Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 66564 (ALL)

RAJAT v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

NABAIL/4549/2025 · 2025-08-11

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:136900 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 4549 of 2025 Applicant :- Rajat Opposite Party :- State Of U.P. And 3 Others Counsel for Applicant :- Ram Awadh Mishra,Siddhartha Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक रजर ककी ओर सवे पररवमाद०ससं० 01 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 376/ 506 भमा०दसं०गव० एवसं 3/4 पपॉक्ससो एक्ट , रमानमा गरवमार , जजलमा कनन्नौज मम अगग्रिम जममानर ककी मपॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमाररी ककी णसरगर मम आववेदक कसो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा कसो ससुनमा ररमा पतमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरसोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप गकयमा रयमा हहै, उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरसोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कसोई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भरी करन हहै गक आववेदक कमा कसोई आपरमाजधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभरी रक कसोई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हहै। पसुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जपॉच कवे दन्नौरमान सहयसोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जपॉच एजमसरी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयसोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भरी आवश्यकरमा हसोररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खसुद कसो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोसं कसो सवरीकमार करनवे कवे जलए भरी रहैयमार हहै जसो न्यमायमालय उस पर अजधरसोगपर करवेररी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवकमा दमारमा अगभयसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरसोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभरीर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कसो दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयसुक कसो अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयसुक कसो अगग्रिम जममानर पर न छसोडमा जमायवे। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय-गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कसो आरसोपयों ककी प्रकक गर और रसंभरीररमा, आरसोपरी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कसो आरसोपरी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभरी समामग्रिरी कमा समावधमानरी सवे मनूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरसोपरी ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भरी गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दोसं एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधरी गवजध कवे सरमागपर जसद्धमासंरयों कसो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान अजधवकमाओसं कवे करनयों, आरसोपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कसो ध्यमान मम रखरवे हहए , ममामलवे कवे रसुर -दसोष पर गबनमा कसोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवरीकमार गकए जमानवे यसोग्य हहै। रद्नसुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवरीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरसोक मसुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममजलर आववेदक ककी गररफ्रमाररी ककी दशमा मम, उसवे ससंबसंजधर न्यमायमालय ककी ससंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसरी धनरमागश कवे दसो प्रगरभनू प्रसरसुर करनवे पर , सत पररीक्षिर कवे गनसरमारर रक गनमन शरर्दो कवे अधरीन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हसोरमा रसो गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्षि अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसरी व्यगक यमा पसुजलस अजधकमाररययों कसो प्रत्यक्षि यमा परसोक्षि रूप सवे कसोई धमककी , वमादमा यमा प्रलसोभन नहहीं दवेरमा जजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कसो न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसरी पसुजलस अजधकमाररी कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवचमारर कवे दन्नौरमान सहयसोर करवेरमा और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दसुरूपयसोर नहहीं करवेरमा। उपरसोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाजधकमाररी /अगभयसोजन पक्षि कसो, आववेदक कसो प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसररीकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरसंतरमा हसोरमा। 8. रद्नसुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरसोक गटप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 12.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad