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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65865 (ALL)

DRAVESH DIWAKAR DWIVEDI ALIAS VINTU MAHARAJ v. STATE OF U.P.

BAIL/19556/2025 · 2025-07-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:123163 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19556 of 2025 Applicant :- Dravesh Diwakar Dwivedi Alias Vintu Maharaj Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Sushil Kumar Dubey Counsel for Opposite Party :- Aditya Narayan Shukla,G.A.,Shiv Bahadur Yadav Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक द्रववेश ददवमाकर दद्विववेददी ककी ओर सवे ममु०अ०स० 238/2024, अन्रररर धमारमा 193/ 195/ 198/ 205/ 211/ 468/ 469/ 471/ 120 बदी भमा.दद.सद., रमानमा ककोरवमालदी कमालपदी, जजलमा जमाललौन मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर दकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा, पररवमाददी कवे दवद्विमान अजधवक्तमा एवद दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलदी कमा पररशदीलन दकयमा। 3. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं दकयमा हहै, आववेदक उक्त प्रकरर मम नमामजद अदभयमुक्त नहहीं हहै। आववेदक कवे जखिलमाफ उक्त वमाद मम ककोई प्रत्यक्ष यमा परकोक्ष समाक्ष्य पतमावलदी उपलब्ध नहहीं हहै। आववेदक कको सहअदभयमुक्त कवे बयमान कवे आधमार पर ममुणलजम बनमायमा रयमा हहै। पमुननः उनकमा करन हहै दक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन ददयमा रयमा हहै दक वह कमानझून ककी प्रदक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भदी आवश्यकरमा हकोरदी वह ईममानदमारदी सवे अदमालर कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभदी शरतों कको स्वदीकमार करनवे कवे जलए भदी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोदपर करवेरदी। आववेदक दनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम दद० 06.03.2025 सवे कमारमारमार मम दनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ ददयमा जमाय। 4. पररवमाददी कवे दवद्विमान अजधवक्तमा एवद दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल दवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेदक द्विमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भदीर प्रकक दर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 5. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलदी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवद पररणस्रदरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरतों ककी प्रकक दर और दकसदी भदी ठकोस दवरकोधमात्मक समामग्रदी ककी अनमुपणस्रदर एवद उपलब्ध समामग्रदी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरदी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 6. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर दबनमा ककोई दटिप्परदी दकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वदररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुदष्टि पर व्यदक्तरर बदध-पत एवद अजधक धनरमादश कवे दको स्रमानदीय प्रदरभझू प्रस्रमुर करनवे पर दनम्नजलजखिर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ ददयमा जमाय। 1. आववेदक दवववेचनमा यमा परदीक्षर कवे दलौरमान अदभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अदभयकोजन समादक्षयतों व पदीदड़रमा/ दशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरमा, वह परदीक्षर कवे दलौरमान दबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए दनयर दरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परदीक्षर मम ईममानदमारदी सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपयकोर नहदी करवेरमा और दकसदी भदी अपरमाजधक रदरदवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररदचर दकसदी भदी व्यदक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हदी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे दवरर रहनमा पण्डिवेड उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे दकसदी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम, परदीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर दनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 25.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad