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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 65055 (ALL)

SMT. CHANDAN MISHRA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER

ABAIL/13950/2023 · 2025-08-13

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:139107 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 13950 of 2023 Applicant :- Smt. Chandan Mishra Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Raghvendra Pratap Counsel for Opposite Party :- G.A.,Pawnesh Tiwari Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा शदी वदलदीप कक मवारि पवाण्डकेय ककी तरिफ सके आज वकवालतनवामवा दवाधखिल वकयवा गयवा, धजसके पतवावलदी परि रिखिवा जवाय। 2. वतरमवान दवाणण्डक प्रककीरर अवग्रिम जमवानत प्रवाररनवा पत आवकेवदकवा शदीमतदी चचंदन वमशवा ककी ओरि सके मक०अ०स० 93/2023, अन्तगरत धिवारिवा 498 ए, 304 बदी., 504 भवा०दचं०वव० एवचं 3/4 डदी.पदी. एक्ट, रवानवा सरिवायइनवायत, धजलवा प्रयवागरिवाज मम अवग्रिम जमवानत परि मकक करिनके हकेतक प्रस्तकत वकयवा गयवा हहै। 3. आवकेवदकवा कके ववदवान अधधिवकवा शदी रिवाघवमद्र प्रतवाप , पररिववाददी कके ववदवान अधधिवकवा शदी वदलदीप कक मवारि पवाण्डकेय एवचं ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा शदी चचंदन धसचंह कको सकनवा तरवा पतवावलदी कवा पररिशदीलन वकयवा। 4. आवकेवदकवा कके ववदवान अधधिवकवा नके तकर प्रस्तकत वकयवा वक आवकेवदकवा वनदर्दोष हहै, उसके उपरिकोक धिवारिवाओचं मम दकेषवश तचंग व परिकेशवान करिनके ककी वनयत सके आधलप वकयवा गयवा हहै, उसके आशचंकवा हहै वक उसके उपरिकोक ववररत मवामलके मम वगरिफ्तवारि वकयवा जवा सकतवा हहै, जबवक उसकके ववरूद्ध ककोई ववश्वसनदीय सवाक्ष्य नहहीं हहै। प्रवारवमककी अवत ववलणमबत हहै तरवा उक ववलमब कवा ककोई समकवचत स्पषदीकरिर नहहीं वदयवा गयवा हहै। आवकेवदकवा दवारिवा ऐसवा ककोई भदी कक त्य कवाररित नहहीं वकयवा गयवा हहै, जहैसवावक प्रवारवमककी मम दवशरत वकयवा गयवा हहै। आवकेवदकवा दवारिवा ऐसवा ककोई भदी अपरिवाधि कवाररित नहहीं वकयवा गयवा हहै , जहैसवावक प्रवारवमककी मम उलकेधखित वकयवा गयवा हहै। उनकवा यह भदी करन हहै वक आवकेवदकवा कको पपूवर मम अचंतररिम अवग्रिम जमवानत प्रदवान ककी जवा चकककी हहै एवचं आवकेवदकवा ककी ओरि सके यह भदी आश्ववासन वदयवा गयवा हहै वक वह कवानपून ककी प्रवक्रियवा मम सहयकोग करिनके कके धलए तहैयवारि हहै औरि जब भदी आवश्यकतवा हकोगदी वह ईमवानदवारिदी सके न्यवायवालय कके समक्ष खिकद कको उपलब्धि करिवाएगदी औरि उन सभदी शतर्दोचं कको स्वदीकवारि करिनके कके धलए भदी तहैयवारि हहै जको न्यवायवालय उस परि अधधिरिकोवपत करिकेगदी। 5. ववदवान अपरि शवासककीय अधधिवकवा दवारिवा यह तकर प्रस्तकत वकयवा गयवा वक आवकेवदकवा दवारिवा कवाररित अपरिवाधि गचंभदीरि प्रकक वत कवा हहै तरवा आवकेवदकवा कके ववरुद्ध पयवारप सवाक्ष्य कके आधिवारि परि पकधलस दवारिवा आवकेवदकवा कके ववरुद्ध सचंबचंधधित ववचवारिर न्यवायवालय मम आरिकोपपत प्रकेवषत वकयवा जवा चककवा हहै तरवा वदनवाचंक 21.07.2023 कको हदी आवकेवदकवा कके ववरुद्ध गहैरि जमवानतदीय अधधिपत जवारिदी वकयवा जवा चककवा हहै। इसधलए आवकेवदकवा कको अवग्रिम जमवानत परि मकक वकयके जवानके कवा ककोई औवचत्य प्रतदीत नहहीं हकोतवा हहै। अततः आवकेवदकवा कवा अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत वनरिस्त वकयवा जवाय। 6. यह कहवा जवा सकतवा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कके मवामलके मम मवाननदीय उच्चतम न्यवायवालय नके मवानवा हहै वक अवग्रिम जमवानत परि वनररय करितके समय न्यवायवालय कको आरिकोप ककी प्रकक वत औरि गचंभदीरितवा, अवभयकक कवा पपूवरवकत, अवभयकक कके न्यवाय सके भवागनके ककी सचंभवावनवा परि ववचवारि करिनवा चवावहए तरवा न्यवायवालय कको अवभयकक कके ववरुद्ध उपलब्धि सचंपपूरर सवामग्रिदी कवा सवावधिवानदीपपूवरक मपूल्यवाचंकन करिनवा चवावहए तरवा अवभयकक ककी सटदीक भपूवमकवा कको भदी ध्यवान मम रिखिनवा चवावहए। 7. वतरमवान मवामलके मम अवग्रिम जमवानत सचंबचंधिदी ववधधि कके स्रवावपत धसद्धवाचंततों कको ध्यवान मम रिखितके हहए औरि पक्षकवारितों कके ववदवान अधधिवकवाओचं कके करनतों , आरिकोपतों ककी प्रकक वत, आवकेदक ककी भपूवमकवा औरि मवामलके कके सभदी तथ्यतों एवचं पररिणस्रवतयतों कको ध्यवान मम रिखितके हहए चपूचंवक सचंबचंधधित ववचवारिर न्यवायवालय मम आवकेवदकवा कके ववरुद्ध सवाक्ष्य पवायके जवानके कके उपरिवान्त आरिकोपपत प्रकेवषत वकयवा जवा चककवा हहै तरवा आवकेवदकवा कके ववरुद्ध गहैरि जमवानतदीय अधधिपत जवारिदी वकयवा जवा चककवा हहै एवचं आदकेश वदनवाचंक 10.07.2025 कके दवारिवा आवकेवदकवा कके ववदवान अधधिवकवा कको वनदरवशत वकयवा गयवा रवा वक शतर्दोचं कवा अनकपवालन उनकके दवारिवा वकयवा जवा रिहवा हहै , अरववा नहहीं। उक कके सचंबचंधि मम भदी ककोई अवभलकेखि प्रस्तकत नहहीं वकयवा गयवा हहै , अततः मवामलके कके गकर -दकोष परि वबनवा ककोई ववचवारि व्यक वकए यह अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत स्वदीकवारि वकए जवानके यकोग्य नहहीं हहै, तद्नकसवारि आवकेवदकवा कवा अवग्रिम जमवानत आवकेदन पत अस्वदीकवारि वकयवा जवातवा हहै। 8. उपरिकोकवानकसवारि ववाद कके गकर-दकोष परि वटप्परदी वकयके बगहैरि यह अवग्रिम जमवानत प्रवाररनवापत वनरिस्त वकयवा जवातवा हहै। 9. इस ववाद मम यवद ककोई अचंतररिम आदकेश हको, तको वह स्वततः समवाप समझवा जवाए। 10. कवायवारलय कको वनदरवशत वकयवा जवातवा हहै वक इस आदकेश ककी प्रवतधलवप सचंबचंधधित ववचवारिर न्यवायवालय कको अववलमब प्रकेवषत करिम। Order Date :- 14.8.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad