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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 63134 (ALL)
NEERAJ YADAV ALIAS KUNTU v. STATE OF U.P.
BAIL/18002/2025 · 2025-08-21
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 63134 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:145205 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 18002 of 2025 Applicant :- Neeraj Yadav Alias Kuntu Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Alok Kumar Singh,Dileep Kumar Vishwakarma,Dr. C.P. Upadhyay Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ननीरज यमादव उरर कक न्टट ककी ओर सवे मक०अ०स० 503/2023, अन्रररर धमारमा 302 भमा.दद.सद., रमानमा नवमाबरदज, जजलमा प्रयमाररमाज मम जममानर पर मकक्त करनवे हवेरक प्रस्रकर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एवद कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कको सकनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे पटरकशपर पत दमाजखिल ककयमा उसवे पतमावलनी पर रखिमा जमाए।
4. यह आववेदक कमा कदरनीय जममानर आववेदन पत हहै प्ररम जममानर आववेदन पत इसनी न्यमायपनीठ दमारमा कदनमादक 01.05.2024 कको कनरस्र कर कदयमा रयमा रमा।
5. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रकर ककयमा कक आववेदक कको इस प्रकरर मम रलर एवद रजर्जी ढदर सवे झटठमा रद समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै। आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे न्यमायमालय कमा ध्यमान पटरकशपर पत ककी ओर आकक ष कररवे हहए यह कदखिमायमा कक वमादनी मककदममा सत परनीक्षर कवे जलए अवर न्यमायमालय मम लरमारमार उपणस्रर नहहीं हको रहवे हह। उनकवे जखिलमार बनी .ण्डिब्लट एवद एन.बनी.ण्डिब्लट रक जमारनी हको चककमा हहै इससवे यह दकशरर हकोरमा हहै कक वमादनी मककदममा दमारमा जमानबटझकर हनीलमा -हवमालनी ककी जमा रहनी हहै। ररमा इस वमाद सवे सदबदजधर सत परनीक्षर कवे कनस्रमारर ककी शनीघ्र सदभमावनमा नजर नहहीं आ रहनी हहै। आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे अपनवे रकर कवे समररन मम Indrani Pratim Mukerjea Vs. Central Bureau of Investigation and Another passed in Special Leave to Appeal (Crl.) No. 1627 of 2022 to submit that prolonged incarceration of a person as an under trial is against his fundamental rights under Article 21 of the Constitution of India.
मम ममानननीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा प्रकरपमाकदर कवजध -व्यवस्रमा ककी ओर न्यमायमालय कमा ध्यमान आकक ष ककयमा। पकननः उनकमा करन हहै कक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन कदयमा रयमा हहै कक वह कमानटन ककी प्रकक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हकोरनी वह ईममानदमारनी सवे अदमालर कवे समक्ष खिकद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरतों कको स्वनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोकपर करवेरनी। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 17.11.2023 सवे
कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कको जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
6. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरकोध कररवे हहए रकर प्रस्रकर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भनीर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कको जममानर पर न छकोड़मा जमायवे।
7. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलनी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यतों एवद पररणस्रकरयतों कमा समग्र रूप सवे अवलकोकन करनवे कवे बमाद , सबटरतों ककी प्रकक कर और ककसनी भनी ठकोस कवरकोधमात्मक समामग्रनी ककी अनकपणस्रकर एवद उपलब्ध समामग्रनी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हकोनवे कवे रथ्य कको दवेखिरवे हहए मवेरनी रमाय मम आववेदक कको जममानर पर मकक्त करनवे कमा उपयकक्त आधमार हहै।
8. अरनः वमाद कवे रकर दकोष पर कबनमा ककोई कटप्परनी ककए हहए आववेदक कको उपरकोक्त वकररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रककष पर व्यकक्तरर बदध-पत एवद उसनी धनरमाकश कवे दको प्रकरभट प्रस्रकर करनवे पर कनम्नजलजखिर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छकोड़ कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परनीक्षर कवे ददौरमान अकभयकोजन समाक्ष्यतों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयकोजन समाकक्षयतों व पनीकड़रमा/ कशकमायरकरमार कको ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशतों कमा पमालन करवेरनी , वह परनीक्षर कवे ददौरमान कबनमा ककोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हकोरमा ररमा परनीक्षर मम ईममानदमारनी सवे सहयकोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हकोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दकरूपयकोर नहनी करवेरमा और ककसनी भनी अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हकोरमा न ककोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5.
आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यतों सवे पररकचर ककसनी भनी व्यकक्त यमा पकजलस अजधकमाररयतों कको ककोई प्रलकोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हनी उनसवे ककोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यतों कको उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरकोक्त शरर्दोद मम सवे ककसनी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परनीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानकसमार रद्द करनवे कको स्वरदत हहै। Order Date :- 22.8.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad