Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 65760 (ALL)
ALOK DUTT CHATURVEDI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/5325/2024 · 2025-07-09
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 65760 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 65760 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:111116 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 5325 of 2024 Applicant :- Alok Dutt Chaturvedi Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Abhinav Dwivedi,Shailendra Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A.,Ramesh Kumar Dwivedi Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक आललोक दत्त चरतुवरददी ककी ओर सवे मतु०अ०स० 427/2024 अन्रररर धमारमा 420/ 467/ 468/ 471 भमा.दद.सद.., रमानमा गशिवलदी, जजलमा कमानपतुर दवेहमार मम अगग्रिम जममानर पर मतुक्त करनवे हवेरतु प्रस्रतुर गकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवद गवदमान अपर शिमासककीय अजधवक्तमा कलो सतुनमा ररमा पत्रमावलदी कमा पररशिदीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रतुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरलोक्त धमारमाओद मम दवेषवशि रदर व परवेशिमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , आववेदक एवद वमाददी मतुकदममा कवे बदीच जमदीनदी गववमाद चल रहमा रमा। जजस कमारर रदजजशिन वमाददी मतुकदममा दमारमा उक्त मतुकदममा दमायर गकयमा रयमा। उसवे आशिदकमा हहै गक उसवे उपरलोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै, जबगक उसकवे गवरूद्ध कलोई गवश्वसनदीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशिरर उपरलोक्त धमारमाओद कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह भदी आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयलोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भदी आवश्यकरमा हलोरदी वह ईममानदमारदी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खतुद कलो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभदी शिरर्दोद कलो स्वदीकमार करनवे कवे जलए भदी रहैयमार हहै जलो न्यमायमालय उस पर अजधरलोगपर करवेरदी।
4. गवदमान अपर शिमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रतुर गकयमा रयमा गक आववेदक प्ररम सनूचनमा ररपलोरर मम नमामजद अगभयतुक्त हहै ररमा ममामलम मम गवववेचनमा चल रहदी हहै अरतः आववेदक ककी प्ररम दृष्टयमा गनदर्दोगषरमा ककी अवधमाररमा नहहीं ककी जमा सकरदी हहै। यह भदी रकर गदयमा रयमा हहै गक आववेदक प्ररम सनूचनमा ररपलोरर कवे अनतुसमार रमानवे व नरर पदचमायर गशिवलदी ककी जमादच आख्यमाद कवे अनतुसमार अगभयतुक्त दमारमा मदगदर ककी भनूगम कलो बहैनमाममा करनवे कमा रथ्य आयमा हहै। अरतः अगग्रिम जममानर गनरस्र गकयवे जमानवे ककी यमाचनमा ककी रयदी। अगभयतुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रदभदीर
प्रकक गर कमा हहै इसजलए आववेदक कलो अगग्रिम जममानर पर मतुक्त गकयवे जमानवे कमा कलोई औगचत्य प्ररदीर नहहीं हलोरमा हहै अरतः अगभयतुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
6.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननदीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कलो आरलोप ककी प्रकक गर और रदभदीररमा , अगभयतुक्त कमा पनूवरवकत्त, अगभयतुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कलो अगभयतुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदपनूरर समामग्रिदी कमा समावधमानदीपनूवरक मनूल्यमादकन करनमा चमागहए ररमा अगभयतुक्त ककी सरदीक भनूगमकमा कलो भदी ध्यमान मम रखनमा चमागहए।
7. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदबदधदी गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादरतों कलो ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान अजधवक्तमाओद कवे करनतों , आरलोपतों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभदी रथ्यतों एवद पररणस्रगरयतों कलो ध्यमान मम रखरवे हहए एवद सम्पनूरर दस्रमाववेजतों कवे अवललोकन सवे यह गवगदर हलोरमा हहै गक आववेदक दमारमा पनूवर मम गदयवे रयवे अदरररम आदवेशि कमा दतुपरयलोर गकयमा जमा रहमा हहै। अरतः ममामलवे कवे रतुर -दलोष पर गबनमा कलोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वदीकमार गकए जमानवे यलोग्य नहहीं हहै, रदतुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वदीकमार गकयमा जमारमा हहै।
8. उपरलोक्तमानतुसमार वमाद कवे रतुर-दलोष पर गरप्परदी गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै।
9. इस वमाद मम यगद कलोई अदरररम आदवेशि हलो, रलो वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
10. आववेदक गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र दमाजखल करनवे हवेरतु स्वरदत्र हहै। कमायमारलय कलो गनदरगशिर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेशि ककी एक प्रगरजलगप अगवलम्ब सदबदजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा सतुगनणश्चर करम। Order Date :- 10.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad