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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65390 (ALL)

MANOJ ADHANA v. STATE OF U.P.

ABAIL/14135/2023 · 2025-10-05

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 14135 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् अि्षम जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ, आवेदक मनोज अधाना की ओर से मु.अ.सं. 43 सन् 2023, अन्तगर्त धारा 306/ 406 भा०दं०िव०, थाना िसकन््शाबाद, िजला बुलन्दशहर में अि्षम जमानत की मॉग करते हुए इस ्ऺाथर्ना के साथ दायर िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेदक को जमानत पर िरहा िकया जा सके । 2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ्षारा पूरकशपथ प्ऴ दािखल िकया, उसे प्ऴावली पर रखा जाए। 4. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक आवेदक िनदरॏष है, उसे उपरो्व धाराओं में ्षेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरो्व विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है जबिक उसके िवरू्ध कोई िव्षसनीय साष्य नहीं है। उनका यह भी कथन है िक आवेदक का कोई आपरािधक इितहास नहीं रहा है और आवेदक के िवरू्ध अभी तक कोई भी बाध्यकारी ्ऺि्वया नहीं अपनाई गयी है। उन्होंने आगे यह भी कथन िकया िक िदनांक 18.01.2024 अि्षम जमानत अि्षम िनयत ितिथ तक कु छ शतॏल के साथ दी गयी थी िजसका अनुपालन आवेदक ्षारा अ्षरशः िकया जा रहा है। िजसकी पुि्ि न्यायालय ्षारा अवर न्यायालय के आदेश फलक के अवलोकन से की गयी। पुनः उनका कथन है िक आवेदक िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देता है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय ्षारा अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेगा एवं आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को आवेदक के उ्व कथन से कोई आपि्त नहीं है। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ्षारा यह अवधािरत िकया गया है िक अि्षम जमानत यािचका पर न्याय-िनणर्यन करते समय न्यायालय Versus Counsel for Applicant(s) : Nanhe Lal Tripathi, Prateek Prajapati Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Ram Raj Pandey, Shubham Pandey Manoj Adhana .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) को आरोपों की ्ऺकृ ित और गंभीरता, आरोपी की न्याियक ्ऺि्वया से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए और यह िक न्यायालय को आरोपी के िवरू्ध उपलब्ध सभी साम्षी का सावधानी से मूल्यांकन करना चािहए और आरोपी की वास्तिवक भूिमका पर भी िवचार करना चािहए। 6. उभय प्ष के तकॏल एवं वतर्मान मामले में अि्षम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िस्धांतों को ध्यान में रखते हुए और प्षकारों के िव्षान अिधव्वाओं के कथनों, आरोपों की ्ऺकृ ित, आवेदक की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए, मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार ्ि्व िकए अि्षम जमानत की ्ऺाथर्ना स्वीकार िकए जाने योग्य है। तद्नुसार अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ स्वीकार िकया जाता है। 7. उपरो्व मुकदमा अपराध संख्या में सिम्मिलत आवेदक की िगरफ्तारी की दशा में, उसे संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर रू० 50,000/- का ्िि्वगत बंध प्ऴ एवं उसी धनरािश के दो ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर, स्ऴ परी्षण के िनस्तारण तक िनम्न शतरॏ के अधीन अि्षम जमानत पर िरहा िकया जाएगा :- 1- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो िवचारण न्यायालय के सम्ष अपेि्षत समय पर उपिस्थत रहेगा। 2- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को ्ऺत्य्ष या परो्ष रूप से कोई धमकी, वादा या ्ऺलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के सम्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के सम्ष ्ऺकट न करने पर मान जाए। 3- आवेदक िवचारण के दौरान सहयोग करेगा और जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नहीं करेगा। उपरो्व शतरॏ के उल्लंघन की िस्थित में िववेचनािधकारी/अिभयोजन प्ष को, आवेदक को ्ऺद्त अि्षम जमानत के िनरस्तीकरण हेतु उपयु्व आवेदन ्ऺस्तुत करने की स्वतं्ऴता होगा। 8. तद्नुसार यह अि्षम जमानत आवेदन प्ऴ उपरो्व िटप्पिणयों के साथ अंितम रूप से िनस्तािरत िकया जाता है। October 6, 2025 S.Mishra ABAIL No. 14135 of 2023 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad