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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65795 (ALL)

VIKRAM SINGH v. STATE OF U.P.

BAIL/19101/2025 · 2025-08-04

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:131663 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 19101 of 2025 Applicant :- Vikram Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Om Narayan Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक ववक्रम सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०स० 74/2025, अन्रररर धमारमा 115(2)/ 118(1)/ 326(जज)/ 109/ 351(3) बज.एन.एस, रमानमा सदर बमाजमार, सजलमा शमाहजहमासिंपमुर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा, पररवमादज कवे ववदमान असधवक्तमा एवसिं ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पत्रमावलज कमा पररशजलन वकयमा। 3. पररवमादज कवे ववदमान असधवक्तमा दमारमा प्रवरशपर पत्र दमासखिल वकयमा रयमा उसवे पत्रमावलज पर रखिमा जमाए। 4. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवसिं फजर्जी ढसिंर सवे झझूठमा फसिं समायमा रयमा हहै , उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। कसरर घटनमा वदनमाक 09.02.2025 समय 06.00 बजवे ककी बरमायज रयज हहै सजसककी एफ०आई०आर० वदनमाक 09.02.2025 कको समय 14.59 बजवे रमानमा सदर बमाजमार पर दजर करमायज रयज हहै। 9 घणटवे वबलम्ब कमा ककोई स्पषजकरर अवभियकोजन दमारमा नहहीं वदयमा रयमा हहै जबवक कसरर घटनमास्रल ककी दझूरज रमानमा सदर बमाजमार सवे ममात्र 3 वकमज० ककी बरमायज रयज हहै। ममुकदमवे ककी वमावदनज प्रमारर्जी ककी पत्नज हहै। कसरर घटनमा सवे पझूवर ककोई भिज ररपकोटर यमा पररवमाद वमावदनज दमारमा आववेदक कवे ववरूद्ध नहहीं वकयमा रयमा हहै सजस कमारर कसरर पझूवर घटनमाएसिं झझूठज एवसिं फजर्जी समावबर हह। आववेदक मवेवण्डिकल कमा कमाम कररमा रमा ररमा उसज सवे अपनवे पररवमार कमा भिरर पकोषर कररमा रमा। आववेदक ममानससक रकोरज हहै ररमा वह मनकोवचिवकत्सक कवे इलमाज मम चिल रहमा हहै ररमा उसमम इलमाज लखिनऊ कवे अपकोलको मवेवण्डिक्स हहॉणस्पटल मम भिज चिलमा हहै। आववेदक कको भिझूल जमानवे ककी बजममारज हहै उसवे नजद नहहीं आरज हहै। अकमारर हज बण्डिबण्डिमानवे लररमा हहै ररमा रम्भिजर वण्डिप्रवेशन कमा रकोरज हहै ररमा 2025 मम भिज मनकोरकोर वचिवकत्सककों कवे इलमाज़ मम रमा सजसकवे पचिर सलग्न हहै। आववेदक मनकोरकोरज हकोनवे कवे कमारर अपनमा व्यमापमार सहज ररजकवे सवे नहहीं कर पमा रहमा रमा सजस कमारर आसररक णस्रवर खिरमाब हको रयज रज। आववेदक नवे ककोई भिज कसरर घटनमा ममारपजट यमा आरजनज नहहीं ककी हहै। उन्हकोंनवे आरवे पररवमादज कवे ववदमान असधवक्तमा दमारमा दमासखिल प्रवरशपर पत्र पर न्यमायमालय कमा ध्यमान आकवषरर कररवे हहए न्यमायमालय कको यह अवरर करमायमा वक आववेदक वमादज ममुकदममा कमा पवर हहै और वररममान मम वमादज ममुकदममा आववेदक कवे हज घर मम उसकवे बझूढवे ससमुर और अपनवे बच्चिकों कवे समार रह रहज हहै और अब वह आववेदक कवे सखिलमाफ ककोई भिज कमायरवमाहज नहहीं चिमाहरज हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रयमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भिज आवश्यकरमा हकोरज वह ईममानदमारज सवे अदमालर कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभिज शरकों कको स्वजकमार करनवे कवे सलए भिज रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोवपर करवेरज। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 10.02.2025 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 5. ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा दमारमा आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ससिंजवेय एवसिं रसिंम्भिजर प्रकक वर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 6. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोसिं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पत्रमावलज पर उपलब्ध समारवमान रथ्यकों एवसिं पररणस्रवरयकों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरकों ककी प्रकक वर और वकसज भिज ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रज ककी अनमुपणस्रवर एवसिं उपलब्ध समामग्रज सवे छवेड़छमाड़ ककी ससिंभिमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरज रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 7. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर वबनमा ककोई वटप्परज वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम ससिंबसिंसधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष पर व्यवक्तरर बसिंध -पत्र एवसिं उसज धनरमावश कवे दको प्रवरभिझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नसलसखिर शरकों कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचिनमा यमा परजक्षर कवे ददौरमान अवभियकोजन समाक्ष्यकों कवे समार छवेड़ छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अवभियकोजन समावक्षयकों व पजवड़रमा / वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशकों कमा पमालन करवेरज , वह परजक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परजक्षर मम ईममानदमारज सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसिंत्ररमा कमा दमुरूपयकोर नहज करवेरमा और वकसज भिज अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यकों सवे पररवचिर वकसज भिज व्यवक्त यमा पमुसलस असधकमाररयकों कको ककोई प्रलकोभिन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हज उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा , सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यकों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पड़वे। उपरकोक्त शरकों मम सवे वकसज कवे उलसिंघन कवे ममामलवे मम , परजक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरसिंत्र हहै। Order Date :- 5.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad