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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 68293 (ALL)

VISHNU PRAJAPATI v. State of U.P.

BAIL/21646/2024 · 2025-09-21

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 21646 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 371/2023, अन्तगर्त धारा 380, 457, 511, 427 भा०दं०िव०, थाना िसिवल लाइन्स, िजला प्रयागराज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री जयराम पाण्डेय को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. संक्षेप में अिभयोजन कथानक यह है िक िदनांक 05.10.2023 को प्रातः 3 बजे एक अज्ञात व्यिक्त िसिवल लाइन्स िस्थत ए.टी.एम. काउण्टर में प्रवेश िकया, कु छ संिदग्ध गितिविधयों के कारण चेतावनी अलामर् बज उठा। जब सुरक्षा िवभाग के सी.सी.टी.वी. के माध्यम से इस मुद्दे पर नजर रखने की कोिशश की तो पता चिल का ए.टी.एम. के अंदर और शाखा के बाहर लगाये सुरक्षा कै मरे काम नहीं कर रहे थे। इसकी सूचना शाखा प्रबन्धक को दी गयी और ए.टी.एम. काउण्टर पर पहुंचने पर प्रबंधक को िनम्निलिखत धोखाधड़ी वाले कायर् िमले। ए- ए.टी.एम. काउण्टर के अंदर कोई नहीं था, लेिकन एक लाइट बल्व, सी.सी.टी.वी. ए.टी.एम. मशीन सभी क्षितग्रस्त हो गये थे। बी-लाइट बल्व टूट गये थे और ए.टी.एम. मशीन के दािहनी ओर लगभग 5 सेमी का कट था और दोनों तरफ की क्षित के संके त िमलता है िक अपराधी ने मशीन को खोलने का प्रयास िकया था। सी.सी.टी.वी. की आगे जांच करने पर पता चला िक िदनांक 02.10.2023 को और िदनांक 03.10.2023 को एक अज्ञात व्यिक्त ने ब्रांच के बाहर और ए.टी.एम. में लगे सी.सी.टी.वी. से छेड़छाड़ की है। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्रश्नगत प्रकरण में आवेदक पर ए.टी.एम. से किथत रूप से छेड़छाड़ करने का आक्षेप आरोिपत िकया गया है, िकतु इस मामलें में प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक आवेदक, प्रथम सूचना िरपोटर् में नािमत नहीं है तथा Versus Counsel for Applicant(s) : Jai Singh Parihar, Satish Sharma Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Vishnu Prajapati .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) पुिलस द्वारा अपना अच्छा कायर् िदखाने के आशय से आवेदक को इस मामलें में अिभयुक्त नािमत कर िदया गया। आगे यह भी कहा गया िक किथत सी.सी.टी.वी. फु टेज के अवलोकन के अनुसार आवेवदक के िवरूद्ध प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है और न ही आवेदक से घटना से संबंिधत वस्तु की बरामदगी की गयी है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 06.10.2023 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक इस मामलें में अवलोिकत सी.सी.टी.वी. फु टेज के अनुसार आवेदक द्वारा किथत अपराध कािरत िकया जाना पिरलिक्षत है। आगे यह भी प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्त धारा 302 भा०दं०िव० में नािमत अिभयुक्त है तथा साबरमती जेल में िनरूद्ध था, िजसमें परोल पर मुक्त होकर बाहर आया था, उसी समयाविध के दौरान उसके द्वारा उक्त घटना कािरत की गयी। अिभयुक्त एक अभ्यस्त अपराधी है तथा अिभयुक्त को जमानत पर मुक्त िकये जाने पर उसके अन्य अपराध में संिलप्त होने की संभावना है, जो सामािजक शांित के प्रितकू ल है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध गंभीर व जघन्य प्रकृ ित का है, इसिलए अिभयुक्त को जमानत पर पर न छोड़ा जाय। 6. वतर्मान मामले में जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एवं उभय पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदक की भूिमका और इस मामलें के इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए िक, इस मामलें में अवलोिकत सी.सी.टी.वी. फु टेज के अनुसार आवेदक द्वारा किथत अपराध कािरत िकया जाना पिरलिक्षत है। इसिलए, मामले के गुण- दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। अतः यह जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, यह जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. िवचारण न्यायालय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस वाद से संबिधत सत्र परीक्षण का िनस्तारण, शीघ्रता के आधार पर अितशीघ्र करना सुिनिश्चत करें। September 22, 2025 CP.sahani BAIL No. 21646 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad