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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65720 (ALL)

VIKAS ALIAS LALA v. STATE OF U.P.

BAIL/25441/2025 · 2025-07-23

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:122049 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 25441 of 2025 Applicant :- Vikas Alias Lala Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Harish Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ववकमास उरर लमालमा ककी ओर सवे ममु०अ०स० 330/2025, अन्रररर धमारमा 309(4)/ 317(2)/ 109(1) भमा.न्यमा.सस., रमानमा ससकन्दमाबमाद, सजलमा बमुलन्दशहर मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर वकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा एवस ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कको समुनमा ररमा पतमावलली कमा पररशलीलन वकयमा। 3. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवस रजर्जी ढसर सवे झझूठमा रस समायमा रयमा हहै , उसनवे कसरर अपरमाध कमाररर नहहीं वकयमा हहै। उसकमा उपरकोक्त ममुकदमवे सवे ककोई सरकोकमार वमास्रमा नहहीं हहै। घटनमा कमा ककोई स्वरसत एवस वनष्पक्ष समाक्षली नहहीं हहै। आववेदक दमारमा वमादली ममुकदममा कवे भमाई कवे समार ककोई ममारपलीट नहहीं ककी रयली हहै। उक्त ममुकदमवे सवे ससबससधर आववेदक सवे वकसली प्रकमार ककी ककोई बरमामदरली दशमारयली नहहीं रयली हहै। वचिवकत्सलीय परलीक्षर कवे अवलकोकन सवे मजरूब कको आयली हहयली चिकोटटों ककी प्रकक वर समाममान्य हहै। पमुननः उनकमा करन हहै वक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन वदयमा रयमा हहै वक वह कमानझून ककी प्रवक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरटों कको स्वलीकमार करनवे कवे सलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर असधरकोवपर करवेरली। आववेदक वनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम वद० 09.04.2025 सवे कमारमारमार मम वनरुद्ध हहै इससलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 5. ववदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा नवे आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल ववरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर वकयमा वक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध ससजवेय एवस रसम्भलीर प्रकक वर कमा हहै, इससलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे। 6. आववेदक कवे ववदमान असधवक्तमा कवे रकर्दोस कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलली पर उपलब्ध समारवमान रथ्यटों एवस पररणस्रवरयटों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरटों ककी प्रकक वर और वकसली भली ठकोस ववरकोधमात्मक समामग्रली ककी अनमुपणस्रवर एवस उपलब्ध समामग्रली सवे छवेड़छमाड़ ककी ससभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखरवे हहए मवेरली रमाय मम आववेदक कको जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 7. अरनः वमाद कवे रमुर दकोष पर वबनमा ककोई वटप्परली वकए हहए आववेदक कको उपरकोक्त ववररर अपरमाध मम ससबससधर न्यमायमालय ककी सन्रमुवष्टि पर व्यवक्तरर बसध -पत एवस उसली धनरमावश कवे दको प्रवरभझू प्रस्रमुर करनवे पर वनम्नसलसखर शरर्दोस कवे समार जममानर पर छकोड़ वदयमा जमाय। 1. आववेदक ववववेचिनमा यमा परलीक्षर कवे ददौरमान अवभयकोजन समाक्ष्यटों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अवभयकोजन समावक्षयटों व पलीवड़रमा/ वशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशटों कमा पमालन करवेरली, वह परलीक्षर कवे ददौरमान वबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन सलए वनयर वरसर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परलीक्षर मम ईममानदमारली सवे सहयकोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरसतरमा कमा दमुरूपयकोर नहली करवेरमा और वकसली भली अपरमासधक रवरववसध मम सलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमासधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यटों सवे पररवचिर वकसली भली व्यवक्त यमा पमुसलस असधकमाररयटों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हली उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, सजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यटों कको उजमारर करनवे सवे ववरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोस मम सवे वकसली कवे उलसघन कवे ममामलवे मम , परलीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर वनयममानमुसमार रद्द करनवे कको स्वरसत हहै। Order Date :- 24.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad