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Neutral Citation No. - 2025:AHC:82452
Court No. - 4 Case :- WRIT - A No. - 6897 of 2025 Petitioner :- Chandra Prakash Respondent :- The State Of U.P. And 4 Others Counsel for Petitioner :- Irfan Ahmad Malik Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble Ajit Kumar,J. Heard learned counsel for the parties. Petitioners, who deserve promotion from Constable to Head Constable and their candidature came to be considered by the Departmental Promotion Committee 14.12.2022 but on account of a pending criminal case, the decision in their case for promotion was put in a sealed cover adopting the seal cover procedure. It is submitted that thereafter chargesheet has been filed and case is going on before the trial court. It is stated that since petitioners are not in any manner responsible for the delay in disposing of the pending criminal trial, more than a year has already expired, their claims are liable to be considered in view of the paragraph 10 of the Government order dated 28th May, 1997.
Paragraph 10 of the Government order runs as under: "(10) चयन सममिमति दद्वारद्वा प्रथमि बद्वार आररोमपिति कद्वाममिरक ककी प्ररोन्नमति पिर मविचद्वार करनने एविवं मिमुहर बन्द ललिफद्वाफने ककी प्रमक्रियद्वा अपिनद्वायने जद्वानने कने बद्वाद एक विरर ककी अविलधि बबीति जद्वानने पिर भबी इस अविलधि मिम ऐसबी अविलधि आगमणिति नहहीं ककी जद्वायनेगबी लजसमिम अपिचद्वारबी कद्वाममिरक दद्वारद्वा अविध्यद्वान कने कद्वारणि जद्वाजाँच प्रमक्रियद्वा मिम मविलिम्ब हहआ। यमद आररोमपिति कद्वाममिरक कने मविरय मिम प्रशद्वासनद्वालधिकरणि ककी जद्वाजाँच मविभद्वागबीय कद्वायरविद्वाहबी। अमभयरोजन कद्वा अनन्तिमि पिररणिद्वामि प्रद्वाप्त न हहआ हरो , तिरो ऐसने कद्वाममिरककों कने मविरय मिम, जरो मनलिनम्बति नहहीं हहै। चयन सममिमति दद्वारद्वा मनम्नललिलखिति प्रमतिबन्धिकों कने सद्वाथ तिदथर आधिद्वार पिर प्ररोन्नमति कने सम्बन्धि मिम मविचद्वार मकयद्वा जद्वायनेगद्वा। (क) आररोमपिति कद्वाममिरक कने मविरूद्ध लिगद्वायने गयने आररोपि क्यद्वा इतिनने गम्भबीर हहै मक उनकने आधिद्वार पिर उसने भमविरय मिम भबी प्ररोन्नमति सने विवंमचति रखिद्वा जद्वानद्वा उपियमुक्त । जनमहति मिम हरोगद्वा। (खि) क्यद्वा प्रशद्वासनद्वालधिकरणि ककी जद्वाजाँच मविभद्वागबीय कद्वायरविद्वाहबी अमभयरोजन कने अनन्तिमि पिररणिद्वामि प्रद्वाप्त हरोनने मिम कद्वाफकी समिय लिगनेगद्वा। (ग) प्रशद्वासद्वालधिकरणि ककी जद्वाजाँच /मविभद्वागबीय कद्वायरविद्वाहबी अमभयरोजन मिम हरो रहने मविलिम्ब कने ललिए प्रत्यक्ष यद्वा पिररोक्ष रूपि सने आररोपिमति कद्वाममिरक तिरो दरोरबी नहहीं हहै। (घ) आररोमपिति कद्वाममिरक करो तिदथर प्ररोन्नमति मदयने जद्वानने पिर विह अपिनने पिद कद्वा दमुरूपियरोग अथविद्वा जद्वाजाँच करो कमु प्रभद्वामविति तिरो नहहीं करनेगद्वा। (ड) यमद सक्षमि प्रद्वालधिकद्वारबी उपिररोक्त खिण्ड (क) (खि) (ग) (घ) कने आधिद्वार पिर मविचद्वाररोपिरद्वान्ति आररोपिमति कद्वाममिरककों ककी तिदथर आधिद्वार पिर प्ररोन्नति करनद्वा उपियमुक्त समिझतिने हहै तिरो उस दशद्वा मिम मविभद्वागबीय चयन सममिमति कने सद्वामिनने मिद्वामिलिने करो रखिद्वा जद्वायनेगद्वा जरो आररोमपित्त कद्वाममिरक कने सम्पिपूणिर अमभलिनेखिकों कने आधिद्वार पिर उसकने कद्वायरवं कद्वा मिपूल्यद्वाकन करनेगबी तिथद्वा तिदथर रूपि सने प्ररोन्नमति दनेनने कने अथविद्वा न दनेनने कने मविरय मिम अपिनबी सवंस्तिमुमति दनेगबी। (च) यमद जद्वाजाँच प्रशद्वासनद्वालधिकरणि आमद मकसबी अन्य एजनेन्सबी दद्वारद्वा करद्वाई जद्वा रहबी हरो तिरो उस दशद्वा मिम उस एजनेन्सबी कद्वा पिरद्वामिशर भबी इस मबन्दमु तिदथर आधिद्वार पिर प्ररोन्नमति दनेनने पिर प्रद्वाप्त मकयद्वा जद्वायनेगद्वा। (छ) उपिररोक्त प्रमक्रियद्वा कने उपिरद्वान्ति आररोमपिति कद्वाममिरक कद्वा तिदथर रूपि सने प्ररोन्नमति मकयने जद्वानने कने आदनेशकों मिम यह स्पिष्ट मकयद्वा जद्वायनेगद्वा मक प्ररोन्नमति अमग्रिमि आदनेशकों तिक कने ललिए ककी जद्वातिबी हहै और शद्वासन करो उक्त तिदथर प्ररोन्नमति करो कभबी भबी समिद्वाप्त कर दनेनने कद्वा अलधिकद्वार हहै तिथद्वा तिदनमुसद्वार ऐसने कद्वाममिरक करो उस पिद पिर प्रत्यद्वाविमतिरति मकयद्वा जद्वा सकतिद्वा हहै लजस पिद सने उसने प्ररोन्नति मकयद्वा गयद्वा थद्वा। (ज) तिदथर आधिद्वार पिर प्ररोन्नति आररोमपिति कद्वाममिरक कने मविरूद्ध चलि रहबी प्रशद्वासनद्वालधिकरणि ककी जद्वाजाँच / मविभद्वागबीय कद्वायरविद्वाहबी अमभयरोजन आमद कने अनन्तिमि पिररणिद्वामि प्रद्वाप्त हरो जद्वानने पिर उसकने मविरय मिम उसबी प्रकद्वार
अमग्रिमि कद्वायरविद्वाहबी ककी जद्वायनेगबी , जहैसबी ककी जद्वातिबी हबी यमद उसने तिदथर प्ररोन्नमति न दबी गयबी हरोतिबी। (झ) यमद न्यद्वायद्वालिय दद्वारद्वा मकसबी तिदथर रूपि सने प्ररोन्नति कद्वाममिरक करो तिकनबीककी आधिद्वार पिर (गमुणिद्वाविगमुणि कने आधिद्वार पिर नहहीं) दरोरमिमुक्त मकयद्वा जद्वातिद्वा हहै और न्यद्वायद्वालिय कने मनणिरय कने मविरूद्ध अपिबीलि यद्वा उसबी आररोपि कने ललिए मविभद्वागबीय कद्वायरविद्वाहबी कद्वा प्रस्तिद्वावि हहै तिरो उस दशद्वा मिम समिक्ष प्रद्वालधिकद्वारबी इस मबन्दमु पिर मविचद्वार करमगम मक आररोमपिति कद्वाममिरक करो तिदथर प्ररोन्नमति पिर बनद्वायने रखिद्वा जद्वाय अथविद्वा नहहीं।" Learned Standing Counsel submits that the matter can be directed to be examined by the competent authority strictly in accordance with law. In view of the above, this petition stands disposed of with a direction that the respondent concerned would consider the claim of the petitioners for ad-hoc promotion during the pendency of the trial of criminal case by opening the sealed envelop if the petitioners succeed upon the parameters as laid down in paragraph 10 of the Government order (supra). Appropriate decision shall be taken by the authority within a period 30 days from the date production of certified copy of this
order. In the event petitioners have been held entitled to be promoted as per the recommendation made in the sealed cover they shall be offered ad-hoc promotion and shall be paid salary accordingly.
Order Date :- 17.5.2025 Nadeem Digitally signed by :- NADEEM AHMAD High Court of Judicature at Allahabad