Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 67708 (ALL)
AYUB AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
NABAIL/4790/2025 · 2025-07-17
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 67708 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 67708 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:117172 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 4790 of 2025 Applicant :- Ayub And 2 Others Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Adesh Kumar Counsel for Opposite Party :- Ashok Kumar Singh,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी ओर सवे उपससस्थित ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तस्थिद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत, मसु०अ०सवं० 311/2018, अवंतगरत धिद्वारद्वा 498 ए, 304 बली भद्वा.दवं.सवं. एववं धिद्वारद्वा 3/4 डली.पली. एक्ट, स्थिद्वानद्वा धसम्भद्वावलली, धजलद्वा हद्वापसुड़ मम अवग्रिम जमद्वानत ककी मद्वावंग करतवे हहए इस पद्वास्थिरनद्वा कवे सद्वास्थि पसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै वक वगरफ्तद्वारली ककी ससस्थिवत मम आववेदकगण कको जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वाए।
3. आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा तकर वदयद्वा गयद्वा हहै वक आववेदकगण वनदर्दोष हह तस्थिद्वा उन्हम आशवंकद्वा हहै वक उन्हम उपयसुरक मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै, जबवक उनकवे ववरुद्ध ककोई ववश्वसनलीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आगवे यह भली पसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै आववेदक कवे ववरुद्ध अब तक ककोई बलपपूवरक पवक्रियद्वा जद्वारली नहहीं ककी गई हहै। आववेदकगण दद्वारद्वा ऐसद्वा ककोई भली अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै, जहैसद्वा वक पद्वास्थिवमककी मम दशद्वारयद्वा गयद्वा हहै। आववेदकगण दद्वारद्वा ममृतकद्वा सवे कभली भली वकसली पकद्वार कवे दहवेज ककी मद्वामाँग नहहीं ककी गयली तस्थिद्वा शद्वारलीररक अस्थिवद्वा मद्वानधसक रूप सवे पतद्वावड़त व परवेशद्वान नहहीं वकयद्वा गयद्वा। घटनद्वा कद्वा ककोई सवतवंत सद्वाकली नहहीं हहै। यह भली पसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण जद्वावंच तस्थिद्वा परलीकण कवे ददौरद्वान
सहयकोग करनवे कद्वा वचन दवेतवे हह तस्थिद्वा ववे जद्वावंच एजमसली /पसुधलस/न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अपवेवकत हकोनवे पर उपससस्थित हहोंगवे। यह कहद्वा गयद्वा हहै वक यवद आववेदकगण कको अवग्रिम जमद्वानत दली जद्वातली हहै, तको ववे जमद्वानत ककी सवतवंततद्वा कद्वा दसुरुपयकोग नहहीं करमगवे और जद्वावंच मम सहयकोग करमगवे और जमद्वानत ककी सभली शतर्दोवं कद्वा पद्वालन करमगवे।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा आववेदकगण कवे अवग्रिम जमद्वानत कद्वा ववरकोधि वकयद्वा वकयद्वा तस्थिद्वा आगवे यह तकर पसतसुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदकगण कद्वा अवग्रिम जमद्वानत पद्वास्थिरनद्वा पत वनरसत वकयवे जद्वानवे यकोग्य हहै।
5.
यह पद्वासवंवगक तथ्य यह भली हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे मद्वामलवे मम मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा यह अवधिद्वाररत वकयद्वा गयद्वा हहै वक अवग्रिम जमद्वानत यद्वावचकद्वा पर न्यद्वाय-वनणरयन करतवे समय न्यद्वायद्वालय कको आरकोपहों ककी पकमृ वत और गवंभलीरतद्वा, आरकोपली ककी न्यद्वावयक पवक्रियद्वा सवे भद्वागनवे ककी सवंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए और यह वक न्यद्वायद्वालय कको आरकोपली कवे ववरूद्ध उपलब्धि सभली सद्वामग्रिली कद्वा सद्वावधिद्वानली सवे मपूल्यद्वावंकन करनद्वा चद्वावहए और आरकोपली ककी वद्वासतववक भपूवमकद्वा पर भली ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए।
6. उभय पक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वागण कको ससुननवे और वतरमद्वान आववेदन मम वकए गए कस्थिनहों पर ववचद्वार करनवे कवे उपरद्वावंत , यह न्यद्वायद्वालय इस रद्वाय पर हहै वक आववेदकगण कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम जमद्वानत दवेनवे कवे धलए ककोई उपयसुक एववं पयद्वारप्त आधिद्वार नहहीं पसतसुत वकयद्वा गयद्वा हहै।
7. तदनसुसद्वार, आववेदकगण Ayub, Jameel एववं Parveen कद्वा यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत असवलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
8. इस वद्वाद मम यवद ककोई अवंतररम आदवेश हको तको, उसवे वनरसत समझद्वा जद्वाय।
9. हद्वालद्वावंवक, आववेदकगण कवे धलए सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक
वनयवमत जमद्वानत आववेदन पत पसतसुत करनवे कवे धलए सवतवंततद्वा हहै, यवद जमद्वानत कवे धलए ऐसद्वा ककोई आववेदन सवंबवंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे समक पवेश वकयद्वा जद्वातद्वा हहै, तको यह उम्मलीद ककी जद्वातली हहै वक सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय , न्यद्वायद्वालय कवे ववववेक और जमद्वानत दवेनवे मम ववचद्वार कको वनयवंवतत करनवे वद्वालवे वहैधिद्वावनक पद्वावधिद्वानहों कको बद्वाधधित वकयवे वबनद्वा, मद्वा० उच्चतम न्यद्वायद्वालय कवे दद्वारद्वा Satendra Kumar Antil Vs. Central Bureau of Investigation and another (Special Leave to Appeal (Crl.) No. 5191 of 2021, decided on 07.10.2021) मम पवतपद्वावदत यद्वा वनधिद्वारररत जमद्वानत दवेनवे कवे धलए आवश्यक वदशद्वा-वनदरशहों कको ध्यद्वान मम रखतवे हहए उस पर ववचद्वार करवेगली और फहै सलद्वा करवेगली।
10. उपयसुरक वटप्पवणयहों /वनदरशहों कवे सद्वास्थि , यह वतरमद्वान आववेदन पत कको वनसतद्वाररत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
11. कद्वायद्वारलय कको वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै वक इस वद्वाद कवे सद्वास्थि सवंबद्ध Criminal Revision No.1551 of 2025 (Ayyub and others Vs. State of State of U.P. and others) कको पमृस्थिक करकवे उपयसुक न्यद्वायपलीठ कवे समक सपूचलीबद्ध वकयद्वा जद्वाय। Order Date :- 18.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad