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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 64132 (ALL)

MOHD. SAMOON AND ANOTHER v. STATE OF U.P.

ABAIL/13703/2023 · 2025-09-16

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 13703 of 2023 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदकगण Mohd. Samoon एवं Aqul Urf Mohammad Aqil की ओर से मु०अ०सं० 290/2023 अन्तगर्त धारा 420, 467, 468, 471 भारतीय दण्ड संिहता, थाना देवबंद, िजला सहारनपुर में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेदकगण के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदकगण िनदोर्ष है, उन्हें उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। यहां प्रासंिगक तथ्य यह भी है िक आवेदक को इस मामलें में अंतिरम आदेश प्रदत्त है तथा िववेचना के दौरान अिभयोजन साक्षी अमानुल्ला द्वारा आवेदक के समथर्न में बयान भी िकया गया, िकतु िववेचना अिधकारी द्वारा उसका नाम इस िववेचना से पृथक कर िदया गया। आगे यह भी कहा गया िक यह वाद पूणर्तः िदवानी प्रकृ ित का है। पुनः उनका कथन है िक आवेदकगण की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएंगे और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है, जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्तगण द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा इस मामलें में Versus Counsel for Applicant(s) : Akhilesh Kumar Pandey, Mohd. Kalim, Nasir Hussain, Satya Prakash Maurya, Shesh Narain Mishra Counsel for Opposite Party(s) : Ashfaq Ahmed Ansari, G.A. Mohd. Samoon And Another .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) अिभयुक्तगण के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है तथा अिभयुक्त की भूिमका अिभयोजन साक्षीगण द्वारा अिभकिथत है। इसिलए, अिभयुक्तगण को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः अिभयुक्तगण का यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेदकगण की भूिमका और इस मामलें में इस तथ्य को देखते हुए िक, अिभयुक्त के िवरूद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र दािखल िकया जा चुका है । इसिलए, मामलें के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है तथा इसे अस्वीकार िकया जाता है। 7. तद्नुसार, इस अिग्रम जमानत आवेदन पत्र को िनरस्त िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की एक प्रितिलिप अिवलम्ब संबंिधत िवचारण न्यायालय के भेजना सुिनिश्चत करें। September 17, 2025 CP.sahani ABAIL No. 13703 of 2023 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad