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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 66787 (ALL)

AKHILESH YADAV v. STATE OF U.P.

BAIL/19930/2025 · 2025-08-31

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19930 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक अिखलेश यादव की ओर से मु०अ०सं० 88/2025, अन्तगर्त धारा 109(1), 309(4), 352, 351(3), 317(2) बी.एन.एस ., थाना कोठीभार, िजला महराजगंज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. संक्षेप में अिभयोजन कथानक के अनुसार वादी द्वारा िदनांक 24-03-2025 को इस आशय की प्राथिमकी पंजीकृ त करायी िक िदनांक 20-03-2025 को सुबह लगभग 08:00 बजे उसकी माता दुईजा देवी िकसी काम से अपने खेत की तरफ जा रही थी, तभी उसके गांव का अिखलेश यादव (आवेदक) ने अिनल कु मार िनवासी कै मी का ग्राम, बरईपार में िस्थत गन्ने के खेत के पास अके ला पाकर वादी की माता दुईजा देवी को जान से मारने की नीयत से उनके िसर पर लोहे की राड से जोरदार प्रहार कर िदया, िजससे वादी की माता को गम्भीर व प्राणघातक चोटें आयीं। वादी की माता के शोर पर उसके गांव के बाबूलाल यादव एवं वादी स्वयं मौके पर पहुंचा, तो अिखलेश यादव (आवेदक) वहां से भाग रहा था। वादी की मां को एम्बुलेंस से सी०एच०सी० िनचलौल ले जाया गया, िकन्तु िसर में गम्भीर चोट होने के कारण डॉक्टर ने िजला िचिकत्सालय, महराजगंज रेफर कर िदया। वादी के मां की िस्थित काफी नाजुक बनी हुयी है। उनका इलाज सीटी सेन्टर हॉिस्पटल, महराजगंज में चल रहा है। घटना के बाद से ही अिखलेश यादव (आवेदक) गांव में घूम-घूम कर वादी व उसके पिरवार को गाली-गुप्ता एवं जान से मारने की धमकी दे रहा है। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। प्राथिमकी िवलिम्बत है तथा उक्त िवलम्ब का कोई स्पष्टीकरण नहीं िदया गया है। आवेदक द्वारा वतर्मान घटना को कािरत िकये जाने का कोई हेतुक नहीं है, न ही कोई वास्ता-सरोकार है। वादी/ Versus Counsel for Applicant(s) : Piyush Patel, Pradeep Kumar Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Akhilesh Yadav .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) सूचनाकतार् द्वारा प्राथिमकी में िकसी भी प्रकार के सामान को लूटने अथवा चोरी करने का आरोप नहीं लगाया गया है। आवेदक द्वारा चुटैल/मजरूबा को िकसी प्रकार की प्राणघातक चोट कािरत नहीं की है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 25.03.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा जान-बूझकर चुटैल को अके ला पाकर उसके िसर पर लोहे की रॉड से प्राणघातक हमला िकया, िजससे उनके िसर पर जानलेवा चोट आयी तथा आवेदक की िनशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे के रॉड की बरामदगी भी पायी गयी है। चुटैल के िचिकत्सीय आख्या के अनुसार उक्त कािरत चोटें िसर पर हैं तथा जान के िलए खतरनाक हैं। चुटैल के इलाज के दौरान, इलाज करने वाले डॉक्टर आर.के . िसह ने कथन िकया है िक "पेशेन्ट के िसर के बांयी तरफ लगभग 7x8 से०मी० कट माकर् लगा हुआ है और प्राथिमक उपचार के बाद मरीज को आई०सी०यू० में भतीर् िकया गया है। िदनांक 21.03.2025 को खून की कमी होने के कारण खून चढ़ाया गया था और मरीज के िसर में चोट होने के कारण सीटी स्कै न कराया गया है। सीटी स्कै न से ज्ञात हुआ है िक मरीज के िसर के बांये तरफ िसर की हड्डी (left fronto temporal bone) टूटी हुयी है। इस चोट से मरीज की मृत्यु हो सकती थी तथा मरीज का दवा इलाज अभी भी आई.सी.यू. में ही चल रहा है तथा िस्थित गम्भीर बनी हुयी है।" डॉ० के उक्त कथन तथा सी.टी. स्कै न की आख्या के अनुसार भी चुटैल/मजरूबा को आयी चोटों की गम्भीरता स्पष्ट रूप से पिरलिक्षत हो रही है तथा यह भी स्पष्ट है िक चुटैल को आयी चोटें जान के िलए खतरनाक हैं। मजरूबा ने भी अपने बयान में अिभयोजन कथानक का समथर्न िकया गया है। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय एवं गम्भीर प्रकृ ित का है तथा जान-बूझकर चुटैल को जान से मारने के इरादे से कािरत िकया गया है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाए। 6. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवेदक को जमानत पर मुक्त िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष को प्रभािवत िकये बगैर यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। September 1, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 19930 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad