SMT SURAJ DEVI @ SURAJ DEVI @ SARJU DEVI v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/13791/2023 · 2025-09-16
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 64571 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 13791 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेिदका की ओर से मु०अ०सं० 527/2022 अन्तगर्त धारा 420, 384, 504, 506, 467, 468, 471 भारतीय दण्ड संिहता, थाना चके री, िजला कानपुर नगर में अिग्रम जमानत की मॉग करते हुए इस प्राथर्ना के साथ योिजत िकया गया है िक िगरफ्तारी की िस्थित में आवेिदका को जमानत पर िरहा िकया जा सके ।
2. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रत्युत्तरशपथ-पत्र, िदनांिकत 26.05.2025 दािखल िकया गया, इसे पत्रावली पर रखा जाय।
4. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेिदका को इस मामलें में अन्य न्यायपीठ के आदेश िदनांक 13.12.2023 व 30.09.2024 के द्वारा अंतिरम आदेश प्रदान िकया गया था, िजसके अनुपालन में आवेिदका िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथयों प िनयिमत रूप से उपिस्थत हो रही है। आवेिदका द्वारा न्याियक प्रयोग में सहयोग प्रदान की जा रही है। पुनः उनका कथन है िक आवेिदका िवचारण और जॉच के दौरान सहयोग करने का वचन देती है िक वह जॉच एजेंसी या न्यायालय द्वारा अपेिक्षत समय पर उपिस्थत रहेगी एवं आवेिदका की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता Versus Counsel for Applicant(s) : Anil Kumar Pathak Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Smt Suraj Devi @ Suraj Devi @ Sarju Devi .....Applicant(s) State of U.P. and Another .....Opposite Party(s)
होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगी और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी।
5.
पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्ता द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा इस मामलें में अिभयुक्ता के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर िदनांक 29.12.2023 को आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है। इस स्तर पर यिद अिभयुक्ता को अिग्रम जमानत प्रदान की जाती है तो पूणर् संभावना है िक उसके न्याियक प्रिक्रया में सहयोगी प्रदान नहीं िकया जायेगा। अिभयुक्ता को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः अिभयुक्ता का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय।
6. इस वाद के बहस के दौरान जब आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता से न्यायालय द्वारा यह पूछा गया िक आवेिदका उक्त अंतिरम आदेश के अनुपालन में िवचारण न्यायालय में िनयिमत रूप से उपिस्थत हो रहा है या नहीं, तब आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा प्रत्युत्तरशपथ-पत्र, िदनांिकत 26.05.2025 में संलग्न वाद से संबंिधत िवचारण न्यायालय के आदेश फलक की ओर न्यायालय का ध्यान आकृ ष्ट िकया गया, िजसके अवलोकन से दिशत हो रहा है िक इस आदेश फलक में अंितम आदेश िदनांिकत 21.10.2024 अंिकत है, इससे पिरलिक्षत है िक इस आदेश से आज तक लगभग ग्यारह माह का समय व्यतीत हो चुका है, िकतु आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा वाद के अद्यतन िस्थित से न्यायालय को अवगत नहीं कराया जा सका और न ही कोई इस संबंध में समथर्नीय दस्वावेज प्रस्तुत िकया गया। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयुक्ता द्वारा अंतिरम आदेश प्राप्त होने के उपरांत इस वाद से संबंिधत सत्र परीक्षण में िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत ितिथयों पर उपिस्थत नहीं हो रहा है एवं न्याियक प्रिक्रया में सहयोग प्रदान नहीं िकया जा रहा है। इसिलए, आवेिदका को िनयिमत अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है।
7. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए।
8.
वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते ABAIL No. 13791 of 2023 2
हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेिदका की भूिमका को देखते हुए मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है। इसिलए, आवेिदका का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है।
9. तद्नुसार, इस अिग्रम जमानत आवेदन पत्र को िनरस्त िकया जाता है।
10. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए।
11. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 17, 2025 CP.sahani ABAIL No. 13791 of 2023 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad