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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 66720 (ALL)
PAWAN KUMAR v. STATE OF U.P.
BAIL/23321/2025 · 2025-08-18
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 66720 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:142118 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 23321 of 2025 Applicant :- Pawan Kumar Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Sujan Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एववं रद्वाज्य ककी तरफ सवे ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको ससुनद्वा तथद्वा पतद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत आववेदक पवन कसु मद्वार ककी ओर सवे मसु०अ०सवं० 539/2024, अवंतररत धिद्वारद्वा 406, 420, 467, 468, 471 भद्वा.दवं.सवं., थद्वानद्वा सदद्वाबद्वाद, धजलद्वा हद्वाथरस मम जमद्वानत पर मसुक करनवे हवेतसु प्रस्तसुत वकयद्वा रयद्वा हहै।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तसुत वकयद्वा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलत एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठद्वा फवं सद्वायद्वा रयद्वा हहै , उसनवे कधथत अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा हहै। पझूवर मम वदनद्वावंक 22.07.2025 कको आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा कथन वकयद्वा रयद्वा थद्वा वक यवद आववेदक कको अवंतररम जमद्वानत पर ररहद्वा वकयद्वा जद्वातद्वा हहै, तको वह वववद्वावदत धिनरद्वावश सझूचनद्वाकतद्वार कको वद्वापस कर दवेरद्वा, इसली आधिद्वार पर आववेदक कको आदवेश वदनद्वावंक 22.07.2025 कको अवंतररम जमद्वानत प्रदद्वान ककी रयली थली। आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा दद्वारद्वा अवग्रिम कथन वकयद्वा रयद्वा वक उक आदवेश कवे अनसुपद्वालन मम वववद्वावदत धिनरद्वावश आववेदक दद्वारद्वा सझूचनद्वाकतद्वार कवे बबक मम जमद्वा ककी जद्वा चसुककी हहै तथद्वा सवंबवंधधित दस्तद्वाववेज/सद्वाक्ष्ययों कको पझूवर मम दद्वाधखिल पझूरक शपथपत मम अनसुलग्नक सवं० SA- 1 कवे रूप मम सवंलग्न वकयद्वा रयद्वा हहै , धजससवे यह स्पष्ट हहै वक आववेदक दद्वारद्वा वववद्वावदत धिनरद्वावश सझूचनद्वाकतद्वार कवे खिद्वातवे मम जमद्वा ककी जद्वा चसुककी हहै। आववेदक दद्वारद्वा अपनवे पझूवर कवे आपरद्वाधधिक इवतहद्वास कको शपथपत कवे प्रस्तर सवं० 28 मम स्पष्ट वकयद्वा रयद्वा हहै। पसुननः उनकद्वा यह भली कथन हहै वक आववेदक ककी तरफ सवे यह आश्वद्वासन वदयद्वा रयद्वा हहै वक वह कद्वानझून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकोर करनवे कवे
धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हकोरली वह ईमद्वानदद्वारली सवे अदद्वालत कवे समक्ष खिसुद कको उपलब्धि करद्वाएरद्वा और उन सभली शतरवं कको स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जको न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकोवपत करवेरली। आववेदक वनदरष हहै तथद्वा वह इस प्रकरर मम वद० 22.04.2025 सवे कद्वारद्वारद्वार मम वनरुद्ध हहै। इसधलए आववेदक कको जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय।
4. ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा कको आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे उक कथन सवे ककोई आपधत्ति नहहीं हहै।
5.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा कवे तकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतद्वावलली पर उपलब्धि सद्वारवद्वान तथ्ययों एववं पररणस्थवतययों कद्वा समग्रि रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बद्वाद, सबझूतयों ककी प्रकक वत और वकसली भली ठकोस ववरकोधिद्वात्मक सद्वामग्रिली ककी अनसुपणस्थवत एववं उपलब्धि सद्वामग्रिली सवे छवेड़छद्वाड़ ककी सवंभद्वावनद्वा न हकोनवे कवे तथ्य कको दवेखितवे हहए मवेरली रद्वाय मम आववेदक कको जमद्वानत पर मसुक करनवे कद्वा उपयसुक आधिद्वार हहै।
6. अतनः वद्वाद कवे रसुर -दकोष पर वबनद्वा ककोई वटिप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक ववररत अपरद्वाधि मम सवंबवंधधित न्यद्वायद्वालय ककी सवंतसुवष्ट पर व्यवकरत बवंधि- पत एववं अधधिक धिनरद्वावश कवे ककोई भली दको प्रवतभझू प्रस्तसुत करनवे पर वनम्नधलधखित शतरवं कवे सद्वाथ जमद्वानत पर छकोड़ वदयद्वा जद्वाय। i. आववेदक ववववेचनद्वा यद्वा परलीक्षर कवे ददौरद्वान अवभयकोजन सद्वाक्ष्ययों कवे सद्वाथ छवेड़छद्वाड़ नहहीं करवेरद्वा। ii. आववेदक अवभयकोजन सद्वावक्षययों व पलीवड़तद्वा / वशकद्वायतकतद्वार कको ण्डिरद्वायवेरद्वा/धिमकद्वायवेरद्वा नहहीं। iii. आववेदक न्यद्वायद्वालय कवे आदवेशयों कद्वा पद्वालन करवेरद्वा, वह परलीक्षर कवे ददौरद्वान वबनद्वा ककोई अनद्वावश्यक स्थरन धलए वनयत वतधथ पर न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत हकोरद्वा तथद्वा परलीक्षर मम ईमद्वानदद्वारली सवे सहयकोर करवेरद्वा। iv. आववेदक जमद्वानत पर ररहद्वा हकोनवे कवे बद्वाद जमद्वानत ककी स्वतवंततद्वा कद्वा दसुरूपयकोर नहली करवेरद्वा और वकसली भली अपरद्वाधधिक रवतववधधि मम धलप्त नहहीं हकोरद्वा न ककोई अपरद्वाधधिक कक त्य करवेरद्वा।
v. आववेदक प्रत्यक्ष यद्वा अप्रत्यक्ष रूप सवे मद्वामलवे कवे तथ्ययों सवे पररवचत वकसली भली व्यवक यद्वा पसुधलस अधधिकद्वाररययों कको ककोई प्रलकोभन यद्वा धिमककी नहहीं दवेरद्वा न हली उनसवे ककोई वद्वायदद्वा करवेरद्वा , धजसकवे कद्वारर उन्हम न्यद्वायद्वालय मम तथ्ययों कको उजद्वारर करनवे सवे ववरत रहनद्वा पण्डिवेडे़।
7. उपरकोक शतरवं मम सवे वकसली कवे उलवंघन कवे मद्वामलवे मम , परलीक्षर न्यद्वायद्वालय आववेदक ककी जमद्वानत वनयमद्वानसुसद्वार रद्द करनवे कको स्वतवंत हहै। Order Date :- 19.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad