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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 59620 (ALL)

GOPAL SINGH v. STATE OF U.P.

ABAIL/12362/2023 · 2025-07-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:107488 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12362 of 2023 Applicant :- Gopal Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Amit Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. ससूचची पपुनरचीकक्षित वतरममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अकग्रिम जममानत प्रमाररनमा पत्र आववेदक गगोपमाल सससिंह ककी ओर सवे मपु०अ०स० 228/2023 अन्तगरत धमारमा 399/ 402 भमा०दसिं०कव० एवसिं 3/25 आरसर एक्ट, रमानमा चसिंददौलची, सजलमा चसिंददौलची मम अकग्रिम जममानत पर मपुक्त करनवे हवेतपु प्रस्तपुत ककयमा गयमा हहै। 2. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा ककी तरफ सवे कवदमान असधवक्तमा एवसिं कवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा कगो सपुनमा तरमा पत्रमावलची कमा पररशचीलन ककयमा। 3. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा दमारमा प्रत्यपुत्तर शपर पत्र दमासखिल ककयमा गयमा उसवे पत्रमावलची पर रखिमा जमाए। 4. आववेदक कवे कवदमान असधवक्तमा नवे तकर प्रस्तपुत ककयमा कक आववेदक कनदर्दोष हहै , उसवे उपरगोक्त धमारमाओसिं मम दवेषवश तसिंग व परवेशमान करनवे ककी कनयत सवे आसलप्त ककयमा गयमा हहै , उसवे आशसिंकमा हहै कक उसवे उपरगोक्त वकररत ममामलवे मम कगरफ्तमार ककयमा जमा सकतमा हहै , जबकक उसकवे कवरूद्ध कगोई कवश्वसनचीय समाक्ष्य नहहीं हहै। उनकमा यह भची करन हहै कक आववेदक कवे कवरुद्ध अभची तक कगोई भची बमाध्यकमारची प्रकक्रियमा नहहीं अपनमाई गयची हहै एवसिं आववेदक ककी ओर सवे यह भची आश्वमासन कदयमा गयमा हहै कक वह कमानसून ककी प्रकक्रियमा मम सहयगोग करनवे कवे सलए तहैयमार हहै और जब भची आवश्यकतमा हगोगची वह ईममानदमारची सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खिपुद कगो उपलब्ध करमाएगमा और उन सभची शततों कगो स्वचीकमार करनवे कवे सलए भची तहैयमार हहै जगो न्यमायमालय उस पर असधरगोकपत करवेगची। 5. कवदमान अपर शमासककीय असधवक्तमा दमारमा यह तकर प्रस्तपुत ककयमा गयमा कक अकभयपुक्त दमारमा कमाररत अपरमाध गसिंभचीर प्रकक कत कमा हहै तरमा आववेदक कवे कवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पपुसलस दमारमा आववेदक कवे कवरुद्ध ससिंबसिंसधत कवचमारर न्यमायमालय मम आरगोपपत्र प्रवेकषत ककयमा गयमा हहै। इससलए आववेदक कगो अकग्रिम जममानत पर मपुक्त ककयवे जमानवे कमा कगोई औकचत्य प्रतचीत नहहीं हगोतमा हहै। अततः अकभयपुक्त कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र कनरस्त ककयमा जमाय। 6. यह कहमा जमा सकतमा हहै कक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननचीय उच्चतम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै कक अकग्रिम जममानत पर कनररय करतवे समय न्यमायमालय कगो आरगोप ककी प्रकक कत और गसिंभचीरतमा , अकभयपुक्त कमा पसूवरवकत्त, अकभयपुक्त कवे न्यमाय सवे भमागनवे ककी ससिंभमावनमा पर कवचमार करनमा चमाकहए तरमा न्यमायमालय कगो अकभयपुक्त कवे कवरुद्ध उपलब्ध ससिंपसूरर समामग्रिची कमा समावधमानचीपसूवरक मसूल्यमासिंकन करनमा चमाकहए तरमा अकभयपुक्त ककी सटचीक भसूकमकमा कगो भची ध्यमान मम रखिनमा चमाकहए। 7. वतरममान ममामलवे मम अकग्रिम जममानत ससिंबसिंधची कवसध कवे स्रमाकपत ससद्धमासिंततों कगो ध्यमान मम रखितवे हहए और पक्षिकमारतों कवे कवदमान असधवक्तमाओसिं कवे करनतों , आरगोपतों ककी प्रकक कत , आववेदक ककी भसूकमकमा और ममामलवे कवे सभची तथ्यतों एवसिं पररणस्रकतयतों कगो ध्यमान मम रखितवे हहए चसूसिंकक ससिंबसिंसधत कवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे कवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्त आरगोप पत्र प्रवेकषत ककयमा जमा चपुकमा हहै , अततः ममामलवे कवे गपुर -दगोष पर कबनमा कगोई कवचमार व्यक्त ककए यह अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र स्वचीकमार ककए जमानवे यगोग्य नहहीं हहै, तदपुसमार आववेदक कमा अकग्रिम जममानत आववेदन पत्र अस्वचीकमार ककयमा जमातमा हहै। 8. उपरगोक्तमानपुसमार वमाद कवे गपुर-दगोष पर कटप्परची ककयवे बगहैर यह अकग्रिम जममानत प्रमाररनमापत्र कनरस्त ककयमा जमातमा हहै। 9. इस वमाद मम यकद कगोई असिंतररम आदवेश हगो, तगो वह स्वततः सममाप्त समझमा जमाए। 10. आववेदक कनयकमत जममानत प्रमाररनमापत्र दमासखिल करनवे हवेतपु स्वतसिंत्र हहै एवसिं कमायमारलय कगो कनदरकशत ककयमा जमातमा हहै कक इस आदवेश ककी प्रकतसलकप ससिंबसिंसधत कवचमारर न्यमायमालय कगो अकवलरब प्रवेकषत करम। Order Date :- 8.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad