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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 20856 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से आज अनुपालन शपथपत्र दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 0369/2025, अंतगर्त धारा 351(2), 115(2), 309(6) बी.एन.एस., थाना किव नगर, िजला नगर (गािजयाबाद किमश्नरेट) में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। पूवर् में िदनांक 24.06.2025 को आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया था िक यिद आवेदक को अंतिरम जमानत पर िरहा िकया जाता है, तो वह िववािदत धनरािश रु० 38,000/- सूचनाकतार् को वापस कर देगा, इसी आधार पर आवेदक को आदेश िदनांक 24.06.2025 को अंतिरम जमानत प्रदान की गयी थी। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम कथन िकया गया िक उक्त आदेश के अनुपालन में िववािदत धनरािश आवेदक द्वारा सूचनाकतार् के पक्ष में संबंिधत मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट, गािजयाबाद के अधीन जमा की जा चुकी है तथा संबंिधत दस्तावेज/साक्ष्यों को आज दािखल पूरक शपथपत्र में अनुलग्नक सं० SA-1 के रूप में संलग्न िकया गया है, िजससे यह स्पष्ट है िक आवेदक द्वारा उक्त िववािदत धनरािश सूचनाकतार् के पक्ष में जमा की जा चुकी है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के Versus Counsel for Applicant(s) : Akshay Kumar Shukla Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Shashwat Singh .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 14.04.2025 से कारागार में िनरुद्ध था तथा आदेश िदनांक 24.06.2025 के द्वारा अंतिरम जमानत पर अवमुक्त िकया जा चुका है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
5.
िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के उक्त कथन से कोई आपित्त नहीं है।
6. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 9, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 20856 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad