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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 67993 (ALL)

RAMESH CHANDRA YADAV v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

NABAIL/5132/2025 · 2025-06-30

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:101368 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5132 of 2025 Applicant :- Ramesh Chandra Yadav Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Satyam Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर दद्विरतीय अदग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक रमवेश चन्द्र यमादव ककी ओर सवे ममु०अ०ससं० 199 सन 2025, अन्रररर धमारमा 115(2)/ 351(3)/ 352, 64(1), 75(2) बती.एन.एस., रमानमा ककोरवमालती नरर, जजलमा एटमा मम अदग्रिम जममानर प्रदमान करनवे हवेरमु प्रस्रमुर दकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवकमा एवसं दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवकमा कको समुनमा ररमा पतमावलती कमा पररशतीलन दकयमा। 3. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवकमा नवे रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेदक दनदर्दोष हहै, उन्सवे उपरकोक धमारमाओसं मम द्विवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी नतीयर सवे आजलप्त दकयमा रयमा हहै . आववेदक कको आशसंकमा हहै दक उसवे उपरकोक वदररर ममामलवे मम दररफ्रमार दकयमा जमा सकरमा हहै जबदक उसकवे दवरूद्ध ककोई दवश्वसनतीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आरवे यह भती कहमा रयमा हहै दक आववेदक कमा ककोई आपरमाजधक इदरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे दवरूद्ध अभती रक ककोई भती बमाध्यकमारती प्रदकयमा नहहीं अपनमाई रयती हहै। यह भती कहमा रयमा हहै दक आववेदक दवचमारर और जमाजाँच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै दक वह जजॉच एजमसती यमा न्यमायमालय द्विमारमा अपवेदक्षिर समय पर उपणस्रर रहवेरमा। यह भती कहमा रयमा हहै दक यदद आववेदक कको अदग्रिम जममानर दती जमारती हहै रको वह जममानर ककी स्वरसंतरमा कमा दमुरूपयकोर नहहीं करवेरमा , जमाजाँच मम सहयकोर करवेरमा, न्यमायमालय कवे आदवेशशों कमा अनमुपमालन करवेरमा ररमा जममानर ककी सभती शरर्दोसं कमा अनमुपमालन करवेरमा। 4. दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवकमा नवे आववेदक कवे दवद्विमान अजधवकमा कवे रकर्दो कमा प्रबल दवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेदक नवे वमाददनती ककी ममाजाँ सवे ण्डिरमा धमकमाकर ददसरती शमादती कर जबरन बलमात्कमार दकयमा ररमा वमाददनती कको अपनती पमुतती बरमाकर उसकवे समार बलमात्कमार करनवे ककी ककोदशश कररवे हहए छवेड़छमाड़ दकयमा , ऐसती णस्रदर मम यह अदग्रिम जममानर आववेदन पत दनरस्र दकए जमानवे यकोग्य हहै। 5. दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवकमा कवे रकर्दो कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलती पर उपलब्ध समाक्ष्यशों कमा पररशतीलन करनवे कवे उपरमान्र, ररमाकजरर अपरमाध मम आववेदक ककी भददमकमा कको दवेखरवे हहए, आववेदक कको अदग्रिम जममानर प्रदमान दकए जमानवे कमा ककोई औदचत्य नहहीं हहै ररमा यह अदग्रिम जममानर आववेदन पत दनरस्र दकए जमानवे यकोग्य हहै। 6. रदद नमुसमार बमाद कवे रमुर दकोष पर दबनमा ककोई दटप्परती दकए हहए, आववेदक कमा अदग्रिम जममानर आववेदन पत दनरस्र दकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 1.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad