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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 67492 (ALL)

ABID v. STATE OF U.P.

BAIL/20624/2025 · 2025-08-31

Gautam Chowdhary

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Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 20624 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 620/2023, अंतगर्त धारा 420, 467, 468, 471 भा.दं.सं., थाना ट्रोिनका िसटी, िजला गािजयाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3.(क) प्रासंिगक तथ्य यह है िक सूचनाकतार् ने एक मिहन्द्रा स्कॉिपयो फाइनेंस सिवस िल० से फाइनेंस कराकर अपने साले मो० रािशद को दी थी। उक्त गाड़ी की िकश्तें भी रािशद ही जमा कर रहा था। मोहम्मद रािशद (िशकायतकतार् का साला) ने िदनांक 19.05.2022 को एक िवक्रय-िवलेख पत्र के माध्यम से आवेदक के साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी की और आवेदक ( आिबद) को वाहन सौंप िदया और इस आधार पर िबना िकसी ब्याज के ऋण ले िलया िक वह वाहन (UP-14EA-9685) का मािलक है, जबिक वास्तव में वह (सूचनाकतार् का साला) वाहन का मािलक भी नहीं था, िकन्तु सूचनाकतार् द्वारा उसे (सूचनाकतार् का साला) प्राथिमकी में नामजद नहीं िकया गया है। प्राथिमकी पंजीकृ त होने के पश्चात पुिलस स्टेशन सदर गुरुग्राम िजला हिरयाणा ने उपरोक्त वाहन को बरामद कर अपने कब्जे में ले िलया। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई समुिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है एवं घटना की ितिथ एवं समय अंिकत नहीं िकया गया है। आवेदक को ब्लैकमेल करने और परेशान करने की िनयत से वतर्मान वाद में िमथ्यारोिपत िकया गया है, तािक मोहम्मद रािशद (सूचनाकतार् के साले) द्वारा आवेदक से ली गई धनरािश वापस न करनी पड़े। (ख) आवेदक के िवरुद्ध ऐसा कोई भी साक्ष्य अिभलेख पर संलग्न नहीं है, िजससे यह सािबत Versus Counsel for Applicant(s) : Saurabh Chaturvedi, Shiv Kumar Yadav, Sunil Kumar Dubey, Utpal Chatterji Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Abid .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) हो सके िक आवेदक द्वारा ही उक्त फजीर् पैन काडर्, आधार काडर् और सूचनाकतार् का खाता खोला गया था, न ही आवेदक द्वारा िकसी दस्तावेज की कू टरचना कािरत की गयी है। आवेदक के िवरुद्ध इस तथ्य का भी कोई साक्ष्य नहीं है िक उसके िकस खाते में उिल्लिखत रािश (9,95,000/- रुपये) दी गई तथा आवेदक के बैंक खाते में उक्त धनरािश से संबंिधत िकसी प्रकार की धनरािश का हस्तांतरण नहीं हुआ है। संबंिधत पुिलस द्वारा आज तक स्पाईनी कं पनी िदल्ली के क्रे ता का बी.एन.एस.एस. की धारा 180 के अंतगर्त बयान दजर् नहीं िकया गया है। उक्त गाड़ी को आवेदक द्वारा किथत कं पनी को बेची नहीं गयी है, न ही वह उक्त गाड़ी का मािलक है। सूचनाकतार् और िनजी गवाहों के बयानों में परस्पर िवरोधाभास है। यह स्पष्ट नहीं है िक उक्त गाड़ी के ट्रांसफर संबंिधत कागजों पर िजस व्यिक्त का फोटो चस्पा है वह गाड़ी का पंजीकृ त स्वामी है अथवा नहीं तथा वह कौन व्यिक्त है तथा वह आवेदक द्वारा िकसी प्रकार से संबंिधत है, इस तथ्य को भी अिभयोजन पक्ष द्वारा स्पष्ट नहीं िकया गया है। आवेदक के िवरुद्ध वतर्मान घटना से संबंिधत कोई प्रत्यक्ष एवं पिरिस्थितजन्य साक्ष्य नहीं है, परन्तु सूचनाकतार् ने िबना िकसी िवश्वसनीय साक्ष्य के आवेदक के िवरुद्ध झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथिमकी दजर् करा दी। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 17.04.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गंभीर प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाय। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग BAIL No. 20624 of 2025 2 करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 1, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 20624 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad