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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65914 (ALL)

SONU VERMA v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS

BAIL/22312/2025 · 2025-10-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 22312 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीि्षत वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक की ओर से मु.अ.सं० 262/2024 अन्तगर्त धारा 376एबी भा.दं.सं. एवं धारा 5/एम/6 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(2)(5) एस.सी./एस.टी एक्ट, थाना गुरसहायगंज, िजला कन्नौज में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है। 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा, पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ्षारा अवगत कराया गया िक उन्हें ्ऺाप्त अनुदेश के अनुसार िवप्षी सं० 2 को नोिटस, िदनांक 07.08.2025 िनष्पािदत/तामीला कराया जा चुका है। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक को इस ्ऺकरण में गलत एवं फजर् ा़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। मामले के अिभयोजन सा्षी सं. 03 अिनल कु मार पु्ऴ रामू जाटव को जब तहरीर प़ाकर सुनाई गयी तो उसने अपने बयान में कथन िकया िक मैंने घटना नहीं िलखाई थी मैं प़ाा िलखा नहीं हूं। िजस ्िि्व ने तहरीर िलखी थी उसने अपनी मजर् से झूठी बात िलख दी थी िक मेरी छोटी पु्ऴी आिलया को पकड़कर सोनू वमार् ने उसके गुप्तांगों में अगुंली डाल दी थी। ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। िदनांक 20.04.24 को में अपनी दोनों पु्ऴी आिलया व लष्मी को लेकर दोपहर लगभग 12.00 बजे लेकर सोनू वमार् की दुकान के पास से नमकीन िदलाने लाया था। मेरी छोटी बेटी आिलया गािड़यों को धुलने वाली ्ऺेशर मशीन से खेलने लगी थी और पानी से नहाने लगी थी वहां पर मौजूद िकसी ्िि्व ने उसे डांटा तो वह भागी और पेड़ की जड़ पर िगर गयी िजससे उसके गुप्तांग पर चोट लग गयी मैं भी वहीं 10 कदम की दूरी पर मौजूद था मैं तुख्त मौके पर पहुंच गया मेरी बड़ी बेटी लष्मी को मैंने रूपये देकर दालमोट खरीदने भेजा था। वह भी तुरन्त मौके पर कु छ देर बाद आ गयी थी। अपनी छोटी बहन को ऐसा देख वह डर गयी थी मौके पर तमाम लोग इकटठे हो गये थे और उनके कहने पर मैं थाने पर िशकायत करने चला गया Versus Counsel for Applicant(s) : Shailendra Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party(s) : Durgesh Kumar Pandey, G.A. Sonu Verma .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s) था। इस ्ऺकार मामले की उ्व सा्षी प्ष्शोही हो गया। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 21.04.2025 से कारागार में िनरु्ध है इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 5. पिरवादी के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकरॏ का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंम्भीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाये। 6. आवेदक के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य ्ऺश्नगत ्ऺकरण में प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है। 7. अतः वाद के गुण दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की सन्तुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। 1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। 1. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। 1. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। 1. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 1. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परी्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 7, 2025 S.Mishra BAIL No. 22312 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad