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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 63885 (ALL)
VISHAMBHAR SINGH JATAV v. STATE OF U.P.
NABAIL/5509/2025 · 2025-07-10
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 63885 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:111258 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 5509 of 2025 Applicant :- Vishambhar Singh Jatav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Alkesh Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक गवशशंभर ससशंह जमाटव ककी ओर सवे ममु०अ०स० 402/2008, अन्रररर धमारमा 306 भमा०दशं०गव०, रमानमा दनमाहमार, सजलमा ममैनपमुररी मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हमै।
2. आववेदक कवे गवदमान असधवक्तमा एवशं गवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा शरी चशंदन ससशंह कक समुनमा ररमा पत्रमावलरी कमा पररशरीलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान असधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हमै , उसवे उपरकक्त धमारमाओशं मम दवेषवश रशंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा रयमा हमै , उसवे आशशंकमा हमै गक उसवे उपरकक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हमै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककई गवश्वसनरीय समाक्ष्य नहहीं हमै। आववेदक दमारमा ऐसमा ककई भरी कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हमै , जमैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेसखिर हमै। आववेदक दमारमा मकरक कक आत्महत्यमा हवेरमु उकसमायमा नहहीं रयमा रमा। उनकमा यह भरी करन हमै गक आववेदक कवे गवरूद्ध अभरी रक ककई भरी बमाध्यकमाररी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयरी हमै एवशं आववेदक ककी ओर सवे यह भरी आश्वमासन गदयमा रयमा हमै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकर करनवे कवे सलए रमैयमार हमै और जब भरी आवश्यकरमा हकररी वह ईममानदमाररी सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खिमुद कक उपलब्ध करमाएरमा और उन सभरी शरर्दोशं कक स्वरीकमार करनवे कवे सलए भरी रमैयमार हमै जक न्यमायमालय उस पर असधरकगपर करवेररी।
4. गवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रशंभरीर प्रकक गर कमा हमै ररमा आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुसलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध सशंबशंसधर गवचमारर न्यमायमालय मम आरकपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हमै। इससलए आववेदक कक अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककई औगचत्य प्रररीर नहहीं हकरमा हमै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हमै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननरीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हमै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कक आरकप ककी प्रकक गर और रशंभरीररमा, अगभयमुक्त कमा पनूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सशंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कक अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सशंपनूरर समामग्रिरी कमा समावधमानरीपनूवरक मनूल्यमाशंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटरीक भनूगमकमा कक भरी ध्यमान मम रखिनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सशंबशंधरी गवसध कवे स्रमागपर ससद्धमाशंरतों कक ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षकमारतों कवे गवदमान असधवक्तमाओशं कवे करनतों , आरकपतों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभरी रथ्यतों एवशं पररणस्रगरयतों कक ध्यमान मम रखिरवे हहए चनूशंगक सशंबशंसधर गवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे गवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्र आरकपपत्र प्रवेगषर गकयमा जमा चमुकमा हमै ररमा आववेदक कक अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककई उगचर आधमार पररलगक्षर नहहीं हकरमा हमै, अरतः ममामलवे कवे रमुर-दकष पर गबनमा ककई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वरीकमार गकए जमानवे यकग्य नहहीं हमै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वरीकमार गकयमा जमारमा हमै।
7. उपरकक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकष पर गटप्पररी गकयवे बरमैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हमै।
8. इस वमाद मम यगद ककई अशंरररम आदवेश हक, रक वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए।
9. कमायमारलय कक गनदरगशर गकयमा जमारमा हमै गक इस आदवेश ककी प्रगरसलगप सशंबशंसधर गवचमारर न्यमायमालय कक अगवलम्ब प्रवेगषर करम ररमा आववेदक गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र दमासखिल करनवे हवेरमु स्वरशंत्र हमै। Order Date :- 11.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad