमकानत पकाररनकापत्र ससं० 13978/2023, आदवेश ददनकासंदकत 27.05.2025 कवे द्विकारका दनरस्त दकयका जका चचुकका हह। 2. वतरमकान दकाणणण्डिक पककीरर अदग्रिम जमकानत पकाररनका पत्र आववेदक Dr Priya Ranjan Anshu Diwakar ककी ओर सवे मचु०अ०स० 756/2023, अन्तररत धकारका 306, 506, 420, 120-बती भका.दसं.ससं., रकानका चकवे रती, जजलका ककानपचुर नरर मम अदग्रिम जमकानत पर मचुक्त करनवे हवेतचु पस्तचुत दकयका रयका हह। 3. आववेदक कवे दवद्विकान अजधवक्तका एवसं दवद्विकान अपर शकासककीय अजधवक्तका शती जवे .कवे . उपकाध्यकाय कको सचुनका तरका पत्रकावलती कका पररशतीलन दकयका। 4. आववेदक कको इस न्यकायकालय ककी अन्य न्यकायपतीठ द्विकारका ददनकासंक 12.02.2024, 25.04.2024 एवसं 03.10.2024 कको सशतर अन्तररम जमकानत पदकान ककी रयती रती। 5. आववेदक कवे दवद्विकान अजधवक्तका नवे तकर पस्तचुत दकयका दक आववेदक दनदर्दोष हह , उसवे उपरकोक्त धकारकाओसं मम द्विवेषवश तसंर व परवेशकान करनवे ककी दनयत सवे आजलप्त दकयका रयका हह , उसवे आशसंकका हह दक उसवे उपरकोक्त वदररत मकामलवे मम दररफ्तकार दकयका जका सकतका हह , जबदक उसकवे दवरूद्ध ककोई दवश्वसनतीय सकाक्ष्य नहहीं हह। आववेदक द्विकारका पकारदमककी मम ददशरत उपरकोक्त धकारकाओसं कका अपरकाध ककाररत नहहीं दकयका रयका हह। आववेदक कका वतरमकान वकाद कको ककाररत करनवे कका न तको ककोई हवेतचुक हह, न हती ककोई सरकोककार हह। आववेदक द्विकारका ऐसका ककोई भती अपरकाध ककाररत नहहीं दकयका रयका हह , जहसकादक पकारदमककी मम दशकारयका रयका हह। आववेदक द्विकारका ममृतक कको आत्महत्यका कवे जलए दचुष्पवेररत नहहीं दकयका रयका हह, न हती ममृतक कवे सकार दकसती पककार ककी धकोखकाधडती ककी रयती हह। आववेदक ककी ओर सवे यह भती आश्वकासन ददयका रयका हह दक वह ककाननून ककी पदक्रियका मम सहयकोर करनवे कवे जलए तहयकार हह और जब भती आवश्यकतका हकोरती वह ईमकानदकारती सवे न्यकायकालय कवे समक्ष खचुद कको उपलब्ध करकाएरका और उन सभती शतर्दोसं कको स्वतीककार करनवे कवे जलए भती तहयकार हह जको न्यकायकालय उस पर अजधरकोदपत करवेरती। 6. दवद्विकान अपर शकासककीय अजधवक्तका द्विकारका यह तकर पस्तचुत दकयका रयका दक अदभयचुक्त द्विकारका ककाररत अपरकाध रसंभतीर पकमृ दत कका हह तरका आववेदक द्विकारका पस्तचुत परम अदग्रिम जमकानत पकाररनकापत्र मम इस न्यकायकालय कवे आदवेश ददनकासंक 27.05.2025 कवे पस्तर ससं० 5 मम उक्त करन स्पष्ट दकयका रयका हह दक "अदभयचुक्त कको इस न्यकायकालय ककी अन्य न्यकायपतीठ द्विकारका ददनकानाँक 12.02.2024, 25.04.2024 एवसं 03.10.2024 कको अन्तररम अदग्रिम जमकानत शतर्दोसं कवे सकार पदकान ककी रयती रती , जजसकका आववेदक अनचुपकालन नहहीं कर रहका हह। सम्बणन्धत दवचकारर न्यकायकालय ककी आख्यका कवे अनचुसकार आववेदक सम्बणन्धत दवचकारर न्यकायकालय मम उपणस्रत नहहीं हको रहका हह।" ककी दटिप्परती कवे सकार दनरस्त दकयका जका चचुकका हह। पचुननः उनकका करन हह दक आववेदक द्विकारका पनूवर मम भती न्यकायकालय द्विकारका अजधरकोदपत शतर्दोसं कका अनचुपकालन नहहीं दकयका जका रहका रका तरका वतरमकान मम आववेदक द्विकारका सत्र परतीक्षर कवे दनस्तकारर मम सहयकोर पदकान नहहीं दकयका जका रहका हह, जजसकवे ककारर सत्र परतीक्षर कवे दनस्तकारर मम अनकावश्यक दवलसंब हको रहका हह , इसजलए आववेदक कको अदग्रिम जमकानत पर मचुक्त दकयवे जकानवे कका ककोई औदचत्य पततीत नहहीं हकोतका हह। अतनः अदभयचुक्त कका अदग्रिम जमकानत आववेदन पत्र दनरस्त दकयका जकाय। 7. यह कहका जका सकतका हह दक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मकामलवे मम मकाननतीय उच्चतम न्यकायकालय नवे मकानका हह दक अदग्रिम जमकानत पर दनररय करतवे समय न्यकायकालय कको आरकोप ककी पकमृ दत और रसंभतीरतका, अदभयचुक्त कका पनूवरवमृत, अदभयचुक्त कवे न्यकाय सवे भकारनवे ककी ससंभकावनका पर दवचकार करनका चकादहए तरका न्यकायकालय कको अदभयचुक्त कवे दवरुद्ध उपलब्ध ससंपनूरर सकामग्रिती कका सकावधकानतीपनूवरक मनूल्यकासंकन करनका चकादहए तरका अदभयचुक्त ककी सटितीक भनूदमकका कको भती ध्यकान मम रखनका चकादहए। 8. वतरमकान मकामलवे मम अदग्रिम जमकानत ससंबसंधती दवजध कवे स्रकादपत जसद्धकासंततों कको ध्यकान मम रखतवे हहए और पक्षककारतों कवे दवद्विकान अजधवक्तकाओसं कवे करनतों , आरकोपतों ककी पकमृ दत , आववेदक ककी भनूदमकका और मकामलवे कवे सभती तथ्यतों एवसं पररणस्रदतयतों कको ध्यकान मम रखतवे हहए चनूसंदक पत्रकावलती पर उपलब्ध ससंबसंजधत दवचकारर/अवर न्यकायकालय कवे आदवेश फलक कवे अवलकोकन सवे यह भती दवददत हकोतका हह दक दवचकारर/अवर न्यकायकालय कवे आदवेश ददनकासंक 04.01.2025, 07.02.2025, 07.03.2025, 08.04.2025 एवसं 08.05.2025 कको दनरसंतर आववेदक अनचुपणस्रत रहका हह तरका हकाजजरती मकाफकी कका पकाररनकापत्र पस्तचुत दकयका रयका हह, जजससवे यह पररलदक्षत हको रहका हह दक दबनका दकसती उदचत ककारर कवे हकाजजरती मकाफकी कका पकाररनकापत्र पस्तचुत दकयका जका रहका हह , जजससवे सत्र परतीक्षर कवे दनस्तकारर मम अनकावश्यक दवलम्ब हको रहका हह एवसं आववेदक कवे द्विकारका पश्नरत मकामलवे ककी न्यकादयक पदक्रियका मम सहयकोर नहहीं दकयका जका रहका हह , अतनः मकामलवे कवे रचुर -दकोष पर दबनका ककोई दवचकार व्यक्त दकए यह अदग्रिम जमकानत आववेदन पत्र स्वतीककार दकए जकानवे यकोग्य नहहीं हह , तद्नचुसकार आववेदक कका अदग्रिम जमकानत आववेदन पत्र अस्वतीककार दकयका जकातका हह। 9. उपरकोक्तकानचुसकार वकाद कवे रचुर-दकोष पर दटिप्परती दकयवे बरहर यह अदग्रिम जमकानत पकाररनकापत्र दनरस्त दकयका जकातका हह। 10. ककायकारलय कको दनदरदशत दकयका जकातका हह दक इस आदवेश ककी एक पदतजलदप अदवलम्ब ससंबसंजधत दवचकारर न्यकायकालय कवे भवेजनका सचुदनणश्चत करम। Order Date :- 7.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad