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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 62407 (ALL)

SMT. SOMWATI AND ANOTHER v. STATE OF U.P.

BAIL/18169/2025 · 2025-07-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:107718 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 18169 of 2025 Applicant :- Smt. Somwati And Another Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Abhishek Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेददकमागर शश्रीमरश्री ससोमवरश्री एववं शश्रीमरश्री अलकमा ककी ओर सवे ममु०अ०स० 361/2024, अन्रगरर धमारमा 117(3)/ 109/ 3(5) भमा०न्यमा०सवं०, रमानमा बहससूममा, जजलमा मवेरठ मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर दकयमा गयमा हहै। 2. आववेददकमागर कवे दवदमान अजधवक्तमा, एववं दवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कसो समुनमा ररमा पतमावलश्री कमा पररशश्रीलन दकयमा। 3. आववेददकमागर कवे दवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेददकमागर कसो इस प्रकरर मम गलर एववं फजर्जी ढवंग सवे झसूठमा फवं समायमा गयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं दकयमा हहै , आववेददकमागर बहहर हश्री उम्रदरमाज मदहलमाए हह, आववेदकमागर दमारमा वमादश्री ममुकदममा कवे समार कसोई ममारपश्रीट, गमालश्रीगललौच यमा जमान सवे ममारनवे ककी धमककी नहहीं दश्री हहै। आववेददकमागर कसो वमादश्री ममुकदममा दमारमा रवंजजशन उक्त ममुकदममा मम फवं समा ददयमा। आववेददकमागर कवे दवरूद कसोई भश्री स्वरवंत समाकश्री नहहीं हहै। पमुननः उनकमा करन हहै दक आववेददकमागर दवचमारर और जजॉच कवे दलौरमान सहयसोग करनवे कमा वचन दवेरश्री हहै दक वह जजॉच एजमसश्री यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेदकर समय पर उपणस्रर रहवेगश्री एववं आववेददकमागर ककी ओर सवे यह आश्वमासन ददयमा गयमा हहै दक वह कमानसून ककी प्रदक्रियमा मम सहयसोग करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हसोगश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक खमुद कसो उपलब्ध करमाएगश्री और उन सभश्री शररवं कसो स्वश्रीकमार करनवे कवे जलए भश्री रहैयमार हहै जसो न्यमायमालय उस पर अजधरसोदपर करवेगश्री। आववेददकमागर दनदरष हह ररमा वह इस प्रकरर मम दद० 17.01.2025 सवे कमारमागमार मम दनरुद हहै इसजलए आववेददकमागर कसो जममानर पर छसोड़ ददयमा जमाय। 4. दवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेददकमागर कवे दवदमान अजधवक्तमा कवे रकर कमा प्रबल दवरसोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर दकयमा दक आववेददकमागर दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं गवंम्भश्रीर प्रकक दर कमा हहै , इसजलए आववेददकमागर कसो जममानर पर न छसोड़मा जमायवे। 5. आववेददकमागर कवे दवदमान अजधवक्तमा कवे रकरवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलश्री पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एववं पररणस्रदरययों कमा समग्र रूप सवे अवलसोकन करनवे कवे बमाद, सबसूरयों ककी प्रकक दर और दकसश्री भश्री ठसोस दवरसोधमात्मक समामग्रश्री ककी अनमुपणस्रदर एववं उपलब्ध समामग्रश्री सवे छवेड़छमाड़ ककी सवंभमावनमा न हसोनवे कवे रथ्य कसो दवेखरवे हहए मवेरश्री रमाय मम आववेददकमागर कसो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 6. अरनः वमाद कवे गमुर दसोष पर दबनमा कसोई दटप्परश्री दकए हहए आववेददकमागर कसो उपरसोक्त वदररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुदष्टि पर व्यदक्तगर बवंध - पत एववं अजधक धनरमादश कवे दसो स्रमानश्रीय प्रदरभसू प्रस्रमुर करनवे पर दनम्नजलजखर शररवं कवे समार जममानर पर छसोड़ ददयमा जमाय। 1. आववेददकमागर दवववेचनमा यमा परश्रीकर कवे दलौरमान अदभयसोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करमगश्री। 2. आववेददकमागर अदभयसोजन समादकययों व पश्रीदड़रमा / दशकमायरकरमार कसो ण्डिरमायवेगश्री/धमकमायमगश्री नहहीं। 3. आववेददकमागर न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेगमा , वह परश्रीकर कवे दलौरमान दबनमा कसोई अनमावश्यक स्रगन जलए दनयर दरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हयोंगश्री ररमा परश्रीकर मम ईममानदमारश्री सवे सहयसोग करमगश्री। 4. आववेददकमागर जममानर पर ररहमा हसोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दमुरूपयसोग नहश्री करमगश्री और दकसश्री भश्री अपरमाजधक गदरदवजध मम जलप्त नहहीं हयोंगश्री न कसोई अपरमाजधक कक त्य करमगश्री। 5. आववेददकमागर प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररदचर दकसश्री भश्री व्यदक्त यमा पमुजलस अजधकमाररययों कसो कसोई प्रलसोभन यमा धमककी नहहीं दमगश्री न हश्री उनसवे कसोई वमायदमा करमगश्री , जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कसो उजमागर करनवे सवे दवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरसोक्त शररवं मम सवे दकसश्री कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परश्रीकर न्यमायमालय आववेददकमागर ककी जममानर दनयममानमुसमार रद्द करनवे कसो स्वरवंत हहै। Order Date :- 8.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad