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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 60462 (ALL)
SUMIT v. STATE OF U.P.
NABAIL/3992/2025 · 2025-05-27
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 60462 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:91511 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 3992 of 2025 Applicant :- Sumit Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Laxmi Narayan Rathour Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक ससुगमर ककी ओर सवे मसु०अ०ससं० 560 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 85/ 80 बब.एन.एस एवसं 3/4 दहवेज प्रगरषवेध अधधगनयम, रमानमा अकबरपसुर, धजलमा कमानपसुर दवेहमार मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारब ककी णसरगर मम आववेदक कको जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कको ससुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरसुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरकोक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक कको ममात दवेवर हकोनवे ककी वजह सवे उक अपरमाध मम अगभियसुक बनमा गदयमा रयमा हहै। आववेदक कवे धखिलमाफ प्ररम ससूचनमा ररपकोरर मम ककोई भिब प्रत्यक आरकोप नहहीं हहै। ममृरकमा कको गदनमासंक 21.10.2024 कको ममृरकमा कको ममारपबर कर रलमा दबमानवे कमा करन गकयमा रयमा धजसककी ककोई गशकमायर गकसब भिब रमानवे मम दजर नहहीं करमायब रयब। न हब ककोई ण्डिमाक्ररब करमायब रयब। ममृरकमा कवे दमारमा ममायकवे मम एक ममाह रहकर सवयसं हब आत्महत्यमा कर लब रयब। उनकमा यह भिब करन हहै गक आववेदक कमा ककोई आपरमाधधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभिब रक ककोई भिब बमाध्यकमारब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। पसुनन उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे ददौरमान सहयकोर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगकर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भिब आवश्यकरमा हकोरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक खिसुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभिब शरर्दोसं कको सवबकमार करनवे कवे धलए भिब रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अधधरकोगपर करवेरब।
4.
गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभियसुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकोध मम यह रकर प्रसरसुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसंभिबर प्रकमृ गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य एवसं पररणसरगरययों कको दृगष्टिरर रखिरवे हहयवे अगभियसुक कको अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरन अगभियसुक कको अगग्रिम जममानर पर न छकोडमा जमायवे।
5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोपयों ककी प्रकमृ गर और रसंभिबररमा, आरकोपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भिमारनवे ककी ससंभिमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कको आरकोपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभिब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरकोपब ककी वमासरगवक भिसूगमकमा पर भिब गवचमार करनमा चमागहए।
6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधब गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरयों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए और पककमारयों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करनयों , आरकोपयों ककी प्रकमृ गर , आववेदक ककी भिसूगमकमा और ममामलवे कवे सभिब रथ्ययों एवसं पररणसरगरययों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए , ममामलवे कवे रसुर- दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवबकमार गकए जमानवे यकोग्य हहै। रद्नसुसमार अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवबकमार गकयमा जमारमा हहै।
7. उपरकोक मसुकदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररफ्रमारब ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर रमानवे कवे भिमारसमाधक अधधकमारब ककी ससंरसुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसब धनरमागश कवे दको प्रगरभिसू प्रसरसुर करनवे पर , (पसुधलस आरकोप पत दमाधखिल गकए जमानवे रक) गनमन शरर्दो कवे अधबन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकोरमा रको पसुधलस अधधकमारब दमारमा जमॉच हवेरसु अपवेगकर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसब व्यगक यमा पसुधलस अधधकमाररययों कको प्रत्यक यमा परकोक रूप सवे ककोई धमककी , वमादमा यमा प्रलकोभिन नहहीं दवेरमा धजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कको न्यमायमालय कवे समक यमा गकसब पसुधलस अधधकमारब कवे समक प्रकर न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा एवसं गवचमारर कवे ददौरमान सहयकोर करमरवे और जममानर ककी सवरसंतरमा कमा दसुरूपयकोर नहहीं करवेरमा। उपरकोक शरर्दो कवे उलसंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमाधधकमारब /अगभियकोजन पक कको, आववेदक कको
प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरबकरर हवेरसु उपयसुक आववेदन प्रसरसुर करनवे ककी सवरसंतरमा हकोरमा।
8.
रद्नसुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकोक गरप्पगरययों कवे समार असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 28.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad