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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 68476 (ALL)

LALLAN YADAV v. STATE OF U.P.

BAIL/21798/2025 · 2025-08-04

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:131758 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 21798 of 2025 Applicant :- Lallan Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Kailash Singh Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक लल्लन यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 400/2021, अन्रररर धमारमा 419/ 420/ 467/ 468/ 471 406/ 504/ 506 भमा.दद.सद., रमानमा ककोरवमालली घकोसली, जजलमा मऊ मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर ककयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा, पररवमादली कवे कवदमान अजधवक्तमा एवद कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन ककयमा। 3. पररवमादली कवे कवदमान अजधवक्तमा कमलवेश शममार दमारमा अपनमा वकमालरनमाममा दमाजखिल ककयमा रयमा उसवे पतमावलली पर रखिमा जमाए। 4. यह आववेदक कमा कदरलीय जममानर आववेदन पत हहै प्ररम जममानर आववेदन पत कदनमादक 19.07.2024 कको इस न्यमायमालय कवे अन्य न्यमायपलीठ दमारमा कनरस्र कर कदयमा रयमा रमा। 5. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। उन्हहोंनवे ऩ्यमायमालय कको यह अवरर करमायमा कक कपछलली कनयर करजर 18.08.2022 मम आववेदक कको अदरररम जममानर इस शरर कवे समार अदरररम जममानर प्रदमान ककी रयली रली कक आववेदक दमारमा अरलवे छछः ममाह कवे अददर कववमाकदर धनरमाकश 40 लमाखि रुपयवे वमादली ममुकदममा कको वमापस कर दवेरमा। जको कक आववेदक दमारमा कदयमा जमा चमुकमा हहै। जजसककी पमुकष्टि स्वयद पररवमादली कवे कवदमान अजधवक्तमा कमलवेश शममार दमारमा न्यमामायलय कवे समक्ष ककी रयली और उनकवे दमारमा यह रथ्य स्वलीकमार ककयमा रयमा कक आववेदक दमारमा उक्त कववमाकदर धनरमाकश वमादली ममुकदममा दमारमा प्रमाप्त ककयमा जमा चमुकमा हहै। पमुनछः आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानझून ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे अदमालर कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरहों कको स्वलीकमार करनवे कवे जलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरली। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 12.11.2020 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय। 6. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भलीर प्रकक कर कमा हहै , इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 7. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्यहों एवद पररणस्रकरयहों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरहों ककी प्रकक कर और ककसली भली ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रकर एवद उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 8. अरछः वमाद कवे रमुर दकोष पर कबनमा ककोई कटिप्परली ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुकष्टि पर व्यकक्तरर बदध -पत एवद उसली धनरमाकश कवे दको प्रकरभझू प्रस्रमुर करनवे पर कनम्नजलजखिर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय। 1. आववेदक कवववेचनमा यमा परलीक्षर कवे ददौरमान अकभयकोजन समाक्ष्यहों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षयहों व पलीकड़रमा / कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशहों कमा पमालन करवेरली, वह परलीक्षर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परलीक्षर मम ईममानदमारली सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपयकोर नहली करवेरमा और ककसली भली अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यहों सवे पररकचर ककसली भली व्यकक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयहों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यहों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे ककसली कवे उल्लदघन कवे ममामलवे मम , परलीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 5.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad