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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 17944 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता श्री अनुभव िसन्हा की ओर से िवद्वान अिधवक्ता श्री अमन श्रीवास्तव एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री चंदन िसह एवं धमर्राज पाल को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
2. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से पूरक शपथपत्र एवं पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से प्रित शपथपत्र दािखल िकया गया, िजसे पत्रावली पर रखा जाय।
3. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 186/2025, अन्तगर्त धारा 326(g) बी.एन.एस., थाना बीटा-2, िजला गौतम बुद्ध नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
4. संक्षेप में अिभयोजन कथानक इस प्रकार है िक वादी मुकदमा द्वारा इस आशय की प्राथिमकी दजर् करायी गयी िक िदनांक 29.04.2025 को वादी की कार घर के बाहर खड़ी थी। वादी जब शाम के 04 बजे घर के बाहर आया तो देखा िक िकसी ने उसकी गाड़ी में आग लगा दी है, िजससे गाड़ी पूरी तरह से जल चुकी थी। गाड़ी के पास में और छह-सात सी.एन.जी. गािड़यां खड़ी थीं, अगर आग लग जाती तो सेक्टर में बड़ा हादसा हो सकता था।
5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक द्वारा ऐसा कोई भी कृ त्य कािरत नहीं िकया गया है। पूवर् के पैसे के लेन-देन की वजह से आवेदक को वतर्मान घटना में सूचनाकतार् द्वारा अिभयुक्त बना िदया गया है। आवेदक का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम यह कथन िकया गया िक आवेदक के िवरुद्ध अंतगर्त धारा 326(g) बी.एन.एस. का अपराध नहीं बनेगा, वरन् ज्यादा से ज्यादा 326(f) का अपराध बनेगा जो मिजस्ट्रेट द्वारा िवचारणीय है। आवेदक द्वारा वतर्मान घटना को कािरत करने का कोई हेतुक नहीं है। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 30.04.2025 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
6. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने आवेदक के जमानत का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक द्वारा जान-बूझकर सूचनाकतार् की गाड़ी में आग लगाकर उसको आिथक रूप से क्षित पहुँचायी है। सी.सी.टी.वी.
फु टेज में भी Versus Counsel for Applicant(s) : Rajesh Kumar, Vidit Narayan Mishra Counsel for Opposite Party(s) : Anubhav Sinha, G.A. Kaushal Kumar Alias Garewal .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
आवेदक गाड़ी के नीचे कु छ ज्वलनशील पदाथर् डालते हुए िदखायी दे रहा है एवं स्वतंत्र साक्षी िवजयपाल िसह ने भी सी.सी.टी.वी. फु टेज में आवेदक को पहचाना है एवं कथन िकया है िक " आज िदनांक 29/04/2025 को सुरेश चन्द (सूचनाकतार्) की गाड़ी में आग लग गयी थी आग लगने की वजह जानने हेतु सुरेश चन्द मेरे घर सीसीटीवी कै मरे चेक करने आये थे। सीसीटीवी फु टेज चेक करने पर देखा िक एक व्यिक्त सुरेश चन्द की गाड़ी के नीचे ज्वलनशील तरल पदाथर् डालता िदखाई दे रहा है। िजसको मैं जानता हूँ वह हमारे सैक्टर में ही रहता है, िजसका नाम कौशल है। सीसीटीवी फु टेज से यह स्पष्ट है िक सुरेश चन्द की गाड़ी में आग कौशल ने ही लगायी है।" उक्त तथ्य को भारतीय साक्ष्य अिधिनयम की धारा 63 के अंतगर्त प्रमािणत िकया गया है। आवेदक द्वारा जान-बूझकर वतर्मान घटना कािरत की गयी, िजससे सेक्टर में बड़ा हादसा भी हो सकता था। आवेदक द्वारा कािरत अपराध संज्ञेय प्रकृ ित का है, इसिलए आवेदक को जमानत पर न छोड़ा जाए।
7. उभयपक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया आवेदक को जमानत पर मुक्त िकए जाने का कोई औिचत्य नहीं है तथा यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकये जाने योग्य है।
8. तद्नुसार, वाद के गुण-दोष को प्रभािवत िकये बगैर यह जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। September 22, 2025 Pawan Kumar BAIL No. 17944 of 2025 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad