TEJPRATAP ALIAS TEJU v. STATE OF U.P. AND 3 OTHERS
BAIL/21096/2025 · 2025-10-08
Gautam Chowdhary
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 64556 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 21096 of 2025 Court No. - 65 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक ्ऺकीणर् जमानत ्ऺाथर्ना प्ऴ आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 266/2023 , अन्तगर्त धारा 363, 366, 376 भा०दं०िव० एवं धारा 5/6 पाक्सो एक्ट, थाना मुस्करा, िजला हमीरपुर में जमानत पर मु्व करने हेतु ्ऺस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक के िव्षान अिधव्वा एवं िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा को सुना तथा प्ऴावली का पिरशीलन िकया।
3. आदेश फलक के अवलोकन से दिशत हो रहा है िक इस वाद में आवेदक को न्यायालय के आदेश िदनांक 26.06.2025 के ्षारा अंतिरम जमानत पर मु्व िकया गया था।
3. आवेदक के िव्षान अिधव्वा ने तकर् ्ऺस्तुत िकया िक इस वाद में न्यायालय ्षारा आवेदक को अंतिरम जमानत पर मु्व करते हुए अि्षम िनयत ितिथ पर ऑनलाइन िववाह पंजीकृ त कराकर शपथ-प्ऴ ्ऺस्तुत करने हेतु िनदरॏिशत िकया गया था, लेिकन आवेदक की पत्नी/किथत पीिड़ता के माता-िपता के इस िववाह से सहमत न होने के कारण उनके ्षारा िववाह पंजीयक कायार्लय में उपिस्थत नहीं हो रहे है, िजसके कारण िववाह पंजीकरण नहीं हो पाया है। आगे यह भी कहा गया िक किथत पीिड़ता सहमत प्षकार है एवं उनके ससंगर् से एक संतान भी है तथा वह वतर्मान में बािलग भी है। इस जमानत आवेदन प्ऴ की अिभसा्षी आवेदक की पत्नी/किथत पीिड़ता है। इससे पिरलि्षत हो रहा है िक आवेदक व पीिड़ता दोनों इस िरश्तें व वैवािहक जीवन से खुश है। इसिलए, आवेदक की पत्नी/किथत पीिड़ता व उसके संतान के उिचत देखभाल व उज्ज्ववल भिवष्य के म्देनजर आवेदक, िनयिमत जमानत पर मु्व िकये जाने योग्य है। पुनः उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आ्षासन िदया गया है िक वह कानून की ्ऺि्वया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के सम्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतॏल को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदरॏष है तथा वह इस ्ऺकरण में िद० 22.03.2025 से कारागार में िनरु्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर Versus Counsel for Applicant(s) : Sunit Kumar, Yatish Kumar Dwivedi Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Tejpratap Alias Teju .....Applicant(s) State Of U.P. And 3 Others .....Opposite Party(s)
छोड़ िदया जाय।
4.
िव्षान अपर शासकीय अिधव्वा ने अिभयु्व के जमानत का ्ऺबल िवरोध करते हुए तकर् ्ऺस्तुत िकया िक अिभयु्व ्षारा कािरत अपराध सं्ञेय एवं गंभीर ्ऺकृ ित का है, इसिलए अिभयु्व को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. उभय प्ष के िव्षान अिधव्वा के तकॏल के पिर्ऺेष्य एवं प्ऴावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का सम्ष रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की ्ऺकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक साम्षी की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध साम्षी से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मु्व करने का उपयु्व आधार है।
6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरो्व विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुि्ि पर ्िि्वगत बंध-प्ऴ एवं अिधक धनरािश के दो स्थानीय ्ऺितभू ्ऺस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतॏल के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परी्षण के दौरान अिभयोजन साष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।
1. आवेदक अिभयोजन साि्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परी्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परी्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतं्ऴता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक ्ऺत्य्ष या अ्ऺत्य्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी ्िि्व या पुिलस अिधकािरयों को कोई ्ऺलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा , िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरो्व शतॏल में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, िवचारण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार र्द करने को स्वतं्ऴ है। October 9, 2025 CP.sahani BAIL No. 21096 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad