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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 66289 (ALL)
VIKRAM OJHA v. STATE OF U.P.
BAIL/19459/2025 · 2025-08-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 66289 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:145310
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19459 of 2025 Applicant :- Vikram Ojha Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Chakrasudan Dubey,R S Dubey,Sonam Upadhyay Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ववक्रम ओझमा ककी ओर सवे ममु०अ०स० 09/2025, अन्रररर धमारमा 316(5)/ 319(2)/ 318(4)/ 338/ 336(3)/ 340(2) बब.एन.एस, रमानमा बमाबांसरमाबांव, जजलमा रगोरखपमुर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा एवबां ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कगो समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन वकयमा।
3. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कगो इस प्रकरर मम रलर एवबां फजर्जी ढबांर सवे झझूठमा फबां समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। आववेदक जब.एस.टवेलब सववरस कम्पनब मम कमरचमारब कवे रूप मम कमाम कररमा रमा। अवभियगोजन दमारमा 77,72,485/- वकस खमारवे मम ण्डिमालवे रयवे, इसककी जमानकमारब उसवे नहहीं हहै। अवभियगोजन दमारमा जगो खमारमा नम्बर वदयमा रयमा हहै वह रलर हहै। आववेदक व प्ररम सझूचनमाकरमार समार मम कम्पनब मम कमायर कररवे रवे ररमा दगोननों कमा पहैसमा कम्पनब मम लरमा रमा। व्यमापमार कवे रूप मम जगो भिब लमाभि हगोरमा रमा वह कम्पनब दमारमा उनलगोरनों कगो वमल जमारमा रमा। प्रमारवमककी मम प्ररम सझूचनमाकरमार दमारमा स्वबांय ववररर वकयमा रयमा हहै वक 3,30,0000/- उसवे लमाभिकवे रूप मम वमलमा। आववेदक उक्त कम्पनब मम लरभिर अस्सब लमाख रूपयमा लरमायमा रमा जजसमम सवे पहैरबस लमाख रूपयवे उसवे प्रमावफट कवे रूप मम प्रमाप्त हहआ शवेष कम्पनब कवे वदवमालमा हगोनवे कवे कमारर हमावन हहई। प्ररम सझूचनमाकरमार दमारमा रहरबर मम स्वबांय ववररर वकयमा रयमा हहै वक आववेदक कम्पनब कमा ममाजलक नहहीं हहै। प्ररम सझूचनमाकरमार दमारमा हब आववेदक कमा रूपयमा ण्डिमुबमायमा रयमा हहै और जब आववेदक नवे अपनवे वहस्सवे ककी ममाबांर वकयमा रगो वह रूपयमा दवेनवे सवे मनमा कर वदयमा। उक्त वमाद व्यवहमायर प्रकक वर कमा हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रयमा मम सहयगोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भिब आवश्यकरमा हगोरब वह ईममानदमारब सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कगो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभिब शरनों कगो स्वबकमार करनवे कवे जलए भिब रहैयमार हहै जगो न्यमायमालय उस पर अजधरगोवपर करवेरब। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 05.02.2025 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कगो जममानर पर छगोड़ वदयमा
जमाय।
5.
ववदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरगोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सबांजवेय एवबां रबांम्भिबर प्रकक वर कमा हहै, इसजलए आववेदक कगो जममानर पर न छगोड़मा जमायवे।
6. आववेदक कवे ववदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोबां कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्यनों एवबां पररणस्रवरयनों कमा समग्र रूप सवे अवलगोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरनों ककी प्रकक वर और वकसब भिब ठगोस ववरगोधमात्मक समामग्रब ककी अनमुपणस्रवर एवबां उपलब्ध समामग्रब सवे छवेड़छमाड़ ककी सबांभिमावनमा न हगोनवे कवे रथ्य कगो दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कगो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै।
7. अरनः वमाद कवे रमुर दगोष पर वबनमा कगोई वटप्परब वकए हहए आववेदक कगो उपरगोक्त ववररर अपरमाध मम सबांबबांजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष्टि पर व्यवक्तरर बबांध-पत एवबां उसब धनरमावश कवे दगो प्रवरभिझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नजलजखर शरर्दोबां कवे समार जममानर पर छगोड़ वदयमा जमाय।
1. आववेदक ववववेचनमा यमा परबक्षर कवे ददौरमान अवभियगोजन समाक्ष्यनों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अवभियगोजन समावक्षयनों व पबवड़रमा/ वशकमायरकरमार कगो ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशनों कमा पमालन करवेरब , वह परबक्षर कवे ददौरमान वबनमा कगोई अनमावश्यक स्ररन जलए वनयर वरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हगोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयगोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हगोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरबांतरमा कमा दमुरूपयगोर नहब करवेरमा और वकसब भिब अपरमाजधक रवरववजध मम जलप्त नहहीं हगोरमा न कगोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यनों सवे पररवचर वकसब भिब व्यवक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयनों कगो कगोई प्रलगोभिन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे कगोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यनों कगो उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरगोक्त शरर्दोबां मम सवे वकसब कवे उलबांघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कगो स्वरबांत हहै। Order Date :- 22.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad