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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 21670 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. सूची पुनरीिक्षत वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक संजीव उफर् कािलया की ओर से मु०अ०स० 526/2022, अन्तगर्त धारा 376/ 323 भा.दं.सं., थाना जहांगीराबाद, िजला बुलन्दशहर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। मामले के अिभयोजन साक्षी सं. 02 श्रीमती पुष्पा देवी द्वारा यह कथन िकया गया िक इस प्रकार मामले का उक्त साक्षी पक्षद्रोही हो गया। घटना के िदन मेरे साथ संजीव कािलया व अनीीता साथ में थी। मैं अिभयुक्त संजीव कािलया की धान काटने गयी थी। मैं जट वाही में जाट के शीशपाल के खेत में जो उसने ले रखे थे। काटने गयी थी। संजीव कािलया के धान के खेत के आस पास धान कट रहे थे। मैंने वहां ध्यान नहीं िदया िक आस पास आदमी है या नहीं। संजीव कािलया के खेत के सहारे चकरोड है जो और खेतों को जा रही थी। उस चकरोड को लोग आ जा रहे थे। घटना वाली ट्यूबैल चकरोड के सहारे खेत वाले चक रोड पर था। कािलया उफर् संजीव ने मेरे पिरवार वालों से आकर कहा था िक उसके बारे में मुझे पता नहीं है। मुझे बेहोशी में लाये थे। मेरे पिरवार वाले मुझे बेहोशी में लेकर आये थे। सुबह मेरे पिरवार वालों ने मुझे बताया था िक अगले िदन क्या हुआ था िक तुम बेहोश थी हम तुम्हें लेकर आये थे।
4.
इस प्रकार मामले की उक्त साक्षी द्वारा तथाकिथत घटना का समथर्न नहीं िकया गया। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के Versus Counsel for Applicant(s) : Deepak Kumar Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Sanjeev @ Kaliya .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 02.10.2022 से कारागार में िनरुद्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर् का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंम्भीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये।
6. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगी, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5.
उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 23, 2025 S.Mishra BAIL No. 21670 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad